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Kenya: केन्या की अदालत से अदाणी समूह पर फैसला, 30 वर्षों तक एयरटपोर्ट का संचालन सौंपने के फैसले को रोका
Tue, 10 Sep 2024 11:28 AM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 10 Sep 2024 11:28 AM IST
सार
Kenya: मामले में आवेदक, केन्या लॉ सोसायटी के अध्यक्ष फेथ ओधिआम्बो के अनुसार, उच्च न्यायालय ने आदेश जारी कर मामले के निपटारे तक किसी भी व्यक्ति को अदाणी की ओर से निजी तौर पर शुरू किए गए प्रस्ताव को लागू करने या उस पर कार्रवाई करने से रोक लगा दी है।
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गौतम अदाणी।
- फोटो : ANI
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विस्तार
केन्या की एक अदालत ने भारत के अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड को अपने मुख्य हवाई अड्डे का संचालन 30 वर्षों तक करने की अनुमति देने की सरकारी योजना को मामले पर निर्णय आने तक निलंबित कर दिया।
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मामले में आवेदक, केन्या लॉ सोसायटी के अध्यक्ष फेथ ओधिआम्बो के अनुसार, उच्च न्यायालय ने आदेश जारी कर मामले के निपटारे तक किसी भी व्यक्ति को अदाणी की ओर से निजी तौर पर शुरू किए गए प्रस्ताव को लागू करने या उस पर कार्रवाई करने से रोक लगा दी है।
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अदाणी समूह की ओर से फिलहाल इस प्रकरण में कुछ नहीं कहा गया है। वकीलों के निकाय और केन्या मानवाधिकार आयोग जो एक गैर-सरकारी संगठन है, राजधानी नैरोबी में जोमो केन्याटा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को अदाणी समूह को पट्टे पर देने के सरकार के अधिकार को चुनौती दे रहे हैं क्योंकि यह संविधान का उल्लंघन है।
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उन्होंने अपने दस्तावेजों में कहा, "रणनीतिक और लाभदायक जेकेआईए को एक निजी संस्था को पट्टे पर देना तर्कहीन है" और यह "सुशासन, जवाबदेही, पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के विवेकपूर्ण और जिम्मेदार उपयोग" के संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।
पार्टियों का यह भी तर्क है कि सरकार और अडानी एयरपोर्ट के बीच 1.85 बिलियन डॉलर का सौदा “वहनीय नहीं है, इससे नौकरियां जाने का खतरा है, जनता को असंगत रूप से राजकोषीय जोखिम में डालता है, और करदाताओं के पैसे का कोई मूल्य नहीं देता है।” उनके दस्तावेजों के अनुसार, उनका दावा है कि केन्या जेकेआईए को 30 वर्षों के लिए पट्टे पर दिए बिना भी स्वतंत्र रूप से इसके विस्तार के लिए धन जुटा सकता है।