{"_id":"682a7a926d6baccaee053715","slug":"make-the-right-strategy-for-investing-in-mutual-funds-according-to-your-age-news-in-hindi-2025-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mutual Funds: उम्र के हिसाब से बनाएं म्यूचुअल फंड में निवेश की सही रणनीति; आसान; स्मार्ट और लाभकारी विकल्प","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Mutual Funds: उम्र के हिसाब से बनाएं म्यूचुअल फंड में निवेश की सही रणनीति; आसान; स्मार्ट और लाभकारी विकल्प
Mon, 19 May 2025 05:56 AM IST
शुभम कुमार
कालीचरण, अमर उजाला
कालीचरण, अमर उजाला
Published by: शुभम कुमार
Updated Mon, 19 May 2025 05:56 AM IST
सार
आज की अनिश्चित दुनिया में स्मार्ट वित्तीय योजना बनाने में म्यूचुअल फंड महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। म्यूचुअल फंड सभी उम्र के निवेशकों को एसआईपी और इक्विटी से लेकर हाइब्रिड फंड तक के विविध प्रकारों के निवेश विकल्पों के जरिये धन कमाने का सरल एवं शक्तिशाली तरीका प्रदान करता है। पढ़िए ये रिपोर्ट-
विज्ञापन
म्यूचुअल फंड
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
म्यूचुअल फंड से बेहतर रिटर्न पाने के लिए जरूरी है कि उम्र के हिसाब से सही निवेश रणनीति बनाई जाए। उम्र बढ़ने के साथ म्यूचुअल फंड में निवेश के तरीके आपके बदलते जीवन चरणों और लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाने के लिए अनुकूल होने चाहिए।
उम्र 30 साल के आसपास हो तो
आपकी उम्र 30 साल के आसपास है, तो यह स्पष्ट लक्ष्यों के साथ निवेश शुरू करने का समय है। समय के साथ जल्द निवेश शुरू करने से आपको अपनी संपत्ति बढ़ाने के लिए चक्रवृद्धि का लाभ मिलता है। दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए इक्विटी फंड पर ध्यान दें। जोखिम क्षमता के आधार पर एसआईपी के जरिये करीब 70 फीसदी राशि लार्जकैप, फ्लेक्सी कैप या मिडकैप फंड में निवेश कर सकते हैं। अल्पकालिक लक्ष्यों के लिहाज से संतुलित पोर्टफोलियो के लिए डेट फंड में 20-30 फीसदी तक निवेश करें। एक से तीन साल के भीतर के लक्ष्यों के लिए शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड का इस्तेमाल करें। 3-5 साल के लक्ष्यों के लिए हाइब्रिड फंड का उपयोग करें।
ये भी पढ़ें:- FTA: दो चरणों में होगा भारत-यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता; एफटीए के लिए एक और दौर की वार्ता हुई पूरी
विज्ञापन
40 के दशक में हों तो
40 साल की उम्र के करीब वित्तीय प्राथमिकताएं बदलने लगती हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। जोखिम लेने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में अपने जोखिम को कम करते हुए इक्विटी निवेश को 60 फीसदी तक सीमित करें। शेष राशि को हाइब्रिड फंड में लगाएं, जो इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करता है। सेक्टोरल या स्मॉल मिडकैप फंड जैसे उच्च जोखिम वाले निवेश विकल्पों से बाहर निकलने पर विचार करें। अधिक डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड जोड़ें, जिसमें ईएलएसएस जैसे विकल्प शामिल हों, जिसमें रिटर्न बनाने के साथ टैक्स बचत का भी लाभ मिलता है।
50 के करीब होने पर
50 के दशक में लोग सेवानिवृत्ति के बारे में विचार करने लगते हैं। ऐसे में म्यूचुअल फंड में निवेश की रणनीति फंड की सुरक्षा और कम जोखिम वाली वृद्धि सुनिश्चित करने वाली होनी चाहिए। अपने फंड का 40-50 फीसदी हिस्सा ही इक्विटी में लगाएं। जब तक बाजार के उतार-चढ़ाव से सहज न हों, तब तक सेक्टोरल, मिडकैप या स्मॉलकैप फंड में निवेश से बचें। सरकारी प्रतिभूतियों में भी निवेश कर सकते हैं।
आप जब 60 के करीब हों
अगर आपकी उम्र 60 साल के करीब हो, तो पूंजी बढ़ाने की जगह उसकी सुरक्षा और नियमित आय कमाने पर होना चाहिए। लार्जकैप या बैलेंस्ड एडवांटेज फंड के जरिये इक्विटी में निवेश को 10-20 फीसदी तक सीमित रखें। महंगाई का भी ध्यान रखें। अपने फंड का 70-80 फीसदी हिस्सा डेट फंड में लगाएं। लिक्विड, शॉर्ट-ड्यूरेशन या गिल्ट फंड जैसे कम जोखिम वाले विकल्प चुनें, जो एफडी से बेहतर रिटर्न देते हैं। डेट या हाइब्रिड फंड से सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) पर विचार करें। यह मासिक पेंशन की तरह काम करता है।
ये भी पढ़ें:- Trade: 'द्विपक्षीय व्यापार शर्तों को अपने लाभ के लिए नहीं चुन सकता बांग्लादेश',सरकार ने कहा- उसे यह समझना होगा
समय-समय पर वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें
आसान पहुंच और पेशेवर प्रबंधन ने म्यूचुअल फंड की लोकप्रियता में उछाल ला दिया है। म्यूचुअल फंड में निवेश 2023 के 54 फीसदी से बढ़कर 2024 में 62 फीसदी पहुंच गया। ऐसे में आपकी पहली नौकरी से लेकर सेवानिवृत्ति तक, म्यूचुअल फंड को अपना सकते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि म्यूचुअल फंड में बने रहें। समय-समय पर अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें। यही स्थायी धन बनाने की कुंजी है। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार
विज्ञापन
उम्र 30 साल के आसपास हो तो
आपकी उम्र 30 साल के आसपास है, तो यह स्पष्ट लक्ष्यों के साथ निवेश शुरू करने का समय है। समय के साथ जल्द निवेश शुरू करने से आपको अपनी संपत्ति बढ़ाने के लिए चक्रवृद्धि का लाभ मिलता है। दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए इक्विटी फंड पर ध्यान दें। जोखिम क्षमता के आधार पर एसआईपी के जरिये करीब 70 फीसदी राशि लार्जकैप, फ्लेक्सी कैप या मिडकैप फंड में निवेश कर सकते हैं। अल्पकालिक लक्ष्यों के लिहाज से संतुलित पोर्टफोलियो के लिए डेट फंड में 20-30 फीसदी तक निवेश करें। एक से तीन साल के भीतर के लक्ष्यों के लिए शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड का इस्तेमाल करें। 3-5 साल के लक्ष्यों के लिए हाइब्रिड फंड का उपयोग करें।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें:- FTA: दो चरणों में होगा भारत-यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता; एफटीए के लिए एक और दौर की वार्ता हुई पूरी
विज्ञापन
40 के दशक में हों तो
40 साल की उम्र के करीब वित्तीय प्राथमिकताएं बदलने लगती हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। जोखिम लेने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में अपने जोखिम को कम करते हुए इक्विटी निवेश को 60 फीसदी तक सीमित करें। शेष राशि को हाइब्रिड फंड में लगाएं, जो इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करता है। सेक्टोरल या स्मॉल मिडकैप फंड जैसे उच्च जोखिम वाले निवेश विकल्पों से बाहर निकलने पर विचार करें। अधिक डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड जोड़ें, जिसमें ईएलएसएस जैसे विकल्प शामिल हों, जिसमें रिटर्न बनाने के साथ टैक्स बचत का भी लाभ मिलता है।
50 के करीब होने पर
50 के दशक में लोग सेवानिवृत्ति के बारे में विचार करने लगते हैं। ऐसे में म्यूचुअल फंड में निवेश की रणनीति फंड की सुरक्षा और कम जोखिम वाली वृद्धि सुनिश्चित करने वाली होनी चाहिए। अपने फंड का 40-50 फीसदी हिस्सा ही इक्विटी में लगाएं। जब तक बाजार के उतार-चढ़ाव से सहज न हों, तब तक सेक्टोरल, मिडकैप या स्मॉलकैप फंड में निवेश से बचें। सरकारी प्रतिभूतियों में भी निवेश कर सकते हैं।
आप जब 60 के करीब हों
अगर आपकी उम्र 60 साल के करीब हो, तो पूंजी बढ़ाने की जगह उसकी सुरक्षा और नियमित आय कमाने पर होना चाहिए। लार्जकैप या बैलेंस्ड एडवांटेज फंड के जरिये इक्विटी में निवेश को 10-20 फीसदी तक सीमित रखें। महंगाई का भी ध्यान रखें। अपने फंड का 70-80 फीसदी हिस्सा डेट फंड में लगाएं। लिक्विड, शॉर्ट-ड्यूरेशन या गिल्ट फंड जैसे कम जोखिम वाले विकल्प चुनें, जो एफडी से बेहतर रिटर्न देते हैं। डेट या हाइब्रिड फंड से सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) पर विचार करें। यह मासिक पेंशन की तरह काम करता है।
ये भी पढ़ें:- Trade: 'द्विपक्षीय व्यापार शर्तों को अपने लाभ के लिए नहीं चुन सकता बांग्लादेश',सरकार ने कहा- उसे यह समझना होगा
समय-समय पर वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें
आसान पहुंच और पेशेवर प्रबंधन ने म्यूचुअल फंड की लोकप्रियता में उछाल ला दिया है। म्यूचुअल फंड में निवेश 2023 के 54 फीसदी से बढ़कर 2024 में 62 फीसदी पहुंच गया। ऐसे में आपकी पहली नौकरी से लेकर सेवानिवृत्ति तक, म्यूचुअल फंड को अपना सकते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि म्यूचुअल फंड में बने रहें। समय-समय पर अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें। यही स्थायी धन बनाने की कुंजी है। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार