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Bihar: पेड़ों की आड़ में छिपा सिस्टम का ढीलापन! सड़क पर हादसों को न्योता देते पेड़, खतरे में लोगों की जिंदगी

Tue, 01 Jul 2025 05:56 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Tue, 01 Jul 2025 05:56 PM IST
सार

जहानाबाद में करोड़ों की लागत से बन रही सड़क पर पेड़ नहीं हटाए जाने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। विभागीय टकराव के चलते काम अधूरा है और आम लोग परेशान हैं।
 

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Trees on the road invite accidents, people's lives in danger
जहानाबाद की सड़क बनी खतरे का सफर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जहानाबाद जिला मुख्यालय में 98 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही सड़क पर जहां गाड़ियां सरपट दौड़ रही हैं, वहीं सड़क के बीचों-बीच खड़े दर्जनों हरे पेड़ राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। पटना-गया मुख्य मार्ग पर कनौदी से लेकर एरकी तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है, लेकिन कई जगहों पर पेड़ों को बीच सड़क पर ही छोड़ दिया गया है, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
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जानकारी के अनुसार, इस सड़क का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है, जबकि इसकी तय समयसीमा अप्रैल 2025 थी। पथ निर्माण विभाग के मुताबिक सड़क अधूरी रहने के पीछे मुख्य वजह वन विभाग से पेड़ काटने की अनुमति नहीं मिलना है। वहीं, वन विभाग का कहना है कि जितने पेड़ काटे जाएंगे, उसके तीन गुना पौधे लगाना अनिवार्य है, जिसके लिए जिला प्रशासन से भूमि मांगी गई है।
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बीच सड़क पर पेड़ खड़े रहने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हर दिन हादसों को न्योता दे रहा है। राहगीरों ने प्रशासन से पेड़ों को शीघ्र हटाने की मांग की है ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। जब इस विषय में अनुमंडल पदाधिकारी से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है और जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
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अब सवाल यह उठता है कि एक ओर जहां सरकार राज्य में सड़क नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं विभागीय समन्वय की कमी के कारण आम लोगों की जान पर बन आई है। सड़क पर खड़े ये 'हरे खंभे' सरकार के सुशासन पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
 
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