Viral Video: सांड ने सड़क पर जा रही लैंबॉर्गिनी गाड़ी को कुचलकर किया चकनाचूर, देखने वालों की फटी रह गई आंखें
Viral Video: “सांड बनाम लैंबॉर्गिनी” वाला यह वीडियो इतनी तेजी से फैल गया कि कुछ ही समय में लाखों लोग इसे देख चुके थे। लोग इसे असली समझ बैठे और कमेंट्स में अपनी प्रतिक्रिया दी।
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विस्तार
यह सोशल मीडिया पर हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो बड़े सांड एक लग्जरी कार लैंबॉर्गिनी पर हमला करते दिख रहे हैं। वीडियो में कार का विंडस्क्रीन, बोनट और छत सब बुरी तरह टूटते दिख रहे हैं। पहली नजर में यह सीन इतने असली लगते हैं कि कोई भी सोच सकता है कि यह सच है। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। यह वीडियो पूरी तरह AI के जरिए बनाया गया है। तो आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट @aikalaakari पर पोस्ट किया गया था। इस अकाउंट पर पहले भी कई ऐसे वीडियो शेयर किए जा चुके हैं, जो असली लगते हैं लेकिन असल में कंप्यूटर जनरेटेड होते हैं। “सांड बनाम लैंबॉर्गिनी” वाला यह वीडियो इतनी तेजी से फैल गया कि कुछ ही समय में लाखों लोग इसे देख चुके थे। लोग इसे असली समझ बैठे और कमेंट्स में अपनी प्रतिक्रिया दी। किसी ने लिखा, “AI अब बहुत ज्यादा असली दिखने लगा है।” किसी ने मजाक में कहा, “जब घोड़े की ताकत और बैल की ताकत मिल जाए।” एक और यूजर ने लिखा, “ये दिखाता है कि भारत में लोग AI का इस्तेमाल किस तरह करेंगे।”
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वीडियो देख कुछ यूजर्स को हुई चिंता
लेकिन कुछ लोगों को यह वीडियो देखकर चिंता भी हुई। उनका मानना है कि अगर ऐसे वीडियो रोज बनाए जाने लगें तो असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाएगा। सोशल मीडिया पर इससे पहले भी कई एआई जेनरेटेड वीडियो वायरल हो चुके हैं। जैसे कुछ समय पहले एक वीडियो में दिखाया गया कि दर्जनों बड़े एनाकोंडा सांप नदी में तैर रहे हैं। ऊपर से हेलीकॉप्टर से ली गई यह फुटेज इतनी रियल लग रही थी कि लाखों लोग इसे असली मान बैठे। असल में ऐसे बड़े एनाकोंडा कभी नहीं होते और यह वीडियो भी पूरी तरह से AI की मदद से बनाया गया था।
वीडियो ने दागा सवालिया निशान
इन घटनाओं ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब AI की मदद से वीडियो इतनी असली लग सकते हैं तो आम इंसान कैसे पहचान पाएगा कि जो वह देख रहा है, वह सच है या झूठ? अब कोई भी व्यक्ति कंप्यूटर और AI टूल्स की मदद से बेहद यथार्थवादी वीडियो बना सकता है, जो हमारी आंखों को धोखा दे सकता है। इस तरह के एआई जेनरेटेड वीडियो हमें सतर्क रहने की सीख देते हैं। हमें यह समझना जरूरी है कि सोशल मीडिया पर जो कुछ भी दिखता है, वह हमेशा सच नहीं होता।