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Aviation: पायलट्स के नौकरी बदलने के मामले में एयर इंडिया सीईओ ने आकासा के सीईओ को लिखा था पत्र, कही थी ये बात
Tue, 31 Oct 2023 08:26 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 31 Oct 2023 08:26 PM IST
सार
Aviation: एयर इंडिया के सीईओ और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने अकासा एयर के सीईओ विनय दुबे को एक पत्र लिखा था। दुबे द्वारा 11 सितंबर को टाटा संस को लिखे गए पत्र के बाद 21 सितंबर को यह पत्र लिखा गया था। दुबे और विल्सन ने एक कॉल पर बात भी की थी।
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- फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
दो भारतीय विमानन कंपनियों एयर इंडिया और अकासा एयर के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के बीच पायलटों के मसले पर मतभेद चल रहा है। अकासा एयर के सीईओ ने एयर इंडिया पर अपने पायलटों को लुभाकर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। इसके जवाब में एयर इंडिया ने चिंता जताई है कि ऐसा करना पायलटों को नौकरी बदलने से रोकने के लिए मिलीभगत का सुझाव देकर प्रतिस्पर्धा कानूनों का संभावित रूप से उल्लंघन हो सकता है।
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पायलटों के मामले में एयर इंडिया ने अकासा एयर से कहा कि नियोक्ता को बदलने के कर्मचारियों के अधिकारों को सीमित करने के लिए किसी प्रतिस्पर्धी को सांठगांठ करने की याचिका देना प्रतिस्पर्धा कानून का संभावित उल्लंघन हो सकता है।
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एयर इंडिया के सीईओ और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने अकासा एयर के सीईओ विनय दुबे को एक पत्र लिखा था। दुबे द्वारा 11 सितंबर को टाटा संस को लिखे गए पत्र के बाद 21 सितंबर को यह पत्र लिखा गया था। दुबे और विल्सन ने एक कॉल पर बात भी की थी।
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विल्सन ने दो पन्नों के पत्र में एयर इंडिया एक्सप्रेस पर सीएआर (नागर विमानन आवश्यकता) का उल्लंघन करने के आरोपों के बारे में कहा कि सीएआर अदालतों के समक्ष है और डीजीसीए ने यह विचार व्यक्त किया था कि संबंधित प्रावधान वर्तमान में उन कार्यवाहियों में आदेशों के परिणामस्वरूप लागू करने योग्य नहीं है। उनका इशारा उस सीएआर की ओर था जिसमें एयरलाइन छोड़ते समय पायलटों के लिए नोटिस अवधि की जरूरत के बारे में बताया गया था।
अकासा एयर ने अपने कुछ पायलटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की थी, जिन्होंने एयरलाइन छोड़ दिया था और कथित तौर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस में शामिल हो गए थे। विल्सन ने पत्र में कहा, ''मैंने गौर किया कि अकासा के कर्मचारी अकासा के साथ अपने अनुबंध का पालन कर रहे हैं या नहीं, यह मुद्दा अकासा और उसके कर्मचारियों के बीच का मामला है।
विल्सन ने यह भी बताया कि अकासा एयर ने पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस, विस्तारा और कम से कम दो अन्य स्थानीय एयरलाइंस के पायलटों को लेकर इसी तरह की कार्रवाई की थी, भले ही अब सीएआर का हवाला दिया जा रहा हो। एयर इंडिया के प्रमुख ने पत्र में कहा, 'इसके अलावा, पिछले दो वर्षों में खुद इस तरह की कार्रवाई शुरू करने के बाद, यह हमारे लिए थोड़ा आश्चर्यजनक था कि अकासा अब इस प्रथा को आपत्तिजनक कहता है।
विल्सन और दुबे के बीच पत्र और पूर्व में हुई बातचीत के बारे में टिप्पणी के लिए संपर्क किए जाने पर अकासा एयर के प्रवक्ता ने कहा कि एयरलाइन ने इस मामले पर न्यायिक स्पष्टता की मांग की थी और यह मुद्दा अब पीछे छूट गया है।