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बिहार: सामने आई वायरल तस्वीर के पीछे की सच्चाई! डीएम और ग्रामीणों के दावे अलग-अलग
Fri, 19 Jul 2019 08:59 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 19 Jul 2019 08:59 AM IST
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक बच्चे के शव की तस्वीर सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही है। जिसे लेकर यह दावा किया जा रहा है कि उसकी मौत बाढ़ के पानी में डूबने से हुई है। बाढ़ की विभीषिका से आम जनता को बचाने में नाकाम रहने पर विपक्ष भी राज्य सरकार पर हमलावर है।
इस तस्वीर को लेकर अब नया खुलासा हुआ है। जांच में पता चला कि यह तस्वीर बिहार के मुजफ्फपुर जिले के मीनापुर प्रखंड के रानीखेड़ा पंचायत के शीतलपट्टी गांव की है। बच्चे की मौत बागमती नदी में डूबने से हुई है लेकिन प्रशासन ने बाढ़ में डूबने से मौत के दावे को खारिज कर दिया है।
मुजफ्फपुर के डीएम आलोक रंजन घोष ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों और हादसे में बची महिला की सात साल की बच्ची ने जो बताया उसके अनुसार बच्चे की मौत के पीछे बाढ़ नहीं है बल्कि यह एक आपराधिक मामला है। यह घटना 16 जुलाई 2019 को घटित हुई।
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जहां शत्रुघ्न राम की पत्नी रीना देवी फोन पर पति से बात करते समय किसी मुद्दे पर अनबन हो जाने पर अपने चार बच्चों को पानी में धक्का देकर खुद भी कूद गई। महिला का पति शत्रुघ्न राम पंजाब में नौकरी करता है। चार बच्चों में एक की उम्र तीन माह, दूसरे की पांच साल और तीसरे की बारह साल थी, जबकि चौथी सात साल की बच्ची थी।
चार बच्चों में से सात साल की बच्ची और महिला को डूबने से बचा लिया गया जबकि बाकी तीन बच्चों की मौत हो गई। डीएम ने बताया कि यह घटना बागमती नदी की जरूर है लेकिन यह पूरी तरह से मानव निर्मित और आपराधिक षड़यंत्र के तहत हत्या का प्रयास है।
इस मामले में पुलिस ने रीना देवी के खिलाफ एक प्राथमिकी भी दर्ज की है। जबकि रीना के पति शत्रुघ्न राम ने कहा कि रीना चमकी बुखार से पीड़ित थी जिससे उसकी दिमागी हालत सही नहीं थी।
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इस तस्वीर को लेकर अब नया खुलासा हुआ है। जांच में पता चला कि यह तस्वीर बिहार के मुजफ्फपुर जिले के मीनापुर प्रखंड के रानीखेड़ा पंचायत के शीतलपट्टी गांव की है। बच्चे की मौत बागमती नदी में डूबने से हुई है लेकिन प्रशासन ने बाढ़ में डूबने से मौत के दावे को खारिज कर दिया है।
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मुजफ्फपुर के डीएम आलोक रंजन घोष ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों और हादसे में बची महिला की सात साल की बच्ची ने जो बताया उसके अनुसार बच्चे की मौत के पीछे बाढ़ नहीं है बल्कि यह एक आपराधिक मामला है। यह घटना 16 जुलाई 2019 को घटित हुई।
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जहां शत्रुघ्न राम की पत्नी रीना देवी फोन पर पति से बात करते समय किसी मुद्दे पर अनबन हो जाने पर अपने चार बच्चों को पानी में धक्का देकर खुद भी कूद गई। महिला का पति शत्रुघ्न राम पंजाब में नौकरी करता है। चार बच्चों में एक की उम्र तीन माह, दूसरे की पांच साल और तीसरे की बारह साल थी, जबकि चौथी सात साल की बच्ची थी।
चार बच्चों में से सात साल की बच्ची और महिला को डूबने से बचा लिया गया जबकि बाकी तीन बच्चों की मौत हो गई। डीएम ने बताया कि यह घटना बागमती नदी की जरूर है लेकिन यह पूरी तरह से मानव निर्मित और आपराधिक षड़यंत्र के तहत हत्या का प्रयास है।
इस मामले में पुलिस ने रीना देवी के खिलाफ एक प्राथमिकी भी दर्ज की है। जबकि रीना के पति शत्रुघ्न राम ने कहा कि रीना चमकी बुखार से पीड़ित थी जिससे उसकी दिमागी हालत सही नहीं थी।
गांववालों का दावा अलग
वहीं गांववालों ने इस घटना के बारे में बताया कि रीना कपड़े धोने और नहाने बागमती नदी के किनारे आई थी। जब वह पानी में उतरकर कपड़े धो रही थी तभी उसका तीन महीने का बेटा पानी में गिर गया। उसे बचाने के लिए रीना भी पानी में उतर गई। उसे देख उसके बाकी तीन बच्चे भी बागमती की धारा में कूद पड़े।
घाट पर मौजूद लोगों के शोर मचाने पर गांववालो ने रीना औ उसके बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे तीन बच्चों को नहीं बता पाए।
घाट पर मौजूद लोगों के शोर मचाने पर गांववालो ने रीना औ उसके बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे तीन बच्चों को नहीं बता पाए।