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बिहार में पंचायत चुनाव लड़ने के लिए शौचालय की शर्त खत्म

Wed, 03 Feb 2016 05:51 AM IST
Updated Wed, 03 Feb 2016 05:51 AM IST
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toilet is not necessary to fight in election in bihar

बिहार में अब जिनके घर शौचालय नहीं है, वह भी पंचायत का चुनाव लड़ सकेंगे। आखिरकार नीतीश सरकार ने अपने एतिहासिक फैसले को बदल डाला। राज्य कैबिनेट के इस फैसले से मुखिया समेत अन्य पदों के प्रत्याशियों को राहत मिलेगी।

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मंगलवार को राज्य कैबिनेट की हुई बैठक में पूर्व के फैसले को वापस लेते हुए घर में शौचालय रहने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया। बिहार में ऐसे परिवारों की संख्या डेढ़ करोड़ से अधिक है, जिनके पास शौचालय नहीं हैं।
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नीतीश सरकार ने पहले यह फैसला लिया था कि पंचायत के किसी भी पद के चुनाव लड़ने के लिए घर में शौचालय जरूरी होगा, लेकिन भाजपा समेत कई राजनीतिक दलों ने सरकार के इस फैसले को गरीब विरोधी करार दिया और इसे वापस लेने की मांग की थी।

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कुल 27 एजेंडों को हरी झंडी

toilet is not necessary to fight in election in bihar

सीएम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 27 एजेंडों को हरी झंडी दी गई। उनमें डीजल और पेट्रोल पर अधिभार यानी सेस चार्ज को बढ़ाने का फैसला भी शामिल है।

इसके अलावा पेशा व्यापार के दायरे को बढ़ाये जाने का फैसला लिया है। अब इस दायरे में कोचिंग सेंटर, हेल्थ सेंटर, उत्सव हॉल मालिकों को भी लाया गया है। इन्हें सालाना ढाई हजार रुपये पेशा कर के रुप में राज्य सरकार को देना होगा।

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