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Bihar: मनरेगा घोटाले पर बड़ी कार्रवाई, डीडीसी की जांच में खुली गड़बड़ियां; मुखिया समेत सात लोगों पर FIR

Tue, 14 Jul 2026 08:31 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण Published by: सारण ब्यूरो Updated Tue, 14 Jul 2026 08:31 PM IST
सार

सारण जिले के मांझी प्रखंड की लेजुअर पंचायत में मनरेगा योजनाओं की जांच के दौरान बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। डीडीसी लक्ष्मण तिवारी के औचक निरीक्षण में वित्तीय गड़बड़ी और वृक्षारोपण योजनाओं में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का खुलासा हुआ।

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सारण के डीडीसी लक्ष्मण तिवारी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सारण जिले में मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों पर जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। मांझी प्रखंड की लेजुअर पंचायत में योजनाओं की जांच के दौरान वित्तीय अनियमितता और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने पंचायत की मुखिया समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसके साथ ही मामले में जिम्मेदार संविदा कर्मियों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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डीडीसी के औचक निरीक्षण में खुली पोल

जिला उपविकास आयुक्त (डीडीसी) लक्ष्मण तिवारी ने मांझी प्रखंड की लेजुअर पंचायत में मनरेगा के तहत चल रही पांच योजनाओं का अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पईन उड़ाही (सफाई और खुदाई) तथा निजी वृक्षारोपण से जुड़ी योजनाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने सरकारी रिकॉर्ड का मिलान मौके पर हो रहे काम से किया, जिसमें कई गड़बड़ियां सामने आईं।

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तीन योजनाओं में मिली वित्तीय अनियमितता

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जांच में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पईन उड़ाही से जुड़ी तीन योजनाओं में गंभीर वित्तीय गड़बड़ी पाई गई। मौके पर किए गए कार्य और सरकारी दस्तावेजों में दर्ज जानकारी में अंतर मिला। इससे सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई गई।

वृक्षारोपण योजनाओं में मिली घटिया सामग्री

निरीक्षण के दौरान निजी वृक्षारोपण की दो योजनाओं में भी निर्धारित मानकों के विपरीत निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल पाया गया। प्रशासन का कहना है कि इससे योजनाओं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है और सरकारी धन के सही उपयोग पर सवाल खड़े होते हैं।



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मुखिया समेत सात लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर

मामले को गंभीर मानते हुए दाउदपुर थाना में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इनमें लेजुअर पंचायत की मुखिया माधुरी देवी, पंचायत समिति सदस्य बबीता देवी, कनीय अभियंता, पंचायत तकनीकी सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, मेट समेत अन्य संबंधित लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

संविदा कर्मियों पर भी होगी कार्रवाई

डीडीसी ने लापरवाही और अनियमितता के लिए जिम्मेदार संविदा कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कनीय अभियंता, पंचायत तकनीकी सहायक, पंचायत रोजगार सेवक और मेट को संविदा सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रशासन का साफ संदेश

जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार या गुणवत्ता से समझौता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी योजनाओं का औचक निरीक्षण जारी रहेगा और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारियों, कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य पंचायतों में भी मनरेगा से जुड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में हलचल बढ़ गई है।

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