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Hindi News ›   Bihar ›   Son did Kanwar Yatra by making his mother sit in a carriage in Khagaria; Water offered to Baba Baidyanath

Bihar News: बेटे ने मां को बहंगी में बैठा कर की कांवड़ यात्रा; बाबा बैद्यनाथ को किया जलार्पण

Fri, 07 Jul 2023 09:01 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खगड़िया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खगड़िया Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 07 Jul 2023 09:01 PM IST
सार

केबला गांव निवासी रंजीत साह ने तीन जुलाई को सुल्तानगंज में गंगा स्नान करने के बाद देवघर की यात्रा आरंभ की थी। साथ में उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य भी थे। चूंकि मां लंबी दूरी चलने में असमर्थ थीं। इसलिए उन्होंने अपनी मां को बहंगी में बैठाकर कंधे पर भार रखकर यात्रा की।

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Son did Kanwar Yatra by making his mother sit in a carriage in Khagaria; Water offered to Baba Baidyanath
परिवार के साथ अपनी मां को बहंगी पर बैठा कर बाबा बैद्यनाथ के द्वार जाते रंजीत साह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के खगड़िया के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत कबेला गांव से मातृ प्रेम का एक अनूठा मामला सामने आया है। जहां रंजीत साह ने अपने परिवार संग अपनी मां को श्रवण कुमार की तरह एक बहंगी में बैठा कर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करवाए। पूरा मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग रंजीत साह के मातृ प्रेम की काफी सराहना कर रहे हैं।

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जानकारी के मुताबिक, केबला गांव निवासी रंजीत साह ने तीन जुलाई को सुल्तानगंज में गंगा स्नान करने के बाद देवघर की यात्रा आरंभ की थी। साथ में उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य भी थे। चूंकि मां लंबी दूरी चलने में असमर्थ थीं। इसलिए उन्होंने अपनी मां को बहंगी में बैठाकर कंधे पर भार रखकर यात्रा की। बताया जा रहा है कि छह जुलाई को उन्होंने बाबा बैद्यनाथ के शिवलिंग के दर्शन कर जलार्पण किया।
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बाबा ने पूरी की थी मनोकामना
रंजीत कुमार ने बताया कि उनकी मां द्रौपदी देवी काफी बीमार थीं। जान बचने की उम्मीद कम थी। तब उन्होंने बाबा भोले से मनोकामना मांगी कि अगर उनकी मां स्वस्थ हो जाएंगी तो वह मां को लेकर आएंगे और जल चढ़ाएंगे। बाबा की कृपा से मां स्वस्थ हो गईं। बाबा ने मनोकामना पूर्ण कर दी। इसी मनोकामना पूर्ति के बाद हम जल चढ़ाने जा रहे हैं।
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‘माता पिता की सेवा ही धर्म है’
रंजीत साह ने कहा कि वह अपनी मां से बहुत प्रेम करते हैं। जब तक मां जीवित है उनकी सेवा करूंगा, यही धर्म है। माता की सेवा से ही पूरे परिवार का कल्याण होता है। साथ ही उन्होंने बताया कि लोगों ने और प्रशासन ने कांवड़िया पथ पर काफी सेवा की। रंजीत साह के साथ उनके परिवार के अन्य सदस्य संगीत साह, मंजू देवी, गुड़िया देवी, विनोद साह, सुबोध साह, दीपक साह भी कांवड़ यात्रा में थे।

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