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सुपर 30 वाले आनंद कुमार पद्मश्री : होनहार गरीब लड़कों के IIT का सपना सच करने में लगे थे, दोपहर में ही आया कॉल

Thu, 26 Jan 2023 06:06 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कुमार जितेंद्र ज्योति Updated Thu, 26 Jan 2023 06:06 PM IST
सार

Super 30 Anand Kumar now Padmshree : घर में खुशी का माहौल दोपहर में ही बन गया था, क्योंकि वह जब अपनी दिनचर्या के अनुसार IIT की तैयारी कर रहे बच्चों को परीक्षा के गूढ़ रहस्य समझाकर आराम करने वाले थे कि गृह मंत्रालय से इस उपलब्धि की सूचना पहुंच गई।

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Super 30 fame Anand kumar is now Padmshree Anand kumar were busy in teaching IIT aspirants when received call
पुरस्कार की घोषणा के बाद आधी रात तक उठा रहे एक-एक कॉल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बुधवार की रात पद्म पुरस्कारों की घोषणा होने वाली थी, लेकिन सुपर 30 के संचालक आनंद कुमार की दिनचर्या दिन में भी रोज की तरह थी और रात में भी। जिस समय शिक्षा और साहित्य के लिए पद्मश्री पुरस्कार के लिए आनंद कुमार के नाम की खबर मीडिया में आई, जक्कनपुर में वह अपने घर पर परिवार के साथ बैठकर खाना खा रहे थे। घर में खुशी का माहौल दोपहर में ही बन गया था, क्योंकि दोपहर में वह जब अपनी दिनचर्या के अनुसार आईआईटी की तैयारी कर रहे बच्चों को परीक्षा के गूढ़ रहस्य समझाकर कुछ देर के लिए आराम करने वाले थे कि गृह मंत्रालय से उनके नाम इस उपलब्धि की सूचना पहुंच गई। 

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किसके नाम की आनंद कुमार ने यह उपलब्धि, जानें
पुरस्कार की घोषणा के बाद 'अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि "यह पुरस्कार एक आनंद कुमार के नाम नहीं। उस मां के लिए भी है, जिसने अपने बेटे की जिद को पूरा करने के लिए गरीब बच्चों के रहने-खाने का इंतजाम देखा। उस भाई के लिए भी है, जिसने अपने बड़े भाई की योजना को जीवन का उद्देश्य मान लिया। उस पत्नी और उस बच्चे का भी है, जो हमेशा एक ही इच्छा रखते हैं कि आनंद कुमार को लोग हमेशा गरीब होनहार बच्चों को आगे ले जाने के लिए जाने। इसके साथ ही यह पुरस्कार आनंद कुमार के उन सभी शुभेच्छुओं के नाम भी है, जिन्होंने हमेशा सुपर 30 को ईमानदार कोशिश के रूप में देखा, किसी फैक्टी के रूप में नहीं।” 
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हजार आलोचक होंगे, मगर उस जिद के सामने कौन
जिस आनंद कुमार को आज पूरी दुनिया बड़े-बड़े मंचों पर सम्मानित करती रही है, वह एक समय गर्दिश में थे। ऐसे कि गणित के मुश्किल सवालों का हल लेकर किसी से मिलते तो मजाक उड़ाने वाले भी उससे ज्यादा। उनके प्राथमिक विचार पर गरीब होनहारों को आईआईटी तक पहुंचाने पर बनी संस्था 'सुपर 30' पर बनाई फिल्म भी उतना नहीं दिखा सकी, जितना हकीकत में होता था। आज भी उनके हजार आलोचक हैं। लेकिन, हकीकत यह है कि जब आनंद कुमार ने गरीब होनहारों के लिए सोचा, तब जातिगत दायरे में रहने वाले लोगों ने उनका मनोबल तोड़ने की हर कोशिश की। उन कोशिशों का फल पहली बार जब सुपर 30 के रिजल्ट के रूप में सामने आया, तब से आजतक आनंद कुमार ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। बुधवार को जब पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा हुई, तब पूरी दुनिया को पता चला। लेकिन, आनंद कुमार के परिवार वालों को दोपहर में ही इसका पता था। इसके बावजूद कोई हो-हंगामा नहीं था, जबकि उनके छात्रों तक खबर पहुंचती तो उसी समय से जश्न शुरू हो गया होता। बुधवार रात जब घोषणा हुई तो आधी रात तक वह हर कॉल पर जवाब देते रहे। पड़ोस से लेकर भाई की ससुराल तक से लोग मिठाई लेकर पहुंचते रहे और वह हरेक का अभिवादन स्वीकारते रहे। मां, पत्नी, भाई समेत पूरा परिवार हरेक को इस खुशी में करीब देख रहा था।
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गणितज्ञ के साथ अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के संपादक भी
आनंद कुमार एक गणितज्ञ होने के साथ-साथ कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं के संपादक रह चुके हैं। इनका बस एक ही जुनून था  गरीब और काबिल छात्रों को आईआईटी-जेईई में प्रवेश के लिए तैयारी करवाना। पटना के यारपुर में रहने के बाद दशकों से जक्कनपुर में रह रहे हैं। जक्कनपुर में कोई पता मिले न मिले, किसी से पूछने पर आनंद कुमार का घर आसानी से मिल जाता है। गरीब बच्चों को पढ़ाकर काबिल बनाने के कारण गरीबों के मन में उनके लिए खास जगह हमेशा रही है। 50 वर्षीय आनंद कुमार की शुरुआती जिंदगी और शिक्षा वर्तमान से बिल्कुल अलग थी। उनके पिता पोस्ट ऑफिस में क्लर्क थे। उनकी हालत और आनंद कुमार के संघर्ष को काफी हद तक लोग फिल्म में भी देख चुके हैं। 

ऋतिक रोशन ने आनंद कुमार को पद्मश्री मिलने पर बधाई दी
गणितज्ञ और सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार बिहार के उन तीन लोगों में से एक हैं जिन्हें इस साल प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। कुमार को साहित्य और शिक्षा श्रेणी में पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस खास खबर से अभिनेता ऋतिक रोशन बेहद खुश हैं। आनंद कुमार को पद्मश्री मिलने पर बधाई देते हुए ऋतिक ने ट्वीट किया, "सुपर न्यूज! अच्छे काम का फल हमेशा अच्छा ही होता है। मुबारक हो पद्मश्री टीचर आनंद जी।" 


बता दें कि ऋतिक रोशन ने अपनी फिल्म 'सुपर 30' में आनंद कुमार की भूमिका निभाई थी। यह फिल्म 2019 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म आनंद कुमार की वास्तविक जीवन की कहानी पर आधारित है, जो हर साल 30 छात्रों के एक बैच को वार्षिक आईआईटी प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए प्रशिक्षित करते हैं।

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