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विदेशी निवेशकों का भारत पर भरोसा कायम, नवंबर में किया रिकॉर्ड निवेश
Mon, 30 Nov 2020 10:33 AM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Mon, 30 Nov 2020 10:33 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) नवंबर में लगातार दूसरे महीने भारतीय बाजारों में शुद्ध निवेशक बने रहे। एफपीआई ने नवंबर में भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 62,951 करोड़ रुपये डाले हैं। इस दौरान एफपीआई ने शेयर बाजारों में रिकॉर्ड निवेश किया है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार एफपीआई ने नवंबर में शेयरों में शुद्ध रूप से 60,358 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
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तीन से 27 नवंबर के दौरान 62,951 करोड़ का निवेश
वहीं ऋण या बॉन्ड बाजार में उनका शुद्ध निवेश 2,593 करोड़ रुपये रहा है। इस तरह तीन से 27 नवंबर के दौरान एफपीआई ने भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 62,951 करोड़ रुपये का निवेश किया है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड द्वारा जब से एफपीआई के आंकड़े उपलब्ध कराए जा रहे हैं, शेयर बाजारों में निवेश का यह उनका सबसे ऊंचा स्तर है।
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उभरते बाजारों को प्राथमिकता
ग्रो के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि वैश्विक निवेशक विकसित बाजारों की तुलना में उभरते बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसकी वजह है कि उभरते बाजारों में उन्हें लाभ होने की अधिक संभावना है। जैन ने कहा, 'एफपीआई ने भारत में कुछ बड़ी कंपनियों में निवेश किया है। उनका ज्यादातर निवेश बैंकिंग क्षेत्र में आया है। ऐसे में उनका निवेश का प्रवाह कुछ शेयरों में केंद्रित है।'
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इसलिए भारतीय बाजारों में निवेश कर रहे हैं एफपीआई
मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, 'नवंबर में कुछ अनिश्चितताएं पीछे छूट गई हैं। इनमें से एक अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अनिश्चितता है।' श्रीवास्तव ने कहा कि विकसित बाजारों की तुलना में आकर्षक मूल्यांकन तथा डॉलर की कमजोरी की वजह से भी एफपीआई भारतीय बाजारों में निवेश कर रहे हैं।
क्या है एफपीआई?
बता दें कि जब एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक, किसी अन्य देश के उद्यम की निष्क्रिय होल्डिंग में निवेश करता है, यानी वित्तीय परिसंपत्ति में निवेश करता है, तो इसे एफपीआई के रूप में जाना जाता है।
2019 में एफपीआई ने डाले थे 73,276.63 करोड़ रुपये
साल 2019 में एफपीआई ने घरेलू बाजारों (शेयर और ऋण दोनों) में शुद्ध रूप से 73,276.63 करोड़ रुपये डाले थे। बता दें कि जनवरी, जुलाई और अगस्त को छोड़कर एफपीआई साल 2019 के शेष महीनों में शुद्ध लिवाल रहे हैं।