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Bihar : 25 जून को बिहार में 51 जोड़े करेंगे शादी, इनमें तीन ट्रांसजेंडर; अनूठे ढंग से मिलेगा बेहद जरूरी मैसेज

Mon, 12 Jun 2023 09:05 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Mon, 12 Jun 2023 09:05 AM IST
सार

Indian Transgender : एक विवाह ऐसा भी... सचमुच ऐसा विवाहोत्सव आपने नहीं देखा होगा। 51 जोड़े शादी करेंगे, इनमें तीन ट्रांसजेंडर युगल होंगे। समाज के बीच शादी ही नहीं होगी, बल्कि दुनिया के हर परिवार के लिए यहां से बहुत ही अनूठा और जरूरी मैसेज दिया जाएगा।

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Transgender couples will marry in mass marriage, ek vivah aisa bhi bihar will give message on serious diseases
एक विवाह ऐसा भी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देशभर में जाति-समाज के संगठन सामूहिक विवाह कराते रहते हैं, लेकिन बिहार में 2010 से हो रहा 'एक विवाह ऐसा भी’ बिल्कुल अलग होता है। हर बार कुछ अलग। इस बार 51 जोड़े शादी करेंगे। इनमें तीन युगल ट्रांसजेंडर एक-दूज के होंगे। चेन्नई हाईकोर्ट से इसकी अनुमति के बाद ऐसा शायद पहली बार होगा कि किसी सामाजिक कार्यक्रम में इस तरह तीन जोड़े एक-दूसरे का हाथ थामेंगे। 'एक विवाह ऐसा भी’ कई मायनों में अलग होगा। शादी की बाकी खूबसूरती के बीच देश के नामी लोग शिरकत करेंगे। इसी बीच थैलीसीमिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया जैसे गंभीर मुद्दे पर अनूठे तरीके से समाज को मैसेज दिया जाएगा। आइए, हर बिंदु को समझते हैं कि 'एक विवाह ऐसा भी’ क्यों देश में अजूबा है-

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51 जोड़ों में होंगी शादियां - फोटो : अमर उजाला
यहां इनकी और कैसे होती हैं शादियां  
विवाह के लिए तैयार होकर भी किसी मजबूरी के कारण शादी नहीं कर पा रहे जोड़ों के लिए यह एक जगह है, जहां उनकी रीतियों-रिवाजों के साथ शादी कराई जाती है। इस आदर्श विवाह में समाज के प्रबुद्ध और सम्मानित विभूतियों के आशीर्वाद के अलावा इन जोड़ों को गृहस्थी आरम्भ करने के लिए महत्वपूर्ण सामग्री भी उपहार स्वरूप प्रदान किए जाते हैं। मां वैष्णो देवी सेवा समिति यह सब करती है। इसी समिति ने बिहार में आम लोगों के प्रयास से आम लोगों के लिए मां ब्लड सेंटर की स्थापना की है।

निःशुल्क होता है रजिस्ट्रेशन
अगर कोई भी ऐसा आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार है, जिन्होंने अपने बेटियों की शादी तय कर दी है या उन्होंने अपने बेटियों के लिए दूल्हा देख लिया है लेकिन पैसे के अभाव में उनकी शादी नहीं हो पा रही है तो वे इस संस्थान से निःशुल्क फॉर्म ले कर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन कराने से पहले यह ध्यान में रखना जरुरी है कि वर की उम्र कम से कम 21 वर्ष और वधु की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। शादी के लिए यहां इससे संबंधित प्रमाण-पत्र भी लिया जाएगा।

अंतिम सहमति के लिए आना होगा 
 'एक विवाह ऐसा भी' के लिए रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद विभिन्न इलाकों से चयनित जोड़ों को पटना बुलाया जाता है और वहां उनसे शादी के लिए अंतिम सहमति ली जाती है। इस दौरान वर और वधु के परिवार वालों से पूछा जाता है कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से शादी कर रहे हैं, वहीं वर-वधु की भी सहमति ली जाती है। अंतिम चयन के बाद 51 वरों को सूट पीस और 51 वधुओं को शगुन की साड़ी दी जाती है।

 
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नेशनल ट्रांसजेंडर काउंसिल की सदस्य रेशमा प्रसाद - फोटो : अमर उजाला
सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश हिसारिया का कहना है कि 2010 से यह मुहिम चल रही है। यह एक सामूहिक विवाह नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जिसमें लोगों के दिल मिलें और दिल की बात बाकी लोगों तक पहुंचे। इसमें कई तरह के ऐसे मैसेज दिए जाते हैं, जिससे परिवार खुशहाल रहे। जैसे- थैलीसीमिया, हीमोफीलिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के बारे में आम लोगों को कम जानकारी थी तो उसपर विस्तार से यहां बताया जाता है ताकि भविष्य न बिगड़े। जब दो थैलीसीमिया माइनर की शादी होती है तो ऐसे बच्चों का जन्म होता है जिन्हें जिन्दगी भर ब्लड चढ़ाना पड़ सकता है। इस कार्यक्रम के बहाने लोगों को जागरूक करने का काम करते हैं। हमारा मकसद हर बार एक नए मुद्दे को उठाना होता है। जैसे पिछली बार थैलीसीमिया विषय को उठाया तो लोगों ने इस मुद्दे को बड़े ही संजीदगी से महसूस किया और थैलीसीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए सहयोग भी किया। एक बार एसिड अटैक पीड़ित लोगों को सामने लाया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी एसिड पीड़ित लोगों को तीन तीन लाख रुपये दिए थे। इस बार हम मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पीड़ित मरीजों को सामने ला रहे हैं। इस बार प्रयोग के तौर पर 51 में से तीन जोड़े ट्रांसजेंडर हैं।
 
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सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश हिसारिया - फोटो : अमर उजाला

नेशनल ट्रांसजेंडर काउंसिल की सदस्य रेशमा प्रसाद का कहना है कि यह बिहार में एक क्रांतिकारी कदम है जिसमें शादी जैसे पवित्र बंधन में ट्रांसजेंडर भी बंध रहे हैं तो यह एक बहुत बड़ी बात है क्यों कि चेन्नई हाई कोर्ट का फैसला है कि कोई भी ट्रांसजेंडर दूल्हा या दुल्हन हो सकते हैं। बिहार में सामाजिक स्तर पर यह पहली बार स्वीकार करना कि जो कोर्ट कहती है इसे सरकार ही नहीं कर पा रही है लेकिन समाज के लोग जिन्दा हैं जो इन बातों को समझ पा रहे हैं और इनसे अपनी संवेदनशीलता रखते हैं मैं उन्हें हार्दिक धन्यवाद देती हूं।

Transgender couples will marry in mass marriage, ek vivah aisa bhi bihar will give message on serious diseases
"एक विवाह ऐसा भी" में ऐसे होती हैं शादियां - फोटो : अमर उजाला
 25 जून को 10-10 रिश्तेदारों के साथ महाराण प्रताप भवन में पहुंचेंगे 51 जोड़े
अंतिम चयन के बाद 25 June 2023 को सभी जोड़ों को पटना के महाराणा प्रताप भवन बुलाया जाएगा। यहां वर और वधु अपने 10-10 रिश्तेदारों के साथ आएंगे। यहीं से शादी के दिन की सारी रस्में पूरी कर शाम 4 बजे एक साथ 51 दूल्हों की बारात निकाली जाएगी। इस दौरान यहां पर उनके लिए सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना व शादी की रस्मों के लिए अन्य इंतजाम मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से किए जाएंगे।

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में होगी शादी
महाराणा प्रताप से घोड़ों पर सवार होकर 51 दूल्हों की बारात श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचेगी। यहां शादी के लिए मंडप, जयमाला और अन्य कार्यक्रमों के लिए स्टेज भी बनाया जाएगा। यहां पर एक साथ 51 जोड़ों शादी के पवित्र बंधन में बधेंगे। इसके बाद यहां नवविवाहित जोड़ों के लिए रिसेप्शन का भी इंतजाम किया जाएगा।

नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा खास उपहार
शादी के बाद नवविवाहित जोड़ों को मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से बतौर उपहार एक साइकिल, एक सिलाई मशीन और एक सेट बर्तन और 15 दिन का राशन भी दिया जाएगा। इस उपहार को देने का हमारा उद्देश्य यह है कि साइकिल से पति कमाने जाए और सिलाई मशीन से पत्नी घर पर कुछ काम कर सके। वहीं बर्तन सेट और 15 दिनों का राशन इसलिए दिया जाता है कि नवविवाहित जोड़ा खाना खा सके।

शादी में शरीक होंगी कई नामचीन हस्तियां
एक विवाह ऐसा भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कई नामचीन हस्तियां भी शरीक होंगी। इसके साथ कार्यक्रम में गीत-संगीत की पेशकश के लिए टीवी कलाकारों को भी आमंत्रित होंगें। समारोह के दौरान बिहार के पांच खास व्यक्तियों जिन्होंने अपने काम से देश और दुनिया में नाम कमाया है, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।

घर बैठे लाइव देख सकेंगे सामूहिक विवाह
एक विवाह ऐसा भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में करीब 5000 लोग शरीक होते हैं। वैसे जो लोग घर बैठे भी एक साथ 51 दूल्हों की बारात देखना, एक साथ वर-वधु को माला पहनाते देखना, एक साथ 51 जोड़ों को फेरे लेते देखना चाहते हैं, तो वे समिति की बेवसाइट पर जाकर देख सकते हैं।श्री कृष्णा मेंमोरिअल हॉल, पटना से YouTube पर LIVE देख सकते है !

कार्यक्रम में हेमोफिलिया पीड़ितों के इलाज के लिए भी उठायी जाएगी आवाज़
मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से एक विवाह ऐसा भी कार्यक्रम के दिन समाज के किसी खास परेशानी को फोकस कर उसके समाधान के लिए आवाज़ उठायी जाती है। इस कार्यक्रम में कई बड़ी हस्तियां शरीक होती हैं इसलिए हम समाज के वैसे कुछ पीड़ित लोगों को अपने इस मंच पर बुलाते हैं ताकि उनको मंच के माध्यम से सरकार या अन्य लोगों द्वारा सहयोग मिल सके। पिछले कुछ साल में ऐसिड अटैक पीड़ित, आई डोनेशन, भ्रूण हत्या, कैंसर, थैलीसीमिया जैसी थीम पर फोकस कर असहाय लोगों को अपनी बात रखने का प्लेटफॉर्म दिया है।
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