{"_id":"573854604f1c1b6c17ac6ff2","slug":"an-englishman-is-selling-jhalmuri-on-the-streets-of-london","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंदन की गलियों में एक अंग्रेज बेच रहा है कोलकाता की झालमुड़ी, मुंह में पानी आ जाएगा","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
लंदन की गलियों में एक अंग्रेज बेच रहा है कोलकाता की झालमुड़ी, मुंह में पानी आ जाएगा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 15 May 2016 10:05 PM IST
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कोलकाता की झालमुड़ी लंदन में हिट
- फोटो : thebetterindia.com
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लईया, मूंगफली, चना, नारियल, हरा धनिया, प्याज, उबले हुए आलू, आचार वाला तेल और कुछ नमकीनों की वैरायटी... लो तैयार हो गई कोलकाता की फेमस झालमुड़ी। क्यों, मुंह में पानी आ गया न? एक ऐसा इंडियन नाश्ता कि कहीं भी, कभी भी, किसी के लिए एक दम मुफीद और जायकेदार।
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झालमुड़ी के इसी जायके का चटकारा अब लंदन की गलियों में लग रहा है। कोई भारतीय नहीं, बल्कि एक अंग्रेज कोलकाता की झालमुड़ी को लंदन में खूब बेच रहा है। पेशे से बावर्ची एंगुस डीनोन झालमुड़ी के चटकारे से लोगों की स्माइल और अच्छे पैसे खूब कमा रहे हैं।
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एंगुस जब से कोलकाता होकर गए हैं, झालमुड़ी की रेसिपी भी साथ ले गए। इसका चटपटा स्वाद एंगुस को इतना भाया कि लंदन में बेचने की तैयारी कर ली। शुरूआत टेंपरेरी स्टॉल्स से की। आज की तारीख में एंगुस लंदन की गलियों में 'झालमुड़ी एक्सप्रेस' चलाते हैं।
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भेलपुरी की फेमिली से ताल्लुक रखने वाली झालमुड़ी के इंग्रीडिएंट्स की महक लोगों को अपनी ओर खींचकर ले आती है। यही वजह है कि अब लंदन के लोग इंतजार करते हैं कि कब झालमुड़ी एक्सप्रेस आएगी और उनको जायका बनाएगी।

अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ को दिए एक साक्षात्कार में एंगुस ने बताया कि पहले उन्हें ऐसी किचन में काम करना पड़ता था जहां दिन और रात का पता नहीं चलता था। न ही वहां धूप आती थी और न ही चंद्रमा की चांदनी। लेकिन झालमुड़ी को तैयार करना आसान है। इसको तैयार करने के लिए किसी किचन की जरूरत नहीं होती है। इसको एक जगह से दूसरी जगह ले जाना सरल है। हर कोई इसे पसंद करता है, किसी भी धर्म-समुदाय के लोग हों, सब इसे चाव से खाते हैं। ये उनकी धार्मिक भावनाओं को प्रभावित नहीं करती।
एंगुस बताते हैं कि जब उन्होंने झालमुड़ी बेचना शुरू किया तो पहले ही दिन उन्हें पता लग गया कि ये एक जबरदस्त डिश है। इसकी वजह ये भी है कि बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों यानी हर उम्र के लोग इसे खूब पसंद करते हैं।
झालमुड़ी की सफलता के बाद के एंगुस ने कुछ और बंगाली चटकारों को अपने मैन्यू में शामिल किया है। गुनी चाट, पुलचास, लस्सी, ढोकला और चाय भी बेच रहे हैं।
एंगुस ब्रिटेन में कई फूड फेस्टिवल्स में भी शिरकत कर चुके हैं।
एंगुस की मानें तो शुरू-शुरू में लंदन के लोग झालमुड़ी चखकर अजीब रिएक्शन देते थे लेकिन धीरे-धीरे झालमुड़ी ने सारे बैरियर तोड़ दिए, अब इसका चटपटा स्वाद उनकी जुंबा के रास्ते दिल तक उतर जाता है।
स्टोरी सोर्स-thebetterindia.com