{"_id":"6846fe1de347cc23e201fc47","slug":"siwan-news-vigilance-team-arrested-revenue-employee-girish-tiwari-taking-bribe-of-35-thousand-2025-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: राजस्व कर्मचारी गिरीश तिवारी 35 हजार की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विजिलेंस की कार्रवाई से हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: राजस्व कर्मचारी गिरीश तिवारी 35 हजार की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विजिलेंस की कार्रवाई से हड़कंप
Mon, 09 Jun 2025 09:00 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 09 Jun 2025 09:00 PM IST
सार
Siwan News: सीवान में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई कर राजस्व कर्मचारी गिरीश तिवारी को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई दाखिल-खारिज कराने के एवज में 35 हजार रुपये मांगे जाने पर की गई।
विज्ञापन
विजिलेंस टीम की गिरफ्त में आरोपी गिरीश तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीवान जिले के लकड़ी नवीगंज प्रखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई कर राजस्व कर्मचारी गिरीश तिवारी को घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी सोमवार को तब हुई जब गिरीश तिवारी एक जमीन के दाखिल-खारिज कराने के एवज में 35,000 रुपये नकद रिश्वत की मांग पूरी कर रहे थे। विजिलेंस की टीम ने पहले से शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और मौके पर ही तिवारी को पकड़ लिया।
विज्ञापन
साइबर कैफे संचालक से मांगी थी रिश्वत
विजिलेंस की इस कार्रवाई की शुरुआत गोपालपुर निवासी अजीत कुमार सिंह की शिकायत से हुई। दरअसल, अजीत एक साइबर कैफे चलाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि गिरीश तिवारी ने जमीन से संबंधित दाखिल-खारिज प्रक्रिया में मदद करने के लिए 35 हजार रुपये की मांग की थी। परेशान होकर अजीत ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से इसकी शिकायत की, जिसके बाद एक टीम ने पूरी योजना के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Bihar: साइबर अपराध और मादक पदार्थों की खास पड़ताल के लिए दो इकाई बनीं, कैबिनेट के स्तर से लगेगी अंतिम मुहर
विज्ञापन
दलालों के जरिए होती थी भारी वसूली
सूत्रों के अनुसार गिरीश तिवारी लंबे समय से प्रखंड क्षेत्र में विभिन्न जमीन संबंधी कार्यों, जैसे म्यूटेशन, सीमांकन और दाखिल-खारिज, के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। यह वसूली सीधे नहीं बल्कि दलालों के माध्यम से की जाती थी, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। क्षेत्र में कई लोगों की यह शिकायत रही है कि बिना घूस दिए कोई भी राजस्व संबंधित कार्य नहीं होता।
विजिलेंस ने की योजनाबद्ध कार्रवाई
शिकायत की पुष्टि और प्राथमिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने एक योजनाबद्ध तरीके से तिवारी को रंगे हाथ पकड़ने का जाल बिछाया। तय समय पर जब अजीत कुमार सिंह ने 35 हजार रुपये की नकद राशि गिरीश तिवारी को दी, तभी टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद तिवारी को पूछताछ के लिए विजिलेंस कार्यालय ले जाया गया है, जहां उससे और भी जानकारियां ली जा रही हैं।
यह भी पढ़ें- Bihar News: तटबंधों की निगरानी-निरीक्षण का काम तेजी से जारी, आपातकालीन तैयारी समय से पहले पूरा करने पर जोर
इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह तो सिर्फ एक उदाहरण है, प्रखंड कार्यालयों में ऐसे कई कर्मचारी हैं जो वर्षों से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। लोगों ने मांग की है कि विजिलेंस टीम इसी तरह अन्य कर्मचारियों की भी जांच कर कड़ी कार्रवाई करे ताकि प्रशासन में पारदर्शिता लाई जा सके।