फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   ICICI Prudential Mutual Fund Amar Ujala Smart Investor Series third webinar commodity etf investment in digital gold and Silver

स्मार्ट इन्वेस्टर सीरीज: डिजिटल गोल्ड और सिल्वर में कैसे करें निवेश? विशेषज्ञ चिंतन हरिया से जानें सबकुछ

Thu, 05 May 2022 08:32 PM IST
कुमार संभव बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Thu, 05 May 2022 08:32 PM IST
सार

चिंतन हरिया ने बताया कि ईटीएफ उन्हीं कंपनियों से किया जा सकता है, जो किसी न किसी तरीके से सोने-चांदी का कारोबार कर रहे हैं। जब आप किसी भी गोल्ड ईटीएफ में निवेश करते हैं तो ईटीएफ के यूनिट आपके डिमैट अकाउंट में आ जाते हैं।

विज्ञापन
ICICI Prudential Mutual Fund Amar Ujala Smart Investor Series third webinar commodity etf investment in digital gold and Silver
चिंतन हरिया और डॉ. मुनीश सभरवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत में अगर कोई सुरक्षित तरीके से निवेश करना चाहता है तो सोना और चांदी को बेहतर विकल्प मानता है। अब जमाना डिजिटल हो चुका है तो ट्रेंड भी डिजिटल गोल्ड और सिल्वर का आ गया है, लेकिन लोगों को इसमें निवेश करने का सही तरीका नहीं पता। ऐसे में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड व अमर उजाला की प्रस्तुति स्मार्ट इंवेस्टर श्रृंखला के तीसरे वेबिनार का आयोजन पांच मई को किया गया। इसका विषय 'कमोडिटी ईटीएफ: डिजिटल गोल्ड और सिल्वर में निवेश के अवसर' था। संचालन एमएंडए सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में निजी इक्विटी निवेश बैंकर डॉ. मुनीश सभरवाल ने किया। वहीं, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के प्रोडक्ट डिवेलपमेंट एंड स्ट्रैटजी हेड चिंतन हरिया ने लोगों को डिजिटल गोल्ड और सिल्वर में निवेश करने के टिप्स दिए। 

विज्ञापन

क्या होता है ईटीएफ यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड?

डॉ. मुनीश सभरवाल ने पूछा कि ईटीएफ यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड क्या होता है? यह म्युचुअल फंड से अलग कैसे होता है? चिंतन हरिया ने बताया कि हम सब जो पैसा कमाते हैं, उसे बचाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जो पैसा बच जाता है, उसे निवेश करने की कोशिश करते हैं। आप देख रहे हैं कि जैसे-जैसे मुद्रास्फीति की दर बढ़ रही है, अगर आपने पैसा अच्छी तरह से निवेश नहीं किया तो उस पैसे की खरीदने की क्षमता मुद्रास्फीति की वजह से कम होती जाती है। पहले लोग बीमा कराते थे और बैंक में पैसा जमा करते थे, लेकिन जैसे-जैसे विकल्प बढ़े तो म्युचुअल फंड्स में निवेश शुरू हो गया। 

उन्होंने कहा कि म्युचुअल फंड्स में एक्टिव फंड्स थे। फिर विश्व में हमने देखा कि पैसिव फंड्स होते हैं। लोगों ने अब डायरेक्ट इक्विटी में निवेश करना शुरू कर दिया है। भारत में अब दो करोड़ से बढ़कर आठ करोड़ डिमैट अकाउंट हो चुके हैं। दरअसल, ईटीएफ एक जरिया है, जिससे आप फाइनेंशल एसेट में निवेश कर सकते हैं। जैसे आप एक शेयर खरीदते या बेचते हैं, उसी तरह ईटीएफ में आप एक म्युचुअल फंड का यूनिट एक्सचेंज के ऊपर उसी मात्रा में खरीद या बेच सकते हैं। अगर आपने किसी कंपनी का शेयर खरीदा या बेचा होगा, वैसे ही आप म्युचुअल फंड एक्सचेंज के ऊपर खरीद या बेच सकते हैं। इसे ही एक्सचेंज ट्रेडेड फंड या ईटीएफ या इंडेक्स फंड्स कहा जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कितने तरह के होते हैं ईटीएफ?

चिंतन हरिया ने बताया कि ईटीएफ अलग-अलग तरीके के होते हैं। इक्विटी ईटीएफ होते हैं, जो इक्विटी शेयर के इंडेक्स होते हैं। उनमें निवेश करते हैं तो आपको इक्विटी का लाभ इक्विटी ईटीएफ से मिलता है। इसके अलावा डैट ईटीएफ होते हैं और कमोडिटी ईटीएफ होते हैं। 

विज्ञापन

क्या होता है कमोडिटी ईटीएफ? 

चिंतन हरिया ने कहा कि आज की चर्चा कमोडिटी ईटीएफ पर है, यानी कि सोना और चांदी। भारत में सोना और चांदी में भौतिक रूप से निवेश करते थे, लेकिन अब तक भौतिक रूप से निवेश करने में शुद्धता को लेकर संशय रहता है। अब सुनार के पास सोना-चांदी खरीदने पर बनवाई आदि पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। उस हिसाब से फाइनेंशियल मार्केट में गोल्ड ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ में आसान तरीके से निवेश कर सकते हैं। यह बिल्कुल वैसा ही है, जैसे कि आप कम मात्रा में शेयर खरीदते और बेचते हैं। उन्होंने बताया कि यह लंबी अवधि के लिए बचत और निवेश करने का आसान तरीका है। 

गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में क्या है फायदा?

चिंतन हरिया ने बताया कि ईटीएफ उन्हीं कंपनियों से किया जा सकता है, जो किसी न किसी तरीके से सोने-चांदी का कारोबार कर रहे हैं। जब आप किसी भी गोल्ड ईटीएफ में निवेश करते हैं तो ईटीएफ के यूनिट आपके डिमैट अकाउंट में आ जाते हैं। इस स्थिति में एसेट मैनेजमेंट कंपनी सोना खरीदकर वॉल्ट में रखती हैं, जिससे आपकी सुरक्षा को लेकर चिंता खत्म हो जाती है। इस तरह के मामलों में ग्राहक को सोने-चांदी के यूनिट मिल जाते हैं और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी एसेट मैनेजमेंट कंपनी की होती है। जैसे-जैसे सोने-चांदी के दाम बढ़ेंगे, उसी हिसाब से ग्राहक के सोने-चांदी की कीमतें भी बढ़ जाएंगी। 

हकीकत में सोना खरीदने या ईटीएफ करने में क्या अंतर है?

चिंतन हरिया ने बताया कि भौतिक रूप से जब हम सोना खरीदते हैं तो उसमें कई अड़चनें आ जाती है। लॉकडाउन के दौरान हम बाहर ही नहीं जा पाए और सुनार के पास ही नहीं पहुंच पाए, जिससे सोना रखा रह गया। हालांकि, अब दौर बदल गया है। अब हर घर में तकनीक दस्तक दे चुकी है। लोग मोबाइल एप के माध्यम से गोल्ड ईटीएफ खरीद सकते हैं। यहां आप 50-60 रुपये में सोने की यूनिट खरीद सकते हैं। इसमें यह फर्क नहीं पड़ता है कि आप बड़े निवेशक हो या छोटे। इसके माध्यम से आप घर बैठे ही सोने और चांदी में निवेश कर सकते हैं। 

ईटीएफ में कैसे होगा फायदा?

विशेषज्ञ की मानें तो कमोडिटी ईटीएफ के माध्यम से सोना खरीदने में काफी फायदा है। यहां आपको किसी भी तरह का मेकिंग चार्ज नहीं देना होता है। इसके अलावा सोने की सुरक्षा को लेकर भी परेशान नहीं होना पड़ता है। यहां भी सोने-चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं तो फायदा होना तय है। यहां सोने की शुद्धता की चिंता नहीं करनी पड़ती है। इसके अलावा थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सोना-चांदी खरीद सकते हैं। 10-15 साल बाद आप अपने हिसाब से सोना-चांदी बेचकर पैसा निकाल सकते हैं और उस वक्त की डिजाइन के हिसाब से आभूषण बनवा सकते हैं। 

क्या ईटीएफ से सोना खरीदने पर जीएसटी लगता है?

डॉ. मुनीश सभरवाल ने पूछा कि सुनार से सोना-चांदी खरीदने पर जीएसटी देना पड़ता है, जो लोगों को अखरता है। क्या ईटीएफ के माध्यम से सोना-चांदी खरीदने पर जीएसटी देना पड़ता है। चिंतन हरिया ने बताया कि ग्राहक को सोना-चांदी खरीदने और बेचने पर तीन पर्सेंट के हिसाब से जीएसटी देना पड़ता है। अगर कोई ग्राहक ईटीएफ के माध्यम से करीब एक किलो सोना खरीद लेता है और उसे बैंक में लेने जाता है तो उसे जीएसटी देना पड़ेगा। एक्सचेंज पर खरीदारी करने पर जीएसटी का ज्यादा बोझ नहीं पड़ता है।

ईटीएफ से कम से कम कितना सोना-चांदी खरीद सकते हैं?

चिंतन हरिया ने बताया कि ईटीएफ के माध्यम आप कम से कम एक यूनिट सोना खरीद सकते हैं, जो करीब एक ग्राम होता है। यहां आप एक-एक या दो-दो यूनिट करके धीरे-धीरे बड़ी मात्रा में सोना-चांदी खरीद सकते हैं। इसके उलट अगर आप सुनार के पास सोना खरीदने जाते हैं तो आपको 12 से 15 फीसदी बनवाई चार्ज देना पड़ता है। इसके अलावा जीएसटी अलग लगता है, जिससे खर्च बढ़ जाता है। इस वक्त सोने और चांदी ईटीएफ के लिए कई एप आ चुके हैं, जहां आप आराम से डिजिटल तरीके से सोना-चांदी खरीद सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed