जदयू के दो विधान परिषद सदस्यों पर गिरी गाज
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पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में जदयू के दो बागी विधान पार्षदों की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बुधवार की शाम मामले पर फैसला सुनाते हुए विधान पार्षद नरेंद्र सिंह व सम्राट चौधरी की सदस्यता रद्द कर दी है।
पिछले एक महीने में यह दूसरा मौका है, जब जदयू का दामन छोड़ हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) का हाथ थामने वाले बागियों पर कार्रवाई की गई है। सभापति ने जिन दोनों की सदस्यता बुधवार को समाप्त की, वे दोनों पूर्व में नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
इससे पहले कई बार सभापति की सुनवाई में ये लोग गैरहाजिर रहे हैं। सदस्यता समाप्त होने के बाद सम्राट चौधरी ने प्रतिक्रिया देते हुए बस इतना कहा कि वह धर्म के साथ हैं।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते हटाया गया
दोनों की सदस्यता समाप्त किए जाने के बाद एक बार फिर से बिहार की राजनीति गरमा गई है। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सभापति के निर्णय को उचित करार देते हुए न्यायसंगत बताया है।
दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल के नेता प्रेम कुमार ने कहा कि सभापति का यह फैसला दबाव में लिया गया फैसला है। इस पर दोबारा विचार होना चाहिए। वहीं हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने इसे हिटलरशाही करार दिया है।
बता दें कि चुनावों से पूर्व भी जदयू के कई बाकी विधायकों की सदस्यता विधानसभा अध्यक्ष द्वारा समाप्त कर दी गई थी। बाद में इनमें से कुछ लोगों ने कोर्ट का सहारा लिया था।