BIHAR: स्कूल संचालक और शिक्षिका के प्रेम के बीच सीएसपी संचालक बन रहे थे दीवार, इसलिए कर दी हत्या
मुजफ्फरपुर में सीएसपी संचालक हत्याकांड मामले का खुलासा करते हुए दो अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हत्या से पहले दोनों ने साजिश किया, फिर बुलाकर हत्या कर दी। फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए फिल्म दृश्यम का सहारा लिया।
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मुजफ्फरपुर में सीएसपी संचालक हत्याकांड मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों में मुख्य अभियुक्त स्कूल संचालक संदीप कुमार और उसका ड्राइवर ओमप्रकाश है। उक्त बात की जानकारी एसएसपी राकेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी । उन्होंने बताया कि सीएसपी संचालक रंजीत कुमार की हत्या प्रेम में बाधक बनने के कारण किया गया है। आगे उन्होंने बताया कि इस हत्या को फ़िल्मी अंदाज में सुनियोजित तरीके से किया गया। रंजीत कुमार को बुलाकर उनकी की हत्या कर दी। फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए फिल्म दृश्यम का सहारा लिया लेकिन अंततः दोनों कानून के गिरफ्त में आ गए। एसएसपी राकेश कुमार ने बताया कि 14 जनवरी को सीएसपी संचालक रंजीत गुमशुदा हुए थे। रंजीत का शव अगले दिन देवरिया थाना क्षेत्र के कर्पूरी चौक के चौड़ में दो किमी दूर बरामद हुआ। ह्त्यारों ने रंजीत का शव प्लास्टिक के बोरे में बंद कर के फेंक दिया था। उन्होंने बताया कि हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था। परिजनों ने भी कोई विशेष जानकारी नहीं दी। मामला दर्ज होते ही पुलिसिया जांच शुरू कर दी गई। तकनीकी जांच के दौरान स्कूल संचालक और उसके चालक से पूछताछ की गई तब दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की। नगर परिषद साहेबगंज के सलेमपुर निवासी सीएसपी संचालक रंजीत कुमार की हत्या सलेमपुर रोड के स्कूल संचालक पूर्वी चंपारण के केसरिया थाना के धर्माहा निवासी संदीप कुमार व उसके ड्राइवर साहेबगंज निवासी ओमप्रकाश ने किया है।
ऐसे हुई हत्या
पूछताछ के दौरान स्कूल संचालक संदीप कुमार ने पुलिस को बताया कि बैंक खाता खोलने के बहाने उसने रंजीत कुमार को स्कूल के निचले तल्ले पर बुलाया। फिर, पीछे से उनके सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में सिर से बहुत ज्यादा खून निकल जाने से उसकी मौत हो गई। फिर, फिल्म दृश्यम के तर्ज पर मृतक के शव, लैपटॉप, स्कूटी और मोबाइल को अलग जगहों पर फेंक दिया ताकि, पुलिस हत्यारों तक पहुंच नहीं सके। आरोपियों ने हत्या के बाद अपने परिचित से ऑल्टो कार लिया। रात भर स्कूल के ही एक कमरे में शव को रखा। अगले दिन ऑल्टो गाड़ी लेकर लाश उसमें रख कर उसे देवरिया इलाके में फेंक दिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए ऑल्टो कार, पल्सर बाइक और तीन मोबाइल को जब्त कर लिए हैं।
प्लास्टिक के बोरे में बंद मिला था शव
सीएसपी संचालक रंजीत का शव देवरिया इलाके में बरामद हुआ था। रंजीत की हत्या के बाद मृतक के पिता श्याम सुंदर सिंह ने साहेबगंज थाना में अज्ञात लोगों के विरुद्ध अपहरण कर हत्या करने का मामला दर्ज कराया। मृतक की स्कूटी 14 जनवरी की देर रात केसरिया के मलाही टोला में बांध किनारे मिली थी ,जबकि मृतक का शव 15 जनवरी को देवरिया थाना के कर्पूरी स्थान चौक के समीप चौर से मिला था। वहीं 18 जनवरी को केसरिया के मलाही टोला से 6 किलोमीटर आगे स्लूइस गेट के समीप से मृतक का लैपटॉप पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर बरामद किया था।