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वो रहस्यमय ग्रह, जहां लगातार 355 साल से चल रहा है एक भयंकर तूफान

Tue, 11 Feb 2020 01:22 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Tue, 11 Feb 2020 01:22 PM IST
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interesting and mysterious facts of jupiter planet The Great Red Spot
बृहस्पति ग्रह - फोटो : Pixabay

बृहस्पति ग्रह का नाम तो आपने सुना ही होगा, जिसे हम 'गुरु' के नाम से भी जानते हैं। दरअसल, यह हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। यह ग्रह प्राचीन काल से ही खगोलविदों द्वारा जाना जाता रहा है। यह अनेक संस्कृतियों की पौराणिक कथाओं और धार्मिक विश्वासों के साथ जुड़ा हुआ है। रोमन सभ्यता ने अपने देवता 'जुपिटर' के नाम पर इस ग्रह का नाम रखा था। 

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बृहस्पति ग्रह - फोटो : Pixabay

बृहस्पति ग्रह पर बादल नारंगी और भूरे रंग के होते हैं, क्योंकि यह अमोनिया क्रिस्टल और अमोनियम हाइड्रो सल्फाइड के बने होते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि सूरज की पराबैंगनी किरणें पड़ने पर इन बादलों का रंग बदलता रहता है। 

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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay

अपने शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल के कारण बृहस्पति ग्रह को सौरमंडल का 'वैक्यूम क्लीनर' भी कहा जाता है, क्योंकि यह सौरमंडल के अन्य ग्रहों को बाहरी उल्कापिंडों के हमले से बचाता है और उन्हें अपनी ओर खींच लेता है। 

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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay

बृहस्पति पर एक दिन मात्र नौ घंटा और 55 मिनट का ही होता है। यह 333 दिन में सूर्य का एक चक्कर पूरा करता है, यानी पृथ्वी के 11.9 साल में बृहस्पति का एक साल होता है। 

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बृहस्पति ग्रह का 'द ग्रेट रेड स्पॉट' - फोटो : Pixabay

बृहस्पति ग्रह पर करीब 355 साल से लगातार एक भयंकर तूफान चल रहा है। बाहर से देखने पर यह तूफान एक लाल धब्बे की तरह नजर आता है, जिसे 'द ग्रेट रेड स्पॉट' कहते हैं। साथ ही यह भी कहा जाता है कि यह तूफान इतना बड़ा है कि इसमें तीन पृथ्वी आराम से समा जाए। बृहस्पति पर पहली बार इस तूफान को वर्ष 1665 में देखा गया है और उसके बाद देखा गया कि 1830 में भी यह तूफान जारी था। तब से वैज्ञानिक इसपर लगातार नजर रख रहे हैं। हालांकि वैज्ञानिक अब तक इसके बारे में पता नहीं लगा पाए हैं कि यह तूफान इतने लंबे समय तक कैसे बना हुआ है। 

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