श्रमिक स्पेशल ट्रेन में ढाई साल के बच्चे की मां की मौत, पटना हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
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मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन की यह तस्वीर रूह कंपाने वाली है। ढाई साल का यह बच्चा जो उस चादर से खेल रहा है जिससे उसकी मां का शव ढका गया है। इस बच्चे को क्या मालूम कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं है। वह तो बार-बार उस चादर को खींचने में ही व्यस्त है कि मां उठती क्यों नहीं... अब तो उठ जाओ मां। गुरुवार को इसे लेकर पटना हाईकोर्ट ने स्वत: ज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब मांगा।
राजद नेता तेजस्वी यादव के सहयोगी संजय यादव ने यह वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है और लिखा है कि चार दिन ट्रेन में भूखे-प्यासे रहने के कारण महिला की मौत हो गई। यादव ने सवाल उठाया कि ट्रेनों में हुई इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? हालांकि जीआरपी के अनुसार मृतका की बहन का कहना है कि महिला बीते एक साल से बीमार थी और उसकी मौत भोजन या पानी की कमी की वजह से नहीं हुई है।
छोटे बच्चे को नहीं मालूम कि जिस चादर के साथ वह खेल रहा है वह हमेशा के लिए मौत की गहरी नींद सो चुकी माँ का कफ़न है। 4 दिन ट्रेन में भूखे-प्यासे रहने के कारण इस माँ की मौत हो गयी। ट्रेनों में हुई इन मौतों का ज़िम्मेवार कौन? विपक्ष से कड़े सवाल पूछे जाने चाहिए कि नहीं?? pic.twitter.com/pdiaHuS9vf
विज्ञापन विज्ञापन— Sanjay Yadav (@sanjuydv) May 27, 2020
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो वादों और दावों की पोल खोल रहा है। मृतक महिला का नाम अरवीना खातून (35) था, जो कटिहार की रहने वाली थी। वह अपनी बहन और जीजा के साथ श्रमिक स्पेशल ट्रेन से अहमदाबाद से बिहार आ रही थी। बीते रविवार को उनकी ट्रेन चली थी।
लेकिन, ट्रेन में भोजन और पानी न मिल पाने की वजह से महिला की हालत खराब होने लगी। सोमवार दोपहर 12 बजे के आसपास महिला की ट्रेन में ही मौत हो गई। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर दोपहर तीन बजे जब ट्रेन पहुंची तब रेलवे पुलिस ने शव को उतार कर प्लेटफॉर्म पर रखा। यह तस्वीर भी तभी की है।
'भोजन-पानी की कमी नहीं बल्कि बीमारी से हुई मौत'
रेलवे पुलिस के मुताबिक घटना 25 मई की है। मधुबनी में महिला की मौत हो गई थी। जीआरपी के अनुसार महिला की बहन ने बताया है कि उसकी मौत भोजन या पानी की कमी की वजह से नहीं हुई बल्कि महिला पिछले एक साल से बीमार थी, लेकिन मृत्यु का सही कारण डॉक्टर ही बता सकेंगे।
वहीं, मुजफ्फरपुर के जिला मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर सिंह ने कहा है कि इस बात की सूचना मिली है कि 25 मई को एक महिला की चलती ट्रेन में मौत हो गई। वह कटिहार जा रही थी और उसका शव मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। उसे कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं। ट्रेन में भोजन या पानी की कोई कमी नहीं है।
We got information that a woman died on board a train on May 25.She was going to Katihar,her body was deboarded at Muzaffarpur station.She had some health issues.There's no problem of unavailability of food&water in trains:Chandrashekhar Singh,Muzaffarpur Dist Magistrate #Bihar pic.twitter.com/ftraTpOFKK
— ANI (@ANI) May 27, 2020
इसी स्टेशन पर चार साल के बच्चे की भी हुई थी मौत
बता दें कि लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न भागों में फंसे प्रवासी मजदूरों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से उनके घर पहुंचाया जा रहा है। ट्रेन में खाना-पानी न मिलने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। इससे पहले मुजफ्फरपुर स्टेशन पर सोमवार को ही चार साल के एक बच्चे की भी गर्मी और खाना न मिलने से मौत हो गई थी।
Patna High Court takes suo moto cognizance of a video showing a toddler trying to wake up his dead mother at Muzaffarpur railway station. The court asks Bihar Government to reply as to why such a thing happened.
— ANI (@ANI) May 28, 2020