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Bihar: पहली जॉइनिंग की सालगिरह पर थम गई शिक्षक की सांसें, प्रशिक्षण के दौरान बिगड़ी तबीयत; शिक्षा जगत में शोक
Fri, 15 May 2026 05:28 PM IST
सारण ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 05:28 PM IST
सार
गोपालगंज में कार्यरत युवा शिक्षक अनुराग राय का प्रशिक्षण के दौरान तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया। खास बात यह रही कि जिस दिन उनकी पहली जॉइनिंग की वर्षगांठ थी, उसी दिन उन्होंने अंतिम सांस ली। शिक्षा जगत में शोक की लहर है।
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फोटो- अनुराग राय
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद भावुक और दुखद खबर सामने आई है। विजयीपुर प्रखंड के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुसहरी कोहरवलिया में कार्यरत युवा शिक्षक अनुराग राय का असामयिक निधन हो गया। महज 30 वर्ष की उम्र में एक ऊर्जावान शिक्षक के यूं अचानक चले जाने से शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। विद्यालय परिवार, छात्र और शिक्षक साथी इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
अचानक तबियत बिगड़ी
जानकारी के अनुसार, अनुराग राय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), थावे में आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। प्रशिक्षण के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़े। वहां मौजूद सहयोगियों ने तत्काल उन्हें सदर अस्पताल गोपालगंज पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया।
निजी अस्पताल में इलाज के दौरान ली अंतिम सांस
गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार के साथ-साथ शिक्षा विभाग में भी शोक की लहर फैल गई। इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि 15 मई का दिन अनुराग राय के जीवन में बेहद खास था। ठीक एक वर्ष पहले, 15 मई 2025 को उन्होंने उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुसहरी कोहरवलिया में गणित शिक्षक के रूप में अपना पहला योगदान दिया था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अपनी पहली नियुक्ति की वर्षगांठ के दिन ही उनकी जिंदगी का सफर खत्म हो गया।
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लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर बने थे शिक्षक
अनुराग राय बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की टीआरई-3 परीक्षा पास कर शिक्षक बने थे। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरी बाजार क्षेत्र के निवासी थे। परिवार में माता-पिता, बड़े भाई और अन्य सदस्य हैं। वे अभी अविवाहित थे। परिजनों ने बताया कि कुछ दिनों पहले ही उनके बड़े भाई की शादी हुई थी और घर में खुशियों का माहौल था। लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ये भी पढ़ें- Census 2027 : बिहार में अजूबा आदेश; शिक्षक पढ़ाएं कि 10 किलोमीटर दूर जाकर जनगणना करें?
विद्यालय के प्रधानाध्यापक और सहकर्मियों ने अनुराग राय को मेहनती, अनुशासित और छात्रों के बीच लोकप्रिय शिक्षक बताया। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में उनका जाना शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। स्थानीय शिक्षक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य देने की कामना की है।
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अचानक तबियत बिगड़ी
जानकारी के अनुसार, अनुराग राय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), थावे में आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। प्रशिक्षण के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़े। वहां मौजूद सहयोगियों ने तत्काल उन्हें सदर अस्पताल गोपालगंज पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया।
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निजी अस्पताल में इलाज के दौरान ली अंतिम सांस
गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार के साथ-साथ शिक्षा विभाग में भी शोक की लहर फैल गई। इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि 15 मई का दिन अनुराग राय के जीवन में बेहद खास था। ठीक एक वर्ष पहले, 15 मई 2025 को उन्होंने उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुसहरी कोहरवलिया में गणित शिक्षक के रूप में अपना पहला योगदान दिया था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अपनी पहली नियुक्ति की वर्षगांठ के दिन ही उनकी जिंदगी का सफर खत्म हो गया।
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लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर बने थे शिक्षक
अनुराग राय बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की टीआरई-3 परीक्षा पास कर शिक्षक बने थे। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरी बाजार क्षेत्र के निवासी थे। परिवार में माता-पिता, बड़े भाई और अन्य सदस्य हैं। वे अभी अविवाहित थे। परिजनों ने बताया कि कुछ दिनों पहले ही उनके बड़े भाई की शादी हुई थी और घर में खुशियों का माहौल था। लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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विद्यालय के प्रधानाध्यापक और सहकर्मियों ने अनुराग राय को मेहनती, अनुशासित और छात्रों के बीच लोकप्रिय शिक्षक बताया। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में उनका जाना शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। स्थानीय शिक्षक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य देने की कामना की है।