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Health Accounts Survey: पांच वर्ष में स्वास्थ्य पर 17% कम हुआ जेब खर्च, सरकारी खर्च 13% बढ़ा
Wed, 26 Apr 2023 05:23 AM IST
गुलाम अहमद
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Wed, 26 Apr 2023 05:23 AM IST
सार
रिपोर्ट के अनुसार, हेल्थ केयर फाइनेंसिंग स्कीम्स द्वारा कुल वर्तमान स्वास्थ्य व्यय (2019-20) 5.93 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी करीब 12.14 फीसदी यानी 72,059 करोड़ रुपये रही जबकि राज्य सरकारों की हिस्सेदारी 20.03 फीसदी यानी 1,18,927 करोड़ रुपये रही।
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सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीते पांच साल में स्वास्थ्य पर 17 फीसदी तक जेब खर्च कम हुआ है जबकि स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च में करीब 13 (12.8) फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह जानकारी मंगलवार को जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य खाता 2019-20 रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि कुल जीडीपी में सरकारी स्वास्थ्य व्यय पर बढ़ोतरी हुई है।
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रिपोर्ट के अनुसार, 2014-15 की तुलना में कुल स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च 28.6 फीसदी से बढ़कर 2019-20 में 41.4 फीसदी दर्ज किया गया है। इसी अवधि में, सरकारी खर्च का शेयर 3.9 से बढ़कर 5.02 फीसदी रहा। इन्हीं पांच वित्तीय वर्ष में जेब खर्च भी 64.2 से घटकर 47.1 फीसदी रह गया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने रिपोर्ट पर कहा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 2011 में एक फ्रेमवर्क तैयार किया था जिसके आधार पर देश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य खाता रिपोर्ट तैयार की जाती है।
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12.14 फीसदी रही केंद्र सरकार की हिस्सेदारी... रिपोर्ट के अनुसार, हेल्थ केयर फाइनेंसिंग स्कीम्स द्वारा कुल वर्तमान स्वास्थ्य व्यय (2019-20) 5.93 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी करीब 12.14 फीसदी यानी 72,059 करोड़ रुपये रही जबकि राज्य सरकारों की हिस्सेदारी 20.03 फीसदी यानी 1,18,927 करोड़ रुपये रही।
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