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सुना हो बिहार के भैया: बिहार के चुनावी रण में शुरू हुई गीतों की जंग

Wed, 21 Oct 2020 06:18 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 21 Oct 2020 06:18 PM IST
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war of songs erupted in Bihar Election Battle
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

बिहार विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष हैं और सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। विपक्ष बता रहा है कि सरकार में क्या कमी है और सत्ता पक्ष कह रहा है कि अभी हम और क्या कर सकते हैं। वहीं, वादों और भाषणों के बीच गाने भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। पक्ष और विपक्ष दोनों इस तरीके को अचूक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। बुधवार को भाजपा ने दिल्ली से सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी भी चुनावी मैदान में उतरे और अपने एक प्रसिद्ध गाने को चुनावी रंग देते हुए जनता से अपील की कि सत्ता पक्ष में विश्वास बनाए रखें। 

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भाजपा ने अपना नया चुनावी गीत 'सुना हो बिहार के भैया' लॉन्च किया है। यह गाना करीब एक दशक पहले रिलीज हुई प्रसिद्ध फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के गीत 'जिया हो बिहार के लाला' का रूपांतरण है। फिल्म में भी यह गाना मनोज तिवारी ने ही गाया था। इस गीत में मनोज तिवारी जहां जनता से यह अपील कर रहे हैं कि वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में भरोसा बनाए रखे वहीं, इसे हाल ही में सवाल उठाते आए एक गीत 'बिहार में का बा...' का जवाब भी माना जा रहा है।
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करीब आठ मिनट लंबे इस गाने में मनोज तिवारी ने एनडीए शासन काल में राज्य में हुए विकास का बखान किया। तिवारी कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति यह पूछता है कि बिहार में का बा (बिहार में क्या है) तो उसे अपना चश्मा बदलने की जरूरत है। तिवारी ने इसमें एम्स, प्रबंधन संस्थान, अटल सेतु, सड़कें और एलईडी से जगमग गांव दिखाते हुए कहा है कि पिछले कुछ समय से बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है और जनता को काम करने वाली सरकार को आगे बढ़ाना चाहिए।
 

बिहार में का बा

बता दें कि इससे पहले मनोज बाजपेयी ने एक रैप गीत लॉन्च किया था जिसका नाम था 'मुंबई में का बा', सोशल मीडिया पर इस गीत को लोगों ने हाथों हाथ लिया था। बाजपेयी के इस गीत से प्रेरणा लेकर कैमूर जिले की रहने वाली नेहा सिंह राठौर ने भी इसी तर्ज पर 'बिहार में का बा' गीत बनाया था। इस गीत में उन्होंने राज्य की स्थिति पर सवाल उठाए थे और कहा था कि 15 साल के सुशासन के बाद भी बिहार में बहुत कुछ करना बाकी है। राठौर के इस गीत को काफी पसंद किया गया था।





 

'का बा' का जवाब

वहीं, राठौर के इस गीत के जवाब में बिहार की लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने एक वीडियो जारी करके बताया है कि मिथिला के साथ बिहार बढ़ रहा है। वीडियो में उन्होंने बताया कि दरभंगा में हवाई अड्डे के साथ एम्स अस्पताल बना है। इससे दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू ज्यादा दूर नहीं रह गया है। पहले झोपड़ियों में स्कूल चलता था और अब पक्की इमारतों में चल रहा है। सड़क और 24 घंटे बिजली मिलती है। मैथिली कहती हैं कि आकर देखिए मिथिला में क्या-क्या नहीं है।



नेहा सिंह राठौर के गीत की एक पंक्ति है 'रोजगार देबा कि करबा ड्रामा, कुरसी तोहार बाप के ना ह' (आप रोजगार के लिए कुछ करेंगे या ड्रामा ही करते रहेंगे, सत्ता आपकी पारिवारिक विरासत नहीं है)। यह पंक्ति बताती है कि बिहार का युवा क्या सोच रख रहा है। हालांकि, इन गीतों का चुनाव पर क्या असर पड़ेगा यह तो भविष्य ही बताएगा, लेकिन गीतों की इस जंग ने बिहार चुनाव को और रोचक जरूर बना दिया है। 
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