Well of Hell: नरक के इस कुएं में शैतानों के होने का किया जाता था दावा, जानिए क्या हुआ जब वैज्ञानिकों ने किया इसमें प्रवेश
आज हम बात करने वाले हैं नरक के कुएं के बारे में, जो यमन के बरहूत में स्थित है। इसे नरक का रास्ता भी कहा जाता है। ये जगह विश्व भर में काफी मशहूर है। कई लोगों का कहना है कि इस रहस्यमयी गड्ढे के अंदर पहले शैतानों को कैद किया जाता था।
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हमारी पृथ्वी पर ऐसी कई विचित्र जगहें हैं, जो अपने अनोखेपन के कारण देश दुनिया में काफी मशहूर हैं। इन स्थानों को लेकर कई रहस्यमयी किस्से कहानियां सुनने को मिलते हैं, जो इन्हें काफी चर्चित बना देते हैं। ये किस्से कहानियां इतने रोचक होते हैं कि उस जगह को लेकर जेहन में काफी उत्सुकता पैदा हो जाती है।
इसी कड़ी में आज हम बात करने वाले हैं नरक के कुएं के बारे में, जो यमन के बरहूत में स्थित है। इसे नरक का रास्ता भी कहा जाता है। ये जगह विश्व भर में काफी मशहूर है। कई लोगों का कहना है कि इस रहस्यमयी गड्ढे के अंदर पहले शैतानों को कैद किया जाता था। कुछ लोगों का ये तक मानना है कि इसके भीतर आज भी भूत रहते हैं। इन सब के परे हाल ही में वैज्ञानिकों की एक टीम ने इसके भीतर प्रवेश किया है। इसी सिलसिले में आइए जानते हैं कि नरक के कुएं के भीतर प्रवेश करने के बाद उन्हें क्या मिला?
ये रहस्यमयी जगह यमन के एक रेगिस्तान के बीच में स्थित है। इस जगह पर एक बहुत बड़ा कुआं है। लंबे समय से ये कुआं रहस्यमयी बना हुआ था। हाल ही में इस कुएं के भीतर ओमान के 8 लोगों की एक टीम ने प्रवेश किया। इसके भीतर प्रवेश करने के बाद उन्होंने ये जानने का प्रयास किया कि वास्तविकता में इस कुएं के अंदर क्या है?
लंबे समय से यहां के स्थानीय लोग इस बात को कहते आ रहे थे कि इस जगह पर जिन और भूत रहते हैं। गौरतलब बात है कि स्थानीय लोगों के अंदर इस जगह को लेकर इतना डर है कि वो इसके बारे में बात करने से भी डरते हैं।
जब वैज्ञानिकों की टीम ने कुएं के भीतर प्रवेश किया तो उनको किसी भी प्रकार का जिन और भूत उसमें देखने को नहीं मिला। हालांकि कुएं के अंदर सांप और गुफाओं वाले मोती जरूर थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये गड्ढा करीब 30 मीटर चौड़ा है और 100-250 मीटर तक इसकी गहराई है।
ओमान केव एक्सप्लोरेशन की टीम ने इसके भीतर प्रवेश करने के बाद उसे अच्छे से एक्सप्लोर किया। ओमान की जर्मन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर मोहम्मद अल किंदी बताते हैं कि गुफा के भीतर कई सांप थे, पर उन्होंने किसी पर हमला नहीं किया। गुफा की दीवारों पर कई बनावट भी दिखीं थीं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये गड्ढा लाखों साल पुराना है। इसमें काफी रिसर्च की जरूरत है। हालांकि गड्ढे के एकदम नीचे रोशनी नहीं पहुंचती है।