GST Evasion: 5 वर्षों में ₹7.08 लाख करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई, वित्त राज्य मंत्री ने लोकसभा में दिए आंकड़े
GST Evasion: सरकार ने लोकसभा में बताया कि वित्त वर्ष 2025 में जीएसटी चोरी के 30,056 मामलों का पता चला। इनमें आधे से अधिक या 15,283 मामले आईटीसी धोखाधड़ी से संबंधित थे। इन मामलों में 58,772 करोड़ रुपये की कर चोरी की गई थी। सरकार की ओर से जीएसटी की चोरी पर लोकसभा में क्या कहा गया, आइए जानते हैं विस्तार से।
विस्तार
केंद्रीय जीएसटी के क्षेत्रीय अधिकारियों ने वित्त वर्ष 2024-25 तक पिछले पांच वर्षों में लगभग 7.08 लाख करोड़ रुपये की कर चोरी का पता लगाया है, इसमें लगभग 1.79 लाख करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की धोखाधड़ी भी शामिल है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में इससे जुड़े आंकड़े साझा किए। सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार अकेले वित्त वर्ष 2024-25 में, सीजीएसटी फील्ड अधिकारियों की ओर से 2.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) चोरी का पता लगाया गया है।
वित्त वर्ष 2025 में जीएसटी चोरी के 30056 मामले आए सामने
सरकार ने लोकसभा में बताया कि वित्त वर्ष 2025 में जीएसटी चोरी के 30,056 मामलों का पता चला। इनमें आधे से अधिक या 15,283 मामले आईटीसी धोखाधड़ी से संबंधित थे। इन मामलों में 58,772 करोड़ रुपये की कर चोरी की गई थी। वित्त वर्ष 2023-24 में सीजीएसटी फील्ड अधिकारियों की ओर से 2.30 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का पता लगाया गया। इसमें 36,374 करोड़ रुपये की आईटीसी धोखाधड़ी शामिल थी।
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वित्त वर्ष 2023 में लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का पता चला। ये 24,140 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी दावे से जुड़े थे। वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2021 में जीएसटी चोरी क्रमशः 73,238 करोड़ रुपये और 49,384 करोड़ रुपये रही। इसमें क्रमशः 28,022 करोड़ रुपये और 31,233 करोड़ रुपये की आईटीसी धोखाधड़ी शामिल है। पिछले पांच वर्षों (2020-21 से 2024-25) में, सीजीएसटी के क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा 91,370 मामलों में लगभग 7.08 लाख करोड़ रुपये की कुल जीएसटी चोरी पकड़ी गई। इस अवधि के दौरान स्वैच्छिक जमा के माध्यम से वसूले गए कर 1.29 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहे।
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केंद्र सरकार जीएसटी चोरी रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रही
कर चोरी के आंकड़ों में वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2025 के बीच 44,938 मामलों में लगभग 1.79 लाख करोड़ रुपये की आईटीसी धोखाधड़ी शामिल है। चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार और जीएसटीएन कर चोरी को रोकने के लिए विभिन्न कदम उठा रहे हैं, जैसे ई-इनवॉयसिंग के माध्यम से डिजिटलीकरण, जीएसटी एनालिटिक्स, सिस्टम-फ्लैग्ड मिसमैच के आधार पर आउटलायर्स को उजागर करना, कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी प्रदान करना और जांच के लिए रिटर्न का चयन करना और विभिन्न जोखिम मापदंडों के आधार पर ऑडिट के लिए करदाताओं का चयन करना।
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चौधरी ने निचले सदन में एक लिखित उत्तर में कहा, "ये उपाय राजस्व की सुरक्षा और कर चोरी करने वालों को पकड़ने में सहायक हैं।" संशोधित अनुमान (आरई) की तुलना में वास्तविक शुद्ध केंद्रीय जीएसटी संग्रह पर एक सवाल के जवाब में, चौधरी ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में शुद्ध सीजीएसटी संग्रह संशोधित अनुमान का 96.7 प्रतिशत था। सरकार ने बताया है कि शुद्ध सीजीएसटी में सीजीएसटी, एकीकृत जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर शामिल हैं। वित्त वर्ष 2025 में वास्तविक संग्रह 10.26 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि संशोधित अनुमान लगभग 10.62 लाख करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2024 में शुद्ध सीजीएसटी संग्रह 9.57 लाख करोड़ रुपये से अधिक था, जो संशोधित अनुमान 9.56 लाख करोड़ रुपये का 100.1 प्रतिशत था।