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वो कुत्ते जो कर चुके हैं अंतरिक्ष की सैर, धरती पर लौटते ही दुनियाभर में हो गए थे मशहूर

Thu, 09 Jan 2020 03:03 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Thu, 09 Jan 2020 03:03 PM IST
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Story of Space dogs belka and strelka the first dogs to survive in space
अंतरिक्ष की सैर करने वाले कुत्ते - फोटो : Pixabay/Social media

हम सुनते आए हैं कि किसी को बुरा-भला कहने के लिए अक्सर कुत्ते से तुलना की जाती है। मसलन, कुत्ता कहीं का, कुत्ते जैसी हरकत, कुत्ते की मौत मारूंगा...। ऐसे जुमलों ने कुत्ते जैसे वफादार जानवर को लेकर हमारे जहन में खराब नजरिया भर दिया है। मगर, इंसान की तरक्की में कुत्तों का बहुत योगदान रहा है। और आज अगर हम आप को ये बताएं कि कुत्तों ने ही इंसान की अंतरिक्ष में लंबी छलांग लगाने में मदद की, तो शायद आप यकीन न करें। तो चलिए आपको यकीन दिलाने के लिए पूरी कहानी सुनाते हैं। 



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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

किस्सा पचास और साठ के दशक का है। दूसरा विश्व युद्ध खत्म होते ही अमेरिका और सोवियत संघ में शीत युद्ध छिड़ गया था। अमेरिका ने पहले एटम बन बना लिया, तो सोवियत संघ अंतरिक्ष की रेस में अमेरिका को पछाड़ने में जुट गया। आज से करीब 62 साल पहले यानी तीन नवंबर, 1957 को सोवियत संघ ने स्पुतनिक 2 नाम का अंतरिक्षयान भेजा। असल में स्पुतनिक 1 की कामयाबी के बाद सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव ने अपने वैज्ञानिकों को एक महीने में एक कुत्ते को अंतरिक्षयान के साथ भेजने का निर्देश दिया था। इस हुक्म की तामील करने के चक्कर में वैज्ञानिकों ने ये सोचा ही नहीं कि इसकी वापसी कब होगी। 

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अंतरिक्ष में जाने वाली पहली कुतिया लाइका - फोटो : Social media

लाइका नाम की इस कुतिया को जब स्पुतनिक पर सवार किया गया तो वैज्ञानिकों को पता था कि वो इसे आखिरी बार जिंदा देख रहे हैं। लंदन के साइस म्यूजियम के डग मिलार्ड कहते हैं कि लाइका के लिए अंतरिक्ष की ये उड़ान वन-वे थी। जब स्पुतनिक 2 अंतरिक्ष में पहुंच गया तो सोवियत संघ ने दुनिया को इसकी कामयाबी को बढ़ा-चढ़ाकर बताया। ये बताया गया कि लाइका ने अंतरिक्ष में एक हफ्ते मजे में बिताए। ये बात तो 2002 में सामने आई कि लाइका की तो अंतरिक्ष में पहुंचने के सात घंटे के भीतर ही घबराहट और गर्मी से मौत हो गई थी। 

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अंतरिक्ष में जाने वाली पहली कुतिया लाइका - फोटो : Social media

सोवियत संघ के लिए स्पुतनिक 2 मिशन इंटरनेशनल स्तर पर बड़ी कामयाबी थी। लाइका पूरे देश में हीरो बन गई। स्पुतनिक की कामयाबी से साबित हो गया था कि स्पेस रेस में सोवियत संघ अमेरिका से बहुत आगे निकल गया था। ये काफी भारी अंतरिक्षयान था। इससे संदेश ये गया कि सोवियत संघ एटमी हथियार से लैस रॉकेट से अमेरिका पर निशाना लगा सकता था।  

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V2 रॉकेट (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

सोवियत संघ, अंतरिक्ष मिशन के शुरुआती दौर से ही कुत्तों को अंतरिक्ष के सफर पर भेजता रहा था, जब उनके हाथ जर्मन इंजीनियर वर्नहर वॉन ब्रॉन का फॉर्मूला लगा था। ब्रॉन के V2 रॉकेट की मदद से ये तजुर्बा किया जा रहा था। पहले तो धरती की कक्षा में यानी धरती का चक्कर लगाने के लिए यान भेजे जाते थे। ऐसे मिशन पर भेजे गए ज्यादातर जानवर जिंदा लौट आए थे। 

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