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Bihar: यौन शोषण के आरोप में पटना के आश्रय गृह का अधीक्षक गिरफ्तार, एसआईटी का गठन किया गया
Sun, 28 Aug 2022 04:28 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 28 Aug 2022 04:28 PM IST
सार
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया, शारीरिक शोषण की शिकायतों को देखने के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत तीन लड़कियों ने मजिस्ट्रेट के सामने यौन शोषण की शिकायत की।
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Arrest demo
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बिहार के एक और आश्रय गृह की लड़कियों ने यौन शोषण का आरोप लगाया है, जिसके चलते यहां सरकारी देखभाल गृह के प्रभारी को गिरफ्तार किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आश्रय गृह का अधीक्षक
गायघाट आश्रय गृह के अधीक्षक को शनिवार को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसआईटी का गठन किया गया
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया, शारीरिक शोषण की शिकायतों को देखने के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत तीन लड़कियों ने मजिस्ट्रेट के सामने यौन शोषण की शिकायत की। कुछ और ने भी बताया कि अधीक्षक द्वारा उन्हें पीटा जाता था।
गहराई से जांच की कर रहे कोशिश: पुलिस
उन्होंने कहा कि अधिकांश ने ऐसे बयान दिए जो बहुत अस्पष्ट थे और अन्य लोगों की संलिप्तता के बहुत कम संकेत दिए। एसएसपी ने कहा, फिर भी हमारे पास जो जानकारी उसकी मदद से हम गहराई से जांच करने की कोशिश कर रहे हैं।
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मुजफ्फरपुर का आश्रय गृह कांड भी रहा था चर्चाओं में
इससे पहले मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज द्वारा किए गए एक सोशल ऑडिट के बाद राज्य का मुजफ्फरपुर आश्रय गृह भी चर्चाओं में आया था।
समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को देना पड़ा था इस्तीफा
इस मामले को लेकर राज्य की नीतीश कुमार सरकार को सीबीआई जांच का आदेश देना पड़ा था। इसके बाद तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने इस्तीफा दिया था और तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसको लेकर संसद में बयान दिया था।
मामले की सुनवाई अंतत: दिल्ली ट्रांसफर कर दी गई और मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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न्यायिक हिरासत में भेजा गया आश्रय गृह का अधीक्षक
गायघाट आश्रय गृह के अधीक्षक को शनिवार को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसआईटी का गठन किया गया
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया, शारीरिक शोषण की शिकायतों को देखने के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत तीन लड़कियों ने मजिस्ट्रेट के सामने यौन शोषण की शिकायत की। कुछ और ने भी बताया कि अधीक्षक द्वारा उन्हें पीटा जाता था।
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गहराई से जांच की कर रहे कोशिश: पुलिस
उन्होंने कहा कि अधिकांश ने ऐसे बयान दिए जो बहुत अस्पष्ट थे और अन्य लोगों की संलिप्तता के बहुत कम संकेत दिए। एसएसपी ने कहा, फिर भी हमारे पास जो जानकारी उसकी मदद से हम गहराई से जांच करने की कोशिश कर रहे हैं।
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मुजफ्फरपुर का आश्रय गृह कांड भी रहा था चर्चाओं में
इससे पहले मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज द्वारा किए गए एक सोशल ऑडिट के बाद राज्य का मुजफ्फरपुर आश्रय गृह भी चर्चाओं में आया था।
समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को देना पड़ा था इस्तीफा
इस मामले को लेकर राज्य की नीतीश कुमार सरकार को सीबीआई जांच का आदेश देना पड़ा था। इसके बाद तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने इस्तीफा दिया था और तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसको लेकर संसद में बयान दिया था।
मामले की सुनवाई अंतत: दिल्ली ट्रांसफर कर दी गई और मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।