49 घंटे फ्लाइट लेट होने पर एयर इंडिया ने प्रति यात्री को चुकाया 47 हजार रुपये हर्जाना
एयर इंडिया को अपनी एक फ्लाइट के 49 घंटे लेट होने पर यात्रियों को हर्जाना देना पड़ा। हालांकि पहले एयर इंडिया ने हर्जाना देने से इंकार कर दिया था, लेकिन बाद में यूरोपियन यूनियन के नियम के चलते उसे ऐसा करना पड़ा। हालांकि भारत में कोई भी विमानन कंपनी फ्लाइट के देरी से उड़ान भरने या फिर रद्द होने पर किसी तरह का मुआवजा नहीं देती हैं।
यह था पूरा मामला
एयर इंडिया की एक फ्लाइट 28 मई 2019 को लंदन से मुंबई आनी थी। विमान में कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते इसने 49 घंटे बाद उड़ान भरी। पहले एयर इंडिया ने केवल खेद प्रकट किया था, लेकिन बाद में उसे झुकना पड़ा और प्रत्येक यात्री को 600 यूरो (47700 रुपये) का हर्जाना देना पड़ा। यह अपनी तरह का पहला मामला है, जब किसी भारतीय विमानन कंपनी ने फ्लाइट के लेट होने पर जुर्माना चुकाया हो।
भारत में यात्री नहीं मांगते हैं हर्जाना
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि भारत में भी इस तरह का नियम है, लेकिन कोई भी यात्री इस तरह का हर्जाना नहीं मांगते हैं। पहली बार में एयर इंडिया ने यात्रियों से खेद जताते हुए यात्रियों से मांगते हुए कहा कि फ्लाइट के देरी से उड़ान भरने में उसकी कोई गलती नहीं है, क्योंकि विमान में तकनीकी खराबी आई थी।
यूरोपियन यूनियन के नियम 261/2004 के अनुसार अगर कोई फ्लाइट यूरोप से उड़ान भरती है और वो तीन घंटे से ज्यादा की देरी से दूसरे देश में लैंड होती है तो फिर यात्रियों को 600 यूरो का हर्जाना देना होगा। अभी तक हवाई कंपनी 55 यात्रियों को हर्जाना दे चुकी है, वहीं 30 यात्रियों का क्लेम प्रोसेस में है। हालांकि कंपनी ने 45 यात्रियों को हर्जाना देने से मना कर दिया है। इन 45 यात्रियों ने अमेरिका के हवाई अड्डे से उड़ान में सफर शुरू किया था। लंदन इस उड़ान का ट्रांजिट स्टॉप था।
एयर इंडिया ने की थी होटल, खाने की व्यवस्था
फ्लाइट लेट होने पर एयर इंडिया ने यात्रियों के लिए होटल और खाने की व्यवस्था भी की थी। इसके साथ ही यात्रियों को अन्य फ्लाइट का विक्लप भी दिया गया था। कंपनी के अनुसार केवल 7-8 फीसदी यात्रियों ने क्लेम लिया।