Gold Silver Price: दिल्ली में सोना 1000 रुपये टूटा, पांच सप्ताह के निचले स्तर पर भाव; जानिए चांदी की कीमतें
दिल्ली में सोने की कीमतों में 1,000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जो पांच सप्ताह का निचला स्तर है। मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में वृद्धि की आशंका ने सोने पर दबाव बढ़ाया। चांदी के दाम स्थिर रहे।
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दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमतों में 1,000 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट वैश्विक कमजोर रुझानों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण हुई। इसके साथ ही सोना पांच सप्ताह के निचले स्तर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले 7 अगस्त को भी सोने के दाम इसी स्तर पर थे।
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, चांदी की कीमतें लगातार दूसरे दिन 2,34,600 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर स्थिर रहीं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि वैश्विक संकेतों की कमजोरी के कारण मंगलवार को सोने में गिरावट आई। स्पॉट गोल्ड 4,300 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गया। यह एक महीने के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा था।
गांधी ने आगे कहा कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि से यह गिरावट आई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इससे फेडरल रिजर्व की इस सप्ताह की नीति बैठक में ब्याज दर में वृद्धि की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड की कमोडिटीज और करेंसी की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर के अनुसार, घरेलू बाजार में सोना पांच सप्ताह के निचले स्तर पर है। इस महीने सोने के दाम 3 फीसदी से अधिक गिर चुके हैं।
सोने की कीमतों में गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?
सोने की कीमतों में गिरावट के दो बड़े कारण कच्चा तेल और ट्रेजरी यील्ड हैं। सऊदी अरब द्वारा अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को हमलों के बाद बंद करने से लाखों बैरल प्रतिदिन आपूर्ति जोखिम में आ गई है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। यह ऐसे समय हुआ है जब वैश्विक आपूर्ति पहले से ही दबाव में है। तेल दरों में वृद्धि से मुद्रास्फीति का डर भी बढ़ रहा है।
क्या फेडरल रिजर्व की बैठक से सोने पर दबाव बढ़ेगा?
बाजार के भागीदार अब फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में वृद्धि की 92 फीसदी संभावना मान रहे हैं। यह जुलाई 2023 के बाद पहली ब्याज दर वृद्धि होगी। नार्वेकर ने कहा कि बुधवार को फेडरल रिजर्व के फैसले के साथ सोने पर दबाव बने रहने की उम्मीद है। विदेशी बाजारों में स्पॉट गोल्ड 22.28 अमेरिकी डॉलर यानी 0.52 फीसदी गिरकर 4,276.52 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी भी मामूली रूप से गिरकर 63.07 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गई।