Zara Hatke: सैलरी स्लिप दिखाओ, शराब पाओ…, इस देश का नया नियम सुनकर लोग दंग रह गए, जानें
Viral: अब सऊदी में शराब खरीदने के लिए सैलरी स्लिप दिखानी पड़ती है, और यह सुविधा सिर्फ उन गैर-मुस्लिम विदेशियों को मिलेगी जिनकी महीने की आय 50,000 रियाल (करीब 11 लाख रुपये) या उससे ज्यादा है।
विस्तार
दुनिया के कई देशों में शराब से जुड़े नियम इतने अजीब होते हैं कि लोगों को पहली बार सुनकर ही हैरानी हो जाती है। कहीं शराब खरीदने पर सख्ती है, कहीं बेचने पर और कुछ जगह तो पीने तक के अपने अलग कायदे हैं। ऐसे ही एक नियम को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। वजह है एक मुस्लिम देश सऊदी अरब, जिसने हाल ही में शराब की बिक्री को लेकर अपने नियम और भी ढीले कर दिए हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह घटना
सबसे दिलचस्प बात यह है कि अब वहां शराब खरीदने के लिए लोगों को अपनी सैलरी स्लिप दिखानी होगी। और यह नियम हर किसी पर लागू नहीं है, बल्कि उन विदेशी गैर-मुस्लिम निवासियों पर, जिनकी मासिक आय कम से कम 50 हजार रियाल यानी करीब 11 लाख रुपये हो। मतलब साफ है। अमीर लोगों के लिए रास्ता खुला है, गरीबों के लिए नहीं।
अभी तक नहीं आया है आधिकारिक बयान
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रियाद में मौजूद जिस दुकान से शराब मिलती है, वह पहले सिर्फ विदेशों से आए राजनयिकों के लिए बनी थी। लेकिन बीते कुछ समय से वहां प्रीमियम रेजीडेंसी वाले गैर-मुस्लिम लोगों को भी शराब दी जा रही है। इस दौरान खरीदारों को शराब लेने से पहले यह साबित करना पड़ता है कि वे अच्छी-खासी आमदनी वाले हैं। हालांकि अभी तक सऊदी सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है।
क्या होता है ग्रीन कार्ड?
अब बात करते हैं प्रीमियम रेजीडेंसी प्रोग्राम की, जिसे लोग सऊदी ग्रीन कार्ड भी कहते हैं। यह योजना 2019 में शुरू की गई थी। इसके तहत ऐसे लोग जो पेशेवर हैं, बिजनेस करते हैं या निवेशक हैं, वे सऊदी अरब में लंबे समय तक रह सकते हैं, नौकरी कर सकते हैं और यहां तक कि संपत्ति भी खरीद सकते हैं। इसके लिए उम्र 21 साल से ज्यादा होनी चाहिए, मेडिकल टेस्ट पास करना होगा, कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और इतना पैसा होना चाहिए कि वह खुद और अपने परिवार का खर्च उठा सके।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
लेकिन अब इस नए शराब नियम के चलते सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। लोग तरह-तरह की राय दे रहे हैं। एक यूजर ने तंज कसा कि यह नियम सिर्फ अमीर लोगों को फायदा पहुंचाता है। दूसरे ने लिखा कि शराब की एक बोतल लेने के लिए आय का सबूत दिखाना बिल्कुल पागलपन है। तीसरे यूजर ने कहा कि गरीबों को शराब नहीं मिलना अजीब है। कुछ लोगों ने इसे साफ तौर पर “अमीरों के लिए कानून, गरीबों के लिए पाबंदी” वाली सोच बताया। एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया कि दशकों तक आम लोगों पर सख्त नियम लागू करने के बाद अब वही नियम पैसे वालों के हिसाब से बदल दिए जाते हैं।