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केंद्रीय मंत्रिमंडल से 1789 करोड़ की योजना मंजूर: जाम से मिलेगी राहत; अब ट्रैफिक प्रबंधन होगा 'इंटेलिजेंट'

Thu, 01 Oct 2026 06:40 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 01 Oct 2026 06:40 AM IST
सार

दिल्ली में जाम और बढ़ते वाहनों के बीच केंद्र ने 1,789.52 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। 42 प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था लागू होगी। तो कैसे बदलेगा दिल्ली का ट्रैफिक और कहां-कहां मिलेगी राहत? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 

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Cabinet Approves Rs 1,789 Crore Plan: Relief from Traffic Jams; Traffic Management to Go 'Intelligent'
ट्रैफिक जाम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी में लोगों को जल्द जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। दिल्ली में ट्रैफिक जाम और वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच केंद्र ने मौजूदा सड़क नेटवर्क को तकनीक के जरिये अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को दिल्ली पुलिस के लागू किए जाने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए 1,789.52 करोड़ रुपये मंजूर किए।
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसका मकसद रियल-टाइम ट्रैफिक डाटा, अडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल, ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट और इंटीग्रेटेड कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम के जरिये मौजूदा सड़क नेटवर्क का बेहतर और स्मार्ट तरीके से प्रबंधन करना है।
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यह व्यवस्था दिल्ली के 42 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर में तीन चरणों में लागू होगी। इसे 24 माह में स्थापित करने के बाद पांच साल तक संचालन किया जाएगा। वर्तमान में सिंगापुर, दुबई, लंदन, सिडनी और अमेरिका में आईटीएमएस का इस्तेमाल हो रहा है। दिल्ली में अभी 71 लाख पंजीकृत वाहन हैं। 
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एंबुलेंस के लिए मिल सकेगा ग्रीन कॉरिडोर
परियोजना के तहत इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता देना है। एंबुलेंस जैसे वाहनों के लिए आवश्यकता के मुताबिक ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा सकेगा, जिससे उन्हें जाम और डायवर्जन वाले हिस्सों से तेजी से निकालने में मदद मिलेगी।

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डायवर्जन, पार्किंग उपलब्धता की मिलेगी जानकारी
यात्रियों के लिए इसका फायदा कम अनावश्यक रुकावट, बेहतर ट्रैफिक प्रवाह के रूप में सामने आ सकता है। डिजिटल बोर्ड और अन्य प्लेटफॉर्म पर जाम, डायवर्जन, पार्किंग उपलब्धता और सड़क की मौजूदा स्थिति की जानकारी पहले से मिल सकेगी। पूरी व्यवस्था को ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से संचालित किया जाएगा। इससे ट्रैफिक प्रबंधन, नियम प्रवर्तन और यात्रियों को सूचना देने की व्यवस्था एक ही प्लेटफॉर्म पर आ जाएगी।

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ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट लोकेशन भी होंगी। इनके जरिये लाल बत्ती और स्टॉप लाइन तोड़ना, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, अवैध पार्किंग, हेलमेट या सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग जैसे उल्लंघनों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
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