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Husband Wife: नाव से आकर दूल्हे ने रचाई शादी, मगर दुल्हन बगैर लौटी बारात; बिहार में शादी के दौरान खूब हुआ नाटक
Wed, 10 Jul 2024 03:07 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 10 Jul 2024 03:07 PM IST
सार
Bihar News : शादी के पहले, कई बाद शादी के बाद भी दुल्हन कई कारणों से दूल्हे के साथ जाने से इनकार कर चुकी हैं, लेकिन बिहार का ताजा वाकया कुछ अलग है। दूल्हा नाव पर चढ़कर दुल्हन के घर तक पहुंचा। शादी हुई। मगर, दुल्हन दूल्हे राजा के साथ नहीं आई।
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नाव पर बाराती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यह पूरा दृश्य गोपालगंज जिले के माझागढ़ थाना क्षेत्र के निमुइया पंचायत के भृगुन राउत टोला गांव का है। यहां दो दिन पूर्व से गंडक नदी में आई बाढ़ के पानी से निमुइया पंचायत पूर्ण रूप से प्रभावित हो चुका है। ऐसे में, इस गांव के विकास यादव सजधज कर दूल्हा बने तो दो किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए नाव की सवारी करनी पड़ी। यह सब भी किसी तरह हो गया, लेकिन दूल्हे को शादी के बाद दुल्हन का साथ नहीं मिला।
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नाव से उतरते समय कैमरा देख शरमाया दूल्हा
बाढ़ के कारण नाव से जाने को मजबूर हुए दूल्हे के साथ एक से एक घटनाएं होती गईं। नाव से उतरते के लिए तैयार हुए तो कैमरा देखते ही शरमा गए और अपने चेहरे को छिपा तेजी से भागकर कार में छिप गए। शायद दूल्हे विकास यादव को ये भी अंदाजा नहीं होगा कि बारात लेकर शादी रचाने जाने के समय बाढ़ के प्रभाव से घिर जाएंगे। उनकी शादी पूर्वी चंपारण के मलाही गांव के सत्येंद्र यादव की पुत्री से होनी थी। सो, शादी के लिए निकलते समय नाव की सवारी करनी पड़ी।
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दुल्हन बगैर लौटा दूल्हा, यही हुआ फैसला
निमुइया पंचायत के सरपंच और दूल्हे राजा के दादा चंद्रिका यादव ने बताया कि दूल्हा विकास की शादी थी। इनकी बारात लेकर पूर्वी चंपारण के मलाही गांव जाते समय नाव का सहारा लेना पड़ा। मलाही गांव के सत्येंद्र यादव के पुत्री के साथ शादी पहले से तय थी। जाना सड़क मार्ग से था, लेकिन अचानक बाढ़ का पानी आ जाने के कारण घर भीरगुन राउत टोला से गौसिया तक नाव की सवारी करनी पड़ी। नाव छोड़कर दूसरा कोई साधन नहीं बचा था। शादी के बाद जैसे ही दुल्हन को दूल्हे के यहां तक पहुंचने का पूरा वाकया पता चला तो दृश्य बदल गया। लड़की वालों ने कहा कि ससुराल का गांव बाढ़ से घिरा हुआ है तो दुल्हन की तत्काल विदाई नहीं होगी। फिर दोनों पक्षों ने आपस में यह तय किया की लड़की की विदाई कुछ दिन बाद की जाएगी। अब बाढ़ के कारण दूल्हे राजा विकास को बिन दुल्हन वापस आना पड़ा।
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