सुना हो बिहार के भैया: बिहार के चुनावी रण में शुरू हुई गीतों की जंग
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बिहार विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष हैं और सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। विपक्ष बता रहा है कि सरकार में क्या कमी है और सत्ता पक्ष कह रहा है कि अभी हम और क्या कर सकते हैं। वहीं, वादों और भाषणों के बीच गाने भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। पक्ष और विपक्ष दोनों इस तरीके को अचूक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। बुधवार को भाजपा ने दिल्ली से सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी भी चुनावी मैदान में उतरे और अपने एक प्रसिद्ध गाने को चुनावी रंग देते हुए जनता से अपील की कि सत्ता पक्ष में विश्वास बनाए रखें।
भाजपा ने अपना नया चुनावी गीत 'सुना हो बिहार के भैया' लॉन्च किया है। यह गाना करीब एक दशक पहले रिलीज हुई प्रसिद्ध फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के गीत 'जिया हो बिहार के लाला' का रूपांतरण है। फिल्म में भी यह गाना मनोज तिवारी ने ही गाया था। इस गीत में मनोज तिवारी जहां जनता से यह अपील कर रहे हैं कि वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में भरोसा बनाए रखे वहीं, इसे हाल ही में सवाल उठाते आए एक गीत 'बिहार में का बा...' का जवाब भी माना जा रहा है।
आवा हो बिहार के भैया,
— BJP (@BJP4India) October 21, 2020
दीदी-चाची, बाबू-मैया,
एक बेर फेर जोर लगा के,
अटल-मोदी के नाम गुंजा के,
NDA के राज बना के,
गौरवशाली आपन बिहार के,
'आत्मनिर्भर' बनाई जां,
प्रगति के पथ पर बढ़ी जां,
विकसित राज्य बनाई जां! pic.twitter.com/2awmHi4ftd
करीब आठ मिनट लंबे इस गाने में मनोज तिवारी ने एनडीए शासन काल में राज्य में हुए विकास का बखान किया। तिवारी कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति यह पूछता है कि बिहार में का बा (बिहार में क्या है) तो उसे अपना चश्मा बदलने की जरूरत है। तिवारी ने इसमें एम्स, प्रबंधन संस्थान, अटल सेतु, सड़कें और एलईडी से जगमग गांव दिखाते हुए कहा है कि पिछले कुछ समय से बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है और जनता को काम करने वाली सरकार को आगे बढ़ाना चाहिए।
बिहार में का बा
Have you seen it yet or not?? Dekhiye dekhiye!!!! @anubhavsinha @itsBhushanKumar @TSeries@BenarasM @AnuraagPsychaea @DrsagarJNU @BenarasB #BambaiMainKaBa pic.twitter.com/jTXlZbJKfD
— manoj bajpayee (@BajpayeeManoj) September 10, 2020
ला सुना जवाब... का बा बिहार में? pic.twitter.com/L7AW4UyhqZ
— Neha Singh Rathore (@NehaFolksinger) October 15, 2020
'का बा' का जवाब
#BiharMeKaBa part 1
— Maithili Thakur (@maithilithakur) October 16, 2020
Penned by: Dr. Chandramani Jha Ji#BiharElections pic.twitter.com/D0BOtfmUGl
नेहा सिंह राठौर के गीत की एक पंक्ति है 'रोजगार देबा कि करबा ड्रामा, कुरसी तोहार बाप के ना ह' (आप रोजगार के लिए कुछ करेंगे या ड्रामा ही करते रहेंगे, सत्ता आपकी पारिवारिक विरासत नहीं है)। यह पंक्ति बताती है कि बिहार का युवा क्या सोच रख रहा है। हालांकि, इन गीतों का चुनाव पर क्या असर पड़ेगा यह तो भविष्य ही बताएगा, लेकिन गीतों की इस जंग ने बिहार चुनाव को और रोचक जरूर बना दिया है।