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FD: एफडी पर ज्यादा ब्याज पाने का यह सही समय, तीन साल पैसा फिक्स्ड करना है फायदेमंद, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
Mon, 14 Aug 2023 04:27 AM IST
Jeet Kumar
अजीत सिंह, नई दिल्ली।
अजीत सिंह, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 14 Aug 2023 04:27 AM IST
सार
भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार तीसरी बार इस हफ्ते रेपो दर को 6.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है। दरों में वृद्धि एफडी निवेशकों के लिए बेहतर फैसला हो सकता था। हालांकि, केंद्रीय बैंक के ताजे फैसले से आने वाले समय में एफडी पर ब्याज दरें कम होने लगेंगी। लंबे समय के लिए पैसा फिक्स्ड करने के फायदे का गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
फायदेमंद है तीन साल का एफडी
विश्लेषकों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तीसरी बार दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से अभी भी समय है कि आप फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर ज्यादा ब्याज ले सकें। एफडी निवेश के लिए एक से तीन साल की समय सीमा को सबसे फायदेमंद अवधि माना जाता है।
हाल के समय में एफडी में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया, क्योंकि मई 2022 में जब आरबीआई ने रेपो दर में बढ़ोतरी शुरू की तो बैंकों ने भी लगातार ब्याज दरें बढ़ानी शुरू कर दी थी। पिछले 10 महीनों में केंद्रीय बैंक ने फरवरी 2023 तक 2.5 प्रतिशत रेपो दर में बढ़ोतरी की। इस दौरान फिक्स्ड डिपॉजिट की दरें भी 9 %तक पहुंच गईं थी। पिछले तीन बार से रेपो दर में कोई वृद्धि नहीं होने से बैंक अब एफडी पर मिलने वाले ब्याज में कटौती कर सकते हैं।
8.60%तक मिल रहा है ब्याज जमा पर
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक अभी भी 8.60 फीसदी ब्याज एफडी पर दे रहा है। इसकी वेबसाइट के मुताबिक, एक साल के जमा पर 6.85 फीसदी, एक साल से 15 माह तक के जमा पर 8.25 फीसदी और 15 माह से दो साल के जमा पर 8.50 प्रतिशत ब्याज दे रहा है। दो साल से तीन साल के जमा पर 8.60 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है। एक्सिस बैंक दो साल से 30 माह तक के जमा पर 7.20 फीसदी ब्याज दे रहा है। जबकि 13 महीने से ज्यादा पर 7.10 फीसदी और 30 माह से तीन साल के जमा पर 7 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। एचडीएफसी बैंक 4 साल से 55 महीने की अवधि पर 7.25 फीसदी ब्याज दे रहा है। आईसीआईसीआई बैंक 15 से 18 महीने की अवधि पर 7.10 प्रतिशत ब्याज दे रहा है।
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बैंकों के पास है भरपूर तरलता
बैंकों के एफडी पर दरों में कटौती से यह संकेत मिल रहा है कि वे आगे भी इसे जारी रखेंगे। एफडी दरें कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें रेपो दर, कर्ज और जमा के बीच भारी अंतर और बैंकों की तरलता प्रमुख हैं। जहां तक तरलता की बात है तो 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने के बाद बैंकों के पास भरपूर तरलता आ गई है। यही कारण है कि आरबीआई ने बैंकों से एक लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता वापस लेने का कदम उठाया है।
पिछले साल जब रेपो दर बढ़ रही थी, तब बैंकों का कर्ज 17 फीसदी बढ़ा था, जबकि जमा 10 फीसदी बढ़ा था। ऐसे में इस सात प्रतिशत के अंतर को पाटने के लिए बैंकों ने एफडी पर जमकर दरें बढ़ाईं थीं।
पांच बैंकों ने दरों में की कमी
पिछले 15 महीनों में बैंकों में जमा राशि पर औसत ब्याज दरों में लगातार वृद्धि देखी गई है। ऐसे में अब एफडी दरों में वृद्धि का युग समापन की ओर है। रेपो दर की यथास्थिति कायम रहने के साथ बैंक अब एफडी दरों को कम करने की सोच रहे हैं। पिछले दो महीनों के भीतर लगभग पांच बैंकों ने एफडी ब्याज दरों में कटौती की है।
एक्सिस बैंक ने 26 जुलाई से प्रभावी एफडी दरों में 0.10 प्रतिशत तक की कटौती की। दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पीएनबी ने भी जून में एफडी दरों को 0.05 प्रतिशत तक कम कर दिया था।
बैंक ऑफ इंडिया ने एक फीसदी तक घटाया ब्याज
बैंक ऑफ इंडिया एफडी पर ब्याज में कटौती में अग्रणी बनकर उभरा है। इसने एक प्रतिशत की कटौती की। ये संशोधित दरें 28 जुलाई से लागू हैं। इंडसइंड बैंक ने 5 अगस्त से एफडी दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 0.85 प्रतिशत की कमी की है। अन्य बैंक संभावित रूप से आगामी अवधि में एफडी ब्याज दरों को कम कर सकते हैं।
बैंक या कॉरपोरेट एफडी जोखिम के लिहाज से सर्वोत्तम है। ब्याज दरें आगे जाकर कम हो सकती हैं। ऐसे में अगर अभी ज्यादा ब्याज मिल रहा है तो एफडी कराने में भलाई है। -अर्चना पांडे, निवेश सलाहकार
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विश्लेषकों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तीसरी बार दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से अभी भी समय है कि आप फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर ज्यादा ब्याज ले सकें। एफडी निवेश के लिए एक से तीन साल की समय सीमा को सबसे फायदेमंद अवधि माना जाता है।
हाल के समय में एफडी में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया, क्योंकि मई 2022 में जब आरबीआई ने रेपो दर में बढ़ोतरी शुरू की तो बैंकों ने भी लगातार ब्याज दरें बढ़ानी शुरू कर दी थी। पिछले 10 महीनों में केंद्रीय बैंक ने फरवरी 2023 तक 2.5 प्रतिशत रेपो दर में बढ़ोतरी की। इस दौरान फिक्स्ड डिपॉजिट की दरें भी 9 %तक पहुंच गईं थी। पिछले तीन बार से रेपो दर में कोई वृद्धि नहीं होने से बैंक अब एफडी पर मिलने वाले ब्याज में कटौती कर सकते हैं।
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8.60%तक मिल रहा है ब्याज जमा पर
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक अभी भी 8.60 फीसदी ब्याज एफडी पर दे रहा है। इसकी वेबसाइट के मुताबिक, एक साल के जमा पर 6.85 फीसदी, एक साल से 15 माह तक के जमा पर 8.25 फीसदी और 15 माह से दो साल के जमा पर 8.50 प्रतिशत ब्याज दे रहा है। दो साल से तीन साल के जमा पर 8.60 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है। एक्सिस बैंक दो साल से 30 माह तक के जमा पर 7.20 फीसदी ब्याज दे रहा है। जबकि 13 महीने से ज्यादा पर 7.10 फीसदी और 30 माह से तीन साल के जमा पर 7 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। एचडीएफसी बैंक 4 साल से 55 महीने की अवधि पर 7.25 फीसदी ब्याज दे रहा है। आईसीआईसीआई बैंक 15 से 18 महीने की अवधि पर 7.10 प्रतिशत ब्याज दे रहा है।
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बैंकों के पास है भरपूर तरलता
बैंकों के एफडी पर दरों में कटौती से यह संकेत मिल रहा है कि वे आगे भी इसे जारी रखेंगे। एफडी दरें कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें रेपो दर, कर्ज और जमा के बीच भारी अंतर और बैंकों की तरलता प्रमुख हैं। जहां तक तरलता की बात है तो 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने के बाद बैंकों के पास भरपूर तरलता आ गई है। यही कारण है कि आरबीआई ने बैंकों से एक लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता वापस लेने का कदम उठाया है।
पिछले साल जब रेपो दर बढ़ रही थी, तब बैंकों का कर्ज 17 फीसदी बढ़ा था, जबकि जमा 10 फीसदी बढ़ा था। ऐसे में इस सात प्रतिशत के अंतर को पाटने के लिए बैंकों ने एफडी पर जमकर दरें बढ़ाईं थीं।
पांच बैंकों ने दरों में की कमी
पिछले 15 महीनों में बैंकों में जमा राशि पर औसत ब्याज दरों में लगातार वृद्धि देखी गई है। ऐसे में अब एफडी दरों में वृद्धि का युग समापन की ओर है। रेपो दर की यथास्थिति कायम रहने के साथ बैंक अब एफडी दरों को कम करने की सोच रहे हैं। पिछले दो महीनों के भीतर लगभग पांच बैंकों ने एफडी ब्याज दरों में कटौती की है।
एक्सिस बैंक ने 26 जुलाई से प्रभावी एफडी दरों में 0.10 प्रतिशत तक की कटौती की। दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पीएनबी ने भी जून में एफडी दरों को 0.05 प्रतिशत तक कम कर दिया था।
बैंक ऑफ इंडिया ने एक फीसदी तक घटाया ब्याज
बैंक ऑफ इंडिया एफडी पर ब्याज में कटौती में अग्रणी बनकर उभरा है। इसने एक प्रतिशत की कटौती की। ये संशोधित दरें 28 जुलाई से लागू हैं। इंडसइंड बैंक ने 5 अगस्त से एफडी दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 0.85 प्रतिशत की कमी की है। अन्य बैंक संभावित रूप से आगामी अवधि में एफडी ब्याज दरों को कम कर सकते हैं।
बैंक या कॉरपोरेट एफडी जोखिम के लिहाज से सर्वोत्तम है। ब्याज दरें आगे जाकर कम हो सकती हैं। ऐसे में अगर अभी ज्यादा ब्याज मिल रहा है तो एफडी कराने में भलाई है। -अर्चना पांडे, निवेश सलाहकार