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5800 का सोना डेढ़ दशक में पहुंचा 40 हजार के करीब, ऐसे हुई पुराने ग्राहकों की चांदी
Wed, 16 Oct 2019 08:17 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Wed, 16 Oct 2019 08:17 PM IST
सार
- धनतेरस-दिवाली पर मांग बढ़ने से और महंगा हो सकता है सोना
- पुराने गहनों पर मिलेगा दोहरा लाभ
- मुद्रीकरण योजना में जमा सोने पर
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स-- रोहित झा
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विस्तार
त्योहारों से पहले ही आसमान छू चुकीं सोने की कीमतें धनतेरस और दिवाली पर मांग बढ़ने से और चढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में नए आभूषण खरीदने के साथ उपभोक्ताओं के सामने पुराने सोने पर दोहरा लाभ कमाने का भी मौका है। केंद्र सरकार की स्वर्ण मुद्रीकरण योजना में पुराने सोने और आभूषणों को जमा कर बैंक से वर्तमान बाजार कीमत पर राशि ले सकते हैं। बैंक इस सोने की कीमत पर 2.5 फीसदी का ब्याज भी देंगे।
सरकार ने घरों में बंद पड़े सोने को अर्थव्यवस्था में लाने के लिए 2015 में स्वर्ण मुद्रीकरण योजना की शुरुआत की थी। इसमें ग्राहक को बिना सोना बेचे या गिरवी रखे ही पैसे उपलब्ध कराए जाते हैं। पहले इस योजना में न्यूनतम 500 ग्राम का सोना जमा कराना होता था, लेकिन सरकार ने इसमें बदलाव कर न्यूनतम सीमा 30 ग्राम कर दी है। अक्सर लोग कीमती आभूषणों को सुरक्षित रखने के लिए बैंक में लॉकर लेते हैं, जिस पर उन्हें भारी-भरकम शुल्क चुकाना पड़ता है। वहीं, मुद्रीकरण योजना में बैंक खुद आपके सोने की हिफाजत करेंगे और इस पर ब्याज भी देंगे।
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सरकार ने घरों में बंद पड़े सोने को अर्थव्यवस्था में लाने के लिए 2015 में स्वर्ण मुद्रीकरण योजना की शुरुआत की थी। इसमें ग्राहक को बिना सोना बेचे या गिरवी रखे ही पैसे उपलब्ध कराए जाते हैं। पहले इस योजना में न्यूनतम 500 ग्राम का सोना जमा कराना होता था, लेकिन सरकार ने इसमें बदलाव कर न्यूनतम सीमा 30 ग्राम कर दी है। अक्सर लोग कीमती आभूषणों को सुरक्षित रखने के लिए बैंक में लॉकर लेते हैं, जिस पर उन्हें भारी-भरकम शुल्क चुकाना पड़ता है। वहीं, मुद्रीकरण योजना में बैंक खुद आपके सोने की हिफाजत करेंगे और इस पर ब्याज भी देंगे।
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डेढ़ दशक में छह गुना फायदा
सोने की कीमतें पिछले 15 वर्षों में करीब छह गुना बढ़ चुकी हैं। मसलन, 2004 में जिस सोने का भाव 5,850 रुपये प्रति 10 ग्राम था, वह अभी 39,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। अगर किसी उपभोक्ता के पास 100 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत तब 58,500 रुपये थी, तो अब मुद्रीकरण योजना में उसे 3.94 लाख रुपये मिलेंगे और 3.35 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा होगा। इतना ही नहीं, बैंक इस राशि पर आपको 2.5 फीसदी का सालाना ब्याज भी अदा करेंगे।
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तीन साल बाद ले सकते हैं वापस
योजना के तहत बैंकों में जमा किए गए सोने को उपभोक्ता तीन साल बाद वापस ले सकते हैं। वैसे इस सोने को मध्यम अवधि में 5 से 7 साल और लंबी अवधि में 12 साल के लिए जमा किया जा सकता है। अगर आपने मध्यम अवधि में जमा किया है, तो तीन साल बाद बैंक से सोना वापस ले सकते हैं, जबकि लंबी अवधि में यह समय-सीमा पांच साल की है। छोटे उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए बैंक योजना के तहत 1.3 साल, 2.4 साल और 5 दिन के लिए भी सोना जमा करते हैं। सरकार ने जमा किए जाने वाले सोने की शुद्धता जांचने के लिए कलेक्शन एंड प्योरिटी टेस्टिंग सेंटर (सीपीटीसी) बनाए हैं।फायदे: एक नजर में
- पुराने सोने पर आज के बाजार मूल्य के हिसाब से मिलेगी पूंजी।
- बैंक में जमा किए गए सोने के बाजार मूल्य पर 2.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा।
- अपने गहनों और सोने को सुरक्षित बनाने के लिए बैंक में जमा करने का शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
- जमा सोने पर ब्याज के साथ ही टैक्स की बचत भी कर सकते हैं, क्योंकि पूंजीगत लाभ के रूप में मिलने वाला यह ब्याज आयकर से मुक्त होता है।