फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   18 per cent GST on recovered pay for employees while leaving job without serving notice period

नोटिस पीरियड के बगैर नौकरी छोड़ना पड़ेगा महंगा, रिकवरी में देना होगा 18 फीसदी GST

Thu, 14 Jan 2021 12:59 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Thu, 14 Jan 2021 12:59 PM IST
विज्ञापन
18 per cent GST on recovered pay for employees while leaving job without serving notice period
वस्तु एवं सेवा कर - फोटो : iStock

नौकरी मिलना जितना मुश्किल है, उतना ही मुश्किल उसे छोड़ना भी है। कोई भी नौकरी छोड़ने से पहले कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। आपको यह अच्छे से पता होना चाहिए कि नौकरी छोड़ने का क्या नतीजा हो सकता है। नोटिस पीरियड सर्व किए बिना आपको नौकरी छोड़ना आपको महंगा पड़ सकता है। गुजरात अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग के एक अहम फैसले के अनुसार, नोटिस पीरियड पूरा किए बिना नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारी से रिकवरी पर 18 फीसदी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) वसूला जाएगा। 

विज्ञापन


नोटिस पीरियड वो समय होता है जब आप इस्तीफा देकर कंपनी के प्रति अपनी जिम्मेदारी या फिर फर्ज निभाते हुए कुछ दिन और काम करते हैं। जीएसटी अथॉरिटी के ताजा फैसले के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी बिना नोटिस पीरियड पूरा किए नौकरी छोड़ता है, तो उसके फुल-एंड-फाइनल पेमेंट पर 18 फीसदी जीएसटी कट सकता है।
विज्ञापन


क्या है मामला?
दरअसल यह मामला अहमदाबाद की एक निर्यात कंपनी एम्नील फार्मास्यूटिकल्स (Amneal Pharma) के एक कर्मचारी से शुरू हुआ था। जीएसटी अथॉरिटी ने यह फैसला कंपनी के एक कर्मचारी के तीन महीने का नोटिस पीरियड सर्व किए बिना नौकरी छोड़ने पर सुनाया। मालूम हो कि नोटिस पीरियड को लेकर अलग-अलग कंपनियों के नियम भी अलग होते हैं। ज्यादातर कंपनियों में यह एक महीने से लेकर तीन महीने तक ही होता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस संदर्भ में GST अथॉरिटी ने अपने फैसले में कहा कि, 'यह रकम जीएसटी एक्ट के तहत कर्मचारी छूट के तहत नहीं है, लिहाजा नोटिस पीरियड पूरा ना करने की शर्त पर 18 फीसदी जीएसटी चुकाना होगा। यह चार्ज नोटिस की अवधि में पे की रिकवरी पर लगेगा।' प्राधिकरण ने इसे 'सहन ने करने वाला कृत्य' बताया और कहा कि राशि की वसूली निर्धारित नोटिस अवधि की सेवा के उल्लंघन के बदले में होगी। इतना ही नहीं, जीएसटी अधिनियम के मुताबिक, कर्मचारी छूट के तहत राशि को कवर नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed