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Kuwait Fire Tragedy: कुवैत से गोपालगंज पहुंचा श्रमिक अनिल गिरि का शव, गांव में मचा कोहराम

Sat, 15 Jun 2024 06:43 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sat, 15 Jun 2024 06:43 PM IST
सार

Kuwait Fire Tragedy: कुवैत अग्निकांड में जान गंवाने वाले श्रमिक अनिल गिरि का शव शनिवार को दिल्ली से गांव पहुंचा। इस दौरान परिजन शव देखते ही रोने-चीखने लगे। वहीं, मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

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Kuwait Fire Tragedy: body of worker Anil Giri reached Gopalganj from Kuwait, there was chaos in village
शव देखने के लिए इकट्ठे हुए ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुवैत अग्निकांड में जान गंवाने वाले गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र के कलिछापर में श्रमिक अनिल गिरी का शव पहुंचते ही गांव में चीत्कार मच गया। महिला-पुरुष जो जहां था, सभी दहाड़ मार कर रोने लगे। वहीं, शव के साथ आए पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष ने भी परिजनों को सांत्वना दी।

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बताया जा रहा है कि अनिल गिरि ने घटना के एक रात पहले अपने पत्नी प्रियंका और बेटे मन्नत से टेलीफोन पर बातचीत की थी। उसने कहा था कि इस बार आएंगे तो आप लोगों को कहीं घुमाने ले चलेंगे। अनिल इसके पहले भी तीन साल इसी कंपनी में काम कर लौटा था। वह दोबारा जनवरी 23 में कुवैत गया था। घटना के बाद कुवैत में ही किसी रिश्तेदार जो वहां काम करते हैं, के द्वारा परिजनों को सूचना दी गई कि अनिल अब इस दुनिया में नहीं रहे। अग्निकांड में उनकी मृत्यु हो गई है।
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जानकारी के मुताबिक, अनिल गिरी का परिवार मूल रूप से तो कलिछापर गांव का निवासी है। लेकिन लंबे समय से इनका परिवार हरियाणा के यमुना नगर में रहता है। अनिल के पिता रघुनाथ गिरि यमुना नगर में चीनी मिल में काम करते थे। अनिल का परिवार भी यमुना नगर में ही रहता था।
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Kuwait Fire Tragedy: body of worker Anil Giri reached Gopalganj from Kuwait, there was chaos in village
गम में डूबे परिजन - फोटो : अमर उजाला

बीते कुछ समय से अनिल के पिता गांव में रह रहे थे। मौत की खबर के बाद बेसुध अवस्था में ही यमुना नगर से शुक्रवार को गांव पहुंचे। जबकी अनिल का शव शनिवार को दिल्ली से गांव पहुंचा। शव के साथ पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष मुकेश पांडेय और रंजीत तिवारी ने भी पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिया। पत्नी प्रियंका और माता आदरमती देवी रह-रह कर बेहोश हो जा रही थी।

जानकारी के अनुसार, अनिल कुवैत के मांगफ शहर में एनबीटीसी कंपनी में श्रमिक के रूप में फेब्रिकेशन का काम करता था। अनिल अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता के साथ पत्नी प्रियंका, 13 वर्षीय बेटी महक और सात वर्षीय बेटे मन्नत को छोड़ कर चले गए। पूरा परिवार अनिल की कमाई पर ही निर्भर था। अनिल के एक बड़े भाई राजेश गिरि हैं जो अपने परिवार के साथ नोएडा में रह कर जॉब करते हैं और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।

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