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Vikram Chopra: 'कन्नड नहीं बोल पाते तो दिल्ली आ जाइए', सीईओ के अजीबोगरीब जॉब ऑफर से सोशल मीडिया पर मचा बवाल

Fri, 20 Dec 2024 03:32 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 20 Dec 2024 03:32 PM IST
सार

दिल्ली-एनसीआर स्थित एक कंपनी के सीईओ विक्रम चोपड़ा के पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। दरअसल, उन्होंने एक जॉब ऑफर के जरिए बंगलूरू के भाषा विवाद पर हल्के-फुल्के अंदाज में कटाक्ष किया, जिससे बवाल मच गया। 

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CEO's Hiring Post Sparks Controversy, Can't Speak Kannada? Come To Delhi
सीईओ विक्रम चोपड़ा - फोटो : एक्स/@vikramchopra

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर की कार्स24 नामक कंपनी के सीईओ विक्रम चोपड़ा के एक पोस्ट से सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। दरअसल, उन्होंने हायरिंग के लिए एक पोस्ट किया था। इसके जरिए उन्होंने बंगलूरू के भाषा विवाद पर तंज कसा और हिंदी बोलने वालों से दिल्ली आने की अपील की थी। 

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बंगलूरू में गैर कन्नड को होती है परेशानी
बंगलूरू में कन्नड़ भाषा को प्राथमिकता दिए जाने के कारण गैर-कन्नड़ भाषी लोगों को कई बार नकारात्मक अनुभव होते हैं। जैसे गैर-कन्नड़ भाषी लोगों को ऑटो रिक्शा ड्राइवर द्वारा सवारी से इनकार कर देते हैं, भाषा न बोलने के लिए दुकानों में अधिक पैसे वसूलने तक की कई घटनाएं आए दिन सामने आती रही हैं। 
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इस कंपनी के सीईओ ने किया विवाद खड़ा
इस बीच, दिल्ली-एनसीआर स्थित एक कंपनी के सीईओ के पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। Cars24 के सीईओ विक्रम चोपड़ा ने हायरिंग से संबंधित एक पोस्ट किया। इसके जरिए उन्होंने बंगलूरू के भाषा विवाद पर हल्के-फुल्के अंदाज में कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा है कि क्या सालों तक बंगलूरू में रहने के बाद भी कन्नड़ नहीं बोल पाए? कोई बात नहीं, आ जाओ दिल्ली।
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उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'कंपनी उन इंजीनियर्स को भर्ती करना चाहती है, जो 'घर के करीब' यानी दिल्ली-एनसीआर में काम करना चाहते हैं। हम यह नहीं कह रहे कि दिल्ली-एनसीआर बेहतर है। बस इतना कह रहे हैं कि यह सच में बेहतर है। अगर आप लौटना चाहते हैं, तो मुझसे vikram@cars24.com पर संपर्क करें। सब्जेक्ट लिखें - दिल्ली मेरी जान।'



सोशल मीडिया पर जमकर बवाल
कुछ लोगों ने इसे एक मजेदार भर्ती संदेश माना, जबकि कई अन्य ने इसे कन्नड़ का मजाक उड़ाने के रूप में आलोचना की। एक यूजर ने सवाल उठाया, 'क्या यह वास्तव में नौकरी के लिए बुलावा है? क्या आप केवल उत्तर भारतीयों/दिल्लीवासियों को अपनी टीम में चाहते हैं?'

कुछ लोगों ने दिल्ली को बेहतर बताने पर आपत्ति जताई और अपराध आंकड़ों को देखने की सलाह दी। एक अन्य व्यक्ति ने चोपड़ा के पुराने पोस्ट का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली के लोगों के बारे में आलोचना की थी। 

सीएम सिद्धारमैया ने क्या कुछ कहा था?
गौरतलब है, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पिछले साल जून में कर्नाटक में 'कन्नड़ वातावरण' को बढ़ावा देने की बात की थी। उन्होंने राज्य के सभी निवासियों से कन्नड़ बोलने की अपील की थी। सीएम ने कहा था, 'कन्नड़ भाषा, भूमि और पानी की रक्षा करना हर कन्नड़ की जिम्मेदारी है। कन्नड़ बोलना राज्य के सभी निवासियों के लिए एक सचेत निर्णय होना चाहिए, चाहे उनकी भाषाई पृष्ठभूमि कुछ भी हो।'


हालांकि, चोपड़ा के पोस्ट के समर्थकों ने बंगलूरू में रहने और काम करने के दौरान गैर-कन्नड़ भाषियों के सामने आने वाली चुनौतियों की स्वीकृति के रूप में इसका बचाव किया है।

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