{"_id":"682a8b3b77b4767baa055728","slug":"fiis-make-record-investments-after-september-indian-markets-become-attractive-again-amid-global-tensions-2025-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Investment: सितंबर के बाद एफआईआई का रिकॉर्ड निवेश, वैश्विक तनाव के बीच फिर आकर्षक बना भारतीय बाजार","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Investment: सितंबर के बाद एफआईआई का रिकॉर्ड निवेश, वैश्विक तनाव के बीच फिर आकर्षक बना भारतीय बाजार
Mon, 19 May 2025 07:24 AM IST
शुभम कुमार
अजीत सिंह
अजीत सिंह
Published by: शुभम कुमार
Updated Mon, 19 May 2025 07:24 AM IST
सार
वैश्विक तनाव और अमेरिकी टैरिफ के बावजूद एफआईआई ने मई में 18,620 करोड़ का निवेश कर भारतीय बाजार में वापसी की है। यह सितंबर के बाद सबसे बड़ा निवेश है। शुक्रवार को एक दिन में 8,831 करोड़ के शेयर खरीदे गए, जिससे बाजार में तेजी लौटी है।
विज्ञापन
निवेश
- फोटो : Istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी टैरिफ और कई देशों के बीच चल रहे तनाव के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारतीय बाजार में लौट आए हैं। इन्होंने सितंबर के बाद से अब तक का सर्वाधिक 18,620 करोड़ रुपये का निवेश मई में किया है। इससे पहले सितंबर में 57,724 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। यही नहीं, 27 मार्च के बाद किसी एक दिन में शुक्रवार को रिकॉर्ड 8,831 करोड़ के शेयर खरीदे।
क्या कहते है आकड़ें?
आंकड़े बताते हैं कि एफआईआई ने जब भी भारतीय बाजार से पैसे निकाले हैं, बाजार में भारी गिरावट दिखी है और इनकी वापसी से तेजी आई है। पिछले साल सितंबर तक लगातार भारी निवेश के कारण बीएसई ने रिकॉर्ड 85,978 का आंकड़ा पार किया था। उसके बाद से जो भारी निकासी एफआईआई ने की, बाजार भी 14,000 अंक तक टूट गया। उदाहरण के तौर पर अक्तूबर में एफआईआई ने 94,017 करोड़ की निकासी की थी। 26 सितंबर को रिकॉर्ड बनाने वाला सेंसेक्स एक माह में ही 6,000 अंक से ज्यादा टूट गया।
ये भी पढ़ें:- बाजार: ऑपरेशन सिंदूर के बाद डिफेंस बना निवेश का नया भरोसा, शेयरों में 17% की छलांग; निवेशकों की बंपर कमाई
विज्ञापन
जनवरी में निकाले 78,000 करोड़
विदेशी निवेशकों ने जनवरी में 78,027 करोड़ निकाले और सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा गिरकर बंद हुआ। फरवरी में 34,574 करोड़ की निकासी हुई और सेंसेक्स 4,300 अंकों से ज्यादा गिर गया।
ये भी पढ़ें:- Mutual Funds: उम्र के हिसाब से बनाएं म्यूचुअल फंड में निवेश की सही रणनीति; आसान; स्मार्ट और लाभकारी विकल्प
अप्रैल व मई में सेंसेक्स की जोरदार वापसी
अप्रैल में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 4,223 करोड़ रुपये का निवेश किया। इससे बीएसई सेंसेक्स 2,600 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुआ। मई में अब तक इन निवेशकों ने 18,620 करोड़ रुपये का निवेश किया और सेंसेक्स 2,000 से ज्यादा बढ़कर बंद हुआ। दुनियाभर के बाजारों में अभी भी हालात बहुत अच्छे नहीं हैं। पर इस साल जनवरी से लेकर अब तक सेंसेक्स ने 4,000 अंकों से ज्यादा बढ़त हासिल की।
विज्ञापन
क्या कहते है आकड़ें?
आंकड़े बताते हैं कि एफआईआई ने जब भी भारतीय बाजार से पैसे निकाले हैं, बाजार में भारी गिरावट दिखी है और इनकी वापसी से तेजी आई है। पिछले साल सितंबर तक लगातार भारी निवेश के कारण बीएसई ने रिकॉर्ड 85,978 का आंकड़ा पार किया था। उसके बाद से जो भारी निकासी एफआईआई ने की, बाजार भी 14,000 अंक तक टूट गया। उदाहरण के तौर पर अक्तूबर में एफआईआई ने 94,017 करोड़ की निकासी की थी। 26 सितंबर को रिकॉर्ड बनाने वाला सेंसेक्स एक माह में ही 6,000 अंक से ज्यादा टूट गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें:- बाजार: ऑपरेशन सिंदूर के बाद डिफेंस बना निवेश का नया भरोसा, शेयरों में 17% की छलांग; निवेशकों की बंपर कमाई
विज्ञापन
जनवरी में निकाले 78,000 करोड़
विदेशी निवेशकों ने जनवरी में 78,027 करोड़ निकाले और सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा गिरकर बंद हुआ। फरवरी में 34,574 करोड़ की निकासी हुई और सेंसेक्स 4,300 अंकों से ज्यादा गिर गया।
ये भी पढ़ें:- Mutual Funds: उम्र के हिसाब से बनाएं म्यूचुअल फंड में निवेश की सही रणनीति; आसान; स्मार्ट और लाभकारी विकल्प
अप्रैल व मई में सेंसेक्स की जोरदार वापसी
अप्रैल में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 4,223 करोड़ रुपये का निवेश किया। इससे बीएसई सेंसेक्स 2,600 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुआ। मई में अब तक इन निवेशकों ने 18,620 करोड़ रुपये का निवेश किया और सेंसेक्स 2,000 से ज्यादा बढ़कर बंद हुआ। दुनियाभर के बाजारों में अभी भी हालात बहुत अच्छे नहीं हैं। पर इस साल जनवरी से लेकर अब तक सेंसेक्स ने 4,000 अंकों से ज्यादा बढ़त हासिल की।