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Zara Hatke: 140 साल बाद पानी से निकला 'भूतिया जहाज', देखकर खोजकर्ता भी रह गए दंग, बोले- यकीन करना मुश्किल

Wed, 17 Sep 2025 01:52 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Wed, 17 Sep 2025 01:52 PM IST
सार

Zara Hatke: एफजे किंग कोई छोटा-मोटा जहाज नहीं था। यह करीब 144 फुट लंबा था और इसमें तीन बड़े मस्तूल थे। इसे साल 1867 में ओहायो के टोलेडो शहर में बनाया गया था। जहाज का इस्तेमाल उस दौर में लोहे का सामान ढोने के लिए होता था।

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Ghost ship emerges from water after 140 years even explorers were stunned to see it Know the whole news here
प्रतिकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik.com

विस्तार

सोचिए कोई जहाज करीब 140 साल पहले डूब जाए और उसका कोई नामोनिशान न मिले। लोग वर्षों तक उसे भूतिया जहाज कहकर याद करें और अचानक एक दिन वो जहाज मिल जाए। ऐसा ही हुआ अमेरिका की मिशिगन झील में। यहां गोताखोरों और शोधकर्ताओं की टीम ने उस जहाज का मलबा खोज निकाला, जिसका नाम था एफजे किंग। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी दिलचस्प कहानी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं। 

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क्या है पूरी कहानी?
एफजे किंग कोई छोटा-मोटा जहाज नहीं था। यह करीब 144 फुट लंबा था और इसमें तीन बड़े मस्तूल थे। इसे साल 1867 में ओहायो के टोलेडो शहर में बनाया गया था। जहाज का इस्तेमाल उस दौर में लोहे का सामान ढोने के लिए होता था। 15 सितंबर 1886 का दिन इस जहाज के लिए आखिरी साबित हुआ। उस दिन एफजे किंग मिशिगन के एस्केनाबा से शिकागो जा रहा था। जहाज पर भारी मात्रा में लोहे का माल लदा था। सफर के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया। झील में 8 से 10 फीट ऊंची लहरें उठ रही थीं। कप्तान और उसकी टीम ने जहाज को बचाने की पूरी कोशिश की। वे घंटों तक जहाज से पानी निकालते रहे, लेकिन तूफान इतना तेज था कि जहाज संभल नहीं पाया। आखिरकार रात करीब 2 बजे जहाज डूब गया। खुशकिस्मती से कप्तान विलियम ग्रिफिन और उनकी टीम बच गई। उन्हें पास से गुजर रहे एक और जहाज ने मदद करके बाहर निकाल लिया। लेकिन एफजे किंग कहां डूबा, यह हमेशा रहस्य बना रहा।
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खोज कैसे हुई?
इस रहस्य को खत्म करने का काम ब्रैंडन बैलॉड और उनकी टीम ने किया। उन्होंने पुराने दस्तावेज खंगाले और एक लाइट हाउस कीपर की रिपोर्ट से सुराग मिला। इसके बाद उन्होंने सोनार मशीन का इस्तेमाल किया, जिससे पानी के अंदर जहाज को ढूंढना आसान हो गया और फिर 28 जून 2025 को जहाज का मलबा आखिरकार मिल ही गया। यह जगह उस जगह से करीब आधा मील दूर थी, जहां पहले अंदाजा लगाया जा रहा था।
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जहाज की हालत देखकर हैरानी
सबसे हैरानी की बात ये रही कि जहाज टूटा-फूटा नहीं था। लगभग पूरा जहाज आज भी सही सलामत है। हां उस पर अब समुद्री जीव और क्वागा मसल्स जम चुके हैं, लेकिन फिर भी जहाज को देखकर टीम दंग रह गई। उन्हें लगा था कि जहाज बुरी तरह से तबाह हो चुका होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले कुछ साल में कई और जहाजों की खोज हुई है। इसी साल यानी 2025 में तीन और जहाज मिले। 

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