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Viral News: जिंदा रहते शख्स ने निकाली अपनी अंतिम यात्रा, अर्थी पर लेटकर पहुंचा श्मशान, वजह कर देगी हैरान

Tue, 14 Oct 2025 05:03 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Tue, 14 Oct 2025 05:03 PM IST
सार

Viral News: बैंडबाजे और राम नाम सत्य है की गूंज के बीच मोहनलाल को फूल-मालाओं से सजी अर्थी पर मुक्तिधाम तक ले जाया गया। उनके पीछे पीछे ‘चल उड़ जा रे पंछी, अब देश हुआ बेगाना’ की धुन बज रही थी, जो माहौल को गमनीन बना रही थी।

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former armyman takes out his last journey while still alive reaches muktidham by lying on his bier
जिंदा रहते शख्स ने निकाली अपनी अंतिम यात्रा, अर्थी पर लेटकर पहुंचा श्मशान - फोटो : X

विस्तार

Viral News: सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। दरअसल, बिहार के गया में एक शख्स ने जिंदा रहते हुए अपनी शव यात्रा निकाली। यह अनोखा मामला जिले के गुरारू प्रखंड के कोंची गांव में सामने आया है। यहां पर वायु सेना के सेवानिवृत्त जवान 74 वर्षीय मोहनलाल ने जीवित रहते ही अपनी अंतिम यात्रा निकाली।

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बैंडबाजे और राम नाम सत्य है की गूंज के बीच मोहनलाल को फूल-मालाओं से सजी अर्थी पर मुक्तिधाम तक ले जाया गया। उनके पीछे पीछे ‘चल उड़ जा रे पंछी, अब देश हुआ बेगाना’ की धुन बज रही थी, जो माहौल को गमनीन बना रही थी। जीवित रहते सभी को अंतिम यात्रा का न्योता देने के कारण मोहनलाल चर्चा में आए गए। उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों में लोग शामिल हुए। मुक्तिधाम पहुंचने के बाद वह अर्थी से उठ गए और उनके स्थान पर प्रतीकात्मक पुतला जलाया गया।
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इस दौरान सभी तरह के नियम व विधि विधान का पालन किया गया। चिता जल जाने के बाद राख को नदी में प्रवाहित किया गया। मोहनलाल ने अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के लिए सामूहिक भोज का भी आयोजन किया। 
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आखिर क्यों किया ऐसा?

इस बारे में मोहनलाल ने बताया कि जब इंसान की मौत हो जाती है, तो यह देख नहीं पाता कि उनकी अंतिम यात्रा में कौन-कौन से लोग शामिल हुए। वह यह देखना चाहते थे कि उनकी अंतिम यात्रा में कौन-कौन शामिल होता है। उन्होंने कहा कि मरने के बाद लोग अर्थी उठाते हैं, लेकिन मैं चाहता था कि यह दृश्य मैं खुद देखूं और जान सकूं कि लोग मुझे कितना सम्मान और प्यार देते हैं। 

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मोहनलाल लंबे समय तक समाजसेवा से जुड़े रहे। सर्वोदय उच्च विद्यालय गुरारू में पढ़ाई करने के बाद गया में आगे की पढ़ाई की। मोहन लाल के दो पुत्र हैं, जिनमें एक पुत्र डॉ दीपक कुमार कलकत्ता में डॉक्टर हैं और दूसरा पुत्र विश्व प्रकाश 10 प्लस टू विद्यालय में हैं। एक लड़की गुड़िया कुमारी हैं, जो धनबाद में रहती हैं। मोहन लाल की पत्नी जीवन ज्योति का 14 साल पहले निधन हो गया था। 

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