सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन को दिया झटका, सरकार को दी नसीहत
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न्यायमूर्ति पीसी घोष की अध्यक्षता वाली पीठ ने बाहुबली नेता को बुधवार को अपना पक्ष रखने के लिए तैयार रहने को कहा है। पीठ ने शहाबुद्दीन को बुधवार तक यह बताने को कहा है कि क्यों न उसकी जमानत को रद्द कर दिया जाए। पीठ ने कहा कि इस मामले में आरोप और प्रत्यारोप का दौर जारी है, ऐसे में हम सुनवाई और नहीं टाल सकते। पीठ ने कहा कि कई गवाहों के कत्ल भी हो चुके हैं।
इससे पहले शहाबुद्दीन की ओर से पेश वकील ने पीठ से कहा कि वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी शहाबुद्दीन की ओर से दलील पेश करेंगे। लिहाजा दस्तावेज को पढ़ने के लिए जेठमलानी को एक हफ्ते का वक्त दिया जाए। लेकिन पीठ ने वक्त देने से इनकार करते हुए सुनवाई 28 सितंबर तक के लिए टाल दी। अब बुधवार को इस मामले में सुनवाई होगी।
राज्य सरकार को नसीहत, पहले दिखाई होती तत्परता
वहीं अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार को भी एक तरह से हिदायत देते हुए कहा कि काश शहाबुद्दीन मामले में बिहार सरकार ने पहले ही कुछ तत्परता दिखाई होती। बता दें कि सीवान के दो भाइयों और उनकी हत्या के चश्मदीद तीसरे भाई की हत्या के मामले में शहाबुद्दीन के खिलाफ निचली अदालत फैसला सुना चुकी है।
एक मामले में शहाबुद्दीन को बीते दिसंबर को उम्रकैद की सजा भी हो चुकी है, जिसमें हाल ही में हाईकोर्ट से उसे जमानत मिली है। मामले में चारों तरफ से छीछालेदार होने के बाद बिहार सरकार ने शहाबुद्दीन की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रही है। राज्य सरकार के अलावा पीड़ित परिवार की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर शहाबुद्दीन की जमानत रद करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट दोनों मामलों में एकसाथ सुनवाई कर रही है।