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बिहार: नेपाल-बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गंडक उफान पर, गोपालगंज के गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Mon, 28 Sep 2026 02:35 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज Published by: सारण ब्यूरो Updated Mon, 28 Sep 2026 02:35 PM IST
सार

नेपाल और वाल्मीकि नगर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। गोपालगंज के सदर, कुचायकोट, मांझा और बरौली प्रखंड के तीन दर्जन से अधिक गांवों में पानी घुस गया है।

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Floodwaters have entered three dozen villages across four blocks of Gopalganj, forcing residents
जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

विस्तार

नेपाल और वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़े गए पानी के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के उफान पर होने के कारण सोमवार को गोपालगंज जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर में अचानक हुई इस बढ़ोतरी से सदर, कुचायकोट, मांझा और बरौली प्रखंड के करीब तीन दर्जन से अधिक गांवों में नदी का पानी प्रवेश कर गया है। गांवों की बस्तियों और खेती योग्य जमीनों पर पानी फैल जाने से स्थानीय ग्रामीणों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

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ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन जारी
सोमवार की अलसुबह से ही स्थिति बिगड़ने लगी। बाढ़ के पानी को तेजी से गांव की तरफ बढ़ता देख प्रभावित इलाकों के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अपनी जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीण घरों से अपना जरूरी सामान, अनाज और कपड़े निकालकर सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। लोग बैलगाड़ी, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अपने निजी वाहनों पर सामान लादकर ऊंचे बांधों और शरण स्थलों की ओर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

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स्कूल परिसरों में फैला पानी
बाढ़ का असर अब गांव के आवागमन और सरकारी इमारतों पर भी दिखने लगा है। कई मुख्य और ग्रामीण सड़कें पानी में डूब चुकी हैं, जिससे जिला मुख्यालय से संपर्क कटने की कगार पर है। गंडक नदी का पानी सदर प्रखंड के रामनगर गांव स्थित सरकारी स्कूल परिसर में प्रवेश कर गया है। इसके अलावा मांझा प्रखंड के निमुइया गांव स्थित सरकारी स्कूल में भी बाढ़ का पानी भर गया है। स्कूल परिसरों में जलभराव होने के कारण बच्चों की पठन-पाठन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

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चारा और आवागमन का गहराया संकट
बाढ़ के कारण इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी भारी संकट खड़ा हो गया है। खेतों में पानी भर जाने से पशु चारे की भारी किल्लत महसूस की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अंचलाधिकारियों और पुलिस बल को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और समय रहते सुरक्षित स्थलों पर चले जाने की अपील की जा रही है। ग्रामीणों को डर है कि यदि नदी का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो स्थिति और ज्यादा भयावह हो सकती है।

गोपालगंज के 4 प्रखंडों के तीन दर्जन गांवों में घुसा पानी, पलायन करने को मजबूर हुए लोग

गोपालगंज के 4 प्रखंडों के तीन दर्जन गांवों में घुसा पानी, पलायन करने को मजबूर हुए लोग

 

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