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EPFO: ईपीएफओ को लेकर आया बड़ा अपडेट, ईपीएस-95 में सुधार कर सकती है केंद्र सरकार
Thu, 28 Nov 2024 08:43 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 28 Nov 2024 08:43 PM IST
सार
EPFO News: फिलहाल ईपीएफओ के सदस्यों के वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) का 12 प्रतिशत ईपीएफ खाते में जाता है। वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत योगदान में से 8.33 प्रतिशत ईपीएस-95 में जाता है, जबकि शेष 3.67 प्रतिशत ईपीएफ खाते में जमा किया जाता है।
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ईपीएफओ
- फोटो : Istock
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विस्तार
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। श्रम मंत्रालय अधिक पेंशन के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सदस्यों को ज्यादा अंशदान की अनुमति दे सकता है। इसके लिए मंत्रालय कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) में सुधार करने पर विचार कर रहा है।
मौजूदा स्थिति
फिलहाल ईपीएफओ के सदस्यों के वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) का 12 प्रतिशत ईपीएफ खाते में जाता है। वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत योगदान में से 8.33 प्रतिशत ईपीएस-95 में जाता है, जबकि शेष 3.67 प्रतिशत ईपीएफ खाते में जमा किया जाता है।
श्रम मंत्रालय के एक सूत्र का कहना है कि, यदि सदस्य अपने ईपीएस-95 खाते में अधिक योगदान करते हैं तो उन्हें अधिक पेंशन मिलेगी। इसलिए, मंत्रालय ईपीएस में अधिक योगदान की अनुमति देने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। कर्मचारियों को संशोधित ढांचे के तहत पेंशन लाभ बढ़ाने के लिए ईपीएस-95 में योगदान करने की भी अनुमति दी जा सकती है।
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सूत्र ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा लाभ में सुधार के अलावा नरेन्द्र मोदी सरकार देश में रोजगार सृजन पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि अनुमान के अनुसार एक करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय से तीन से छह नौकरियों का सृजन होता है। सूत्र ने बताया कि 4.19 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और अनुमान है कि इससे 1.26 करोड़ से अधिक नौकरियां सृजित होंगी।
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मौजूदा स्थिति
फिलहाल ईपीएफओ के सदस्यों के वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) का 12 प्रतिशत ईपीएफ खाते में जाता है। वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत योगदान में से 8.33 प्रतिशत ईपीएस-95 में जाता है, जबकि शेष 3.67 प्रतिशत ईपीएफ खाते में जमा किया जाता है।
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श्रम मंत्रालय के एक सूत्र का कहना है कि, यदि सदस्य अपने ईपीएस-95 खाते में अधिक योगदान करते हैं तो उन्हें अधिक पेंशन मिलेगी। इसलिए, मंत्रालय ईपीएस में अधिक योगदान की अनुमति देने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। कर्मचारियों को संशोधित ढांचे के तहत पेंशन लाभ बढ़ाने के लिए ईपीएस-95 में योगदान करने की भी अनुमति दी जा सकती है।
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सूत्र ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा लाभ में सुधार के अलावा नरेन्द्र मोदी सरकार देश में रोजगार सृजन पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि अनुमान के अनुसार एक करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय से तीन से छह नौकरियों का सृजन होता है। सूत्र ने बताया कि 4.19 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और अनुमान है कि इससे 1.26 करोड़ से अधिक नौकरियां सृजित होंगी।