बिहार की सियासत का पारा चढ़ा, तेजस्वी के वार पर जदयू का पलटवार
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बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत का पारा चढ़ने लगा है। पक्ष- विपक्ष के बीच बयानों के बाण चलने लगे हैं। इसी कड़ी में बिहार के नेता प्रतिपक्ष व राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साध है, जिसका जवाब बिहार सरकार के मंत्री ने दिया। बिहार पुलिस की विवादित चिठ्ठी को फाड़ कर एंग्री यंगमैन बने तेजस्वी यादव पटना के राजद दफ्तर में सीढ़ी पर चढ़कर एक बैनर टांगते नजर आए। प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे को लेकर वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार हमला बोल रहे हैं।
राजद कार्यालय के बाहर लगे बैनर-पोस्टर के जरिए तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई सवाल पूछे। उन्होंने बिहार के गरीबों और श्रमिकों को अपशब्द कहने और उन्हें अपराधी बताने वाले होर्डिंग भी लगाए। बैनर लगाकर तेजस्वी ने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि श्रमिकों का अपमान करने वाली इस निर्दयी सरकार के खिलाफ हर गली-मोहल्ले, पंचायत और प्रखंड में नीतीश कुमार और सुशील मोदी की गरीबों के प्रति घृणित की सोच को उजागर करें।
जदयू का पलटवार
इस पोस्टर के बाद बिहार सरकार के मंत्री नीरज कुमार तेजस्वी के खिलाफ पलटवार किया। उन्होंने कहा कि लालू और राबड़ी की सरकार में हालात क्या थे पहले तेजस्वी बताएं। यहां डबल इंजन की सरकार चल रही है ना कि होटवार जेल की। तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए नीरज कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार के राजकुमार तेजस्वी यादव बिहार से लापता थे। मजदूर किसी भी राज्य में थे, उसकी चिंता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की।
सीएम ने विभिन्न चरणों से उनको सहायता राशि उपलब्ध कराई। तेजस्वी यादव को इसकी जानकारी रखनी चाहिएक कि उनके माता-पिता लालू यादव और राबड़ी देवी के शासन में नरसंहार हत्याएं लूट हो रही थी। उस दौर में यह श्रमिक यहां से निकले थे और आज नीतीश कुमार पर श्रमिकों का विश्वास है तो वह गांव की तरफ आ रहे हैं।
नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पढ़ने- लिखने की सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि तेजस्वी के पास जानकारी का अभाव है। बिहार सरकार ने 8000 करोड़ से अधिक रुपए कोरोना संक्रमण के दौरान के लोगो के राहत पहंचाने के लिए खर्च किए हैं।