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Bihar Election: जनसुराज ने गोपालगंज में निर्दलीय प्रत्याशी को दिया समर्थन, PK बोले- मेरे कैंडिडेट को डराया गया
Fri, 24 Oct 2025 04:35 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Fri, 24 Oct 2025 04:35 PM IST
सार
Bihar Election: प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि गोपालगंज से हमारे प्रत्याशी बड़े डॉक्टर शशि शेखर सिन्हा को बहुत दबाव देकर उनका नामांकन वापस कराया गया। नामांकन वापस लेने से पहले उन्होंने हमसे बात की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से वापस लिया है, लेकिन यह बात विश्वसनीय नहीं है।
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प्रशांत किशोर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए गोपालगंज में निर्दलीय उम्मीदवार अनूप श्रीवास्तव को अपना समर्थन दिया है। पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज गोपालगंज में प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। इस मौके पर जिले में भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे अनूप श्रीवास्तव ने जनसुराज में शामिल होने का एलान किया गया।
प्रशांत किशोर ने कहा कि हमने बिहार में कभी बूथ लुटेरों को देखा था। आज देख रहे हैं कि उम्मीदवारों को ही लूटा जा रहा है। बड़े नेता सारी नैतिकता को ताक पर रखते हुए दूसरे दलों के उम्मीदवार को डरा धमका रहे हैं। ऐसी स्थिति में ही हमारे पास कोई और विकल्प नहीं था। अनूप जी का गोपालगंज में काम बढ़िया रहा है। भाजपा में लंबा अनुभव रहा है। इनके साथ भी नाइंसाफ़ी हुई है। इन्होंने वर्षों से पार्टी के लिए तपस्या की, लेकिन पार्टी ने इन्हें अनदेखा करते हुए दूसरे को उम्मीदवार बनाया। इन्होंने निर्दलीय नामांकन किया है और हमने आपस में विचार विमर्श कर निर्णय लिया कि इन्हें समर्थन दिया जाए।
उन्होंने कहा कि जनसुराज अनूप श्रीवास्तव को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर रहा है। चुनाव चिह्न अलग है, लेकिन जन सुराज इन्हें पूरी तरह से मदद करेगा। एक और एक मिलकर ग्यारह होगा। हमें उम्मीद है कि गोपालगंज की जनता और भाजपा से जुड़ा हर व्यक्ति जिसे लगता है कि इनके साथ धोखा हुआ है वो सुनिश्चित करेंगे कि गोपालगंज में अनूप जी जीतेंगे और भाजपा हारेगी।
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प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि गोपालगंज से हमारे प्रत्याशी बड़े डॉक्टर शशि शेखर सिन्हा को बहुत दबाव देकर उनका नामांकन वापस कराया गया। नामांकन वापस लेने से पहले उन्होंने हमसे बात की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से वापस लिया है लेकिन यह बात विश्वसनीय नहीं है। उनकी वजह से जन सुराज के किसी कार्यकर्ता का हक मारा गया। इसलिए इस गलती को सुधारने के लिए हमने यह निर्णय लिया है। अगर अनूप जी भाजपा से चुनाव लड़ते, डॉक्टर साहब जन सुराज से लड़ते तो जनता के पास कई बेहतर विकल्प रहते। लेकिन अब ऐसा नहीं है। भाजपा ने गोपालगंज की जिस जनता के साथ यह दोहरी नाईंसाफ़ी की है, उसका जवाब जनता को देना होगा।
वहीं एक सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि गोपालगंज में विशेष परिस्थिति में ऐसा निर्णय किया गया है। हमलोग दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में ऐसा नहीं करेंगे। हम दोनों के साथ एक ही संगठन ने नाइंसाफ़ी की है इसलिए हम पर गोपालगंज की जनता का भी दबाव था कि अनूप जी के साथ न्याय होना चाहिए। अनूप जी जीतेंगे तो सिर्फ गोपालगंज ही नहीं, दूसरे जगहों पर भी भाजपा की हिम्मत नहीं होगी कि अपनी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के साथ ऐसी गलती करें। उनका हक मारा जाए।
पढे़ं: 'तेजाब से जलाने वालों को तेजस्वी ने टिकट दिया है', सांसद मनोज तिवारी का राजद पर हमला
इससे पहले अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि वो साल 1973 से पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। दो बार पहले भी चुनाव लड़ने का प्रयास किया लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने अवसर नहीं दिया। इस बार मेरी दावेदारी सबसे मजबूत थी लेकिन धनबल की वजह से किसी और टिकट दे दिया गया। पार्टी को मैंने चुनौती दी है कि अपने सर्वे को सार्वजनिक करें जिसमें यह बताया गया हो कि गोपालगंज से मेरी दावेदारी कमजोर है। पार्टी में आज जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ जो नाइंसाफ़ी हो रही है, इसके विरोध में मैंने स्वतंत्र तौर पर नामांकन कर प्राथमिक सदस्यता के साथ ही सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। प्रशांत किशोर जी का आभारी हूं कि इन्होंने मेरा समर्थन किया और अपना सहयोग दिया।
इस दौरान पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री सुभाष सिंह कुशवाहा, पार्टी के जिलाध्यक्ष राधा रमन मिश्रा, वरिष्ठ नेता सिराजुद्दीन, जिला महामंत्री योगेंद्र शर्मा समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।
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प्रशांत किशोर ने कहा कि हमने बिहार में कभी बूथ लुटेरों को देखा था। आज देख रहे हैं कि उम्मीदवारों को ही लूटा जा रहा है। बड़े नेता सारी नैतिकता को ताक पर रखते हुए दूसरे दलों के उम्मीदवार को डरा धमका रहे हैं। ऐसी स्थिति में ही हमारे पास कोई और विकल्प नहीं था। अनूप जी का गोपालगंज में काम बढ़िया रहा है। भाजपा में लंबा अनुभव रहा है। इनके साथ भी नाइंसाफ़ी हुई है। इन्होंने वर्षों से पार्टी के लिए तपस्या की, लेकिन पार्टी ने इन्हें अनदेखा करते हुए दूसरे को उम्मीदवार बनाया। इन्होंने निर्दलीय नामांकन किया है और हमने आपस में विचार विमर्श कर निर्णय लिया कि इन्हें समर्थन दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि जनसुराज अनूप श्रीवास्तव को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर रहा है। चुनाव चिह्न अलग है, लेकिन जन सुराज इन्हें पूरी तरह से मदद करेगा। एक और एक मिलकर ग्यारह होगा। हमें उम्मीद है कि गोपालगंज की जनता और भाजपा से जुड़ा हर व्यक्ति जिसे लगता है कि इनके साथ धोखा हुआ है वो सुनिश्चित करेंगे कि गोपालगंज में अनूप जी जीतेंगे और भाजपा हारेगी।
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प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि गोपालगंज से हमारे प्रत्याशी बड़े डॉक्टर शशि शेखर सिन्हा को बहुत दबाव देकर उनका नामांकन वापस कराया गया। नामांकन वापस लेने से पहले उन्होंने हमसे बात की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से वापस लिया है लेकिन यह बात विश्वसनीय नहीं है। उनकी वजह से जन सुराज के किसी कार्यकर्ता का हक मारा गया। इसलिए इस गलती को सुधारने के लिए हमने यह निर्णय लिया है। अगर अनूप जी भाजपा से चुनाव लड़ते, डॉक्टर साहब जन सुराज से लड़ते तो जनता के पास कई बेहतर विकल्प रहते। लेकिन अब ऐसा नहीं है। भाजपा ने गोपालगंज की जिस जनता के साथ यह दोहरी नाईंसाफ़ी की है, उसका जवाब जनता को देना होगा।
वहीं एक सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि गोपालगंज में विशेष परिस्थिति में ऐसा निर्णय किया गया है। हमलोग दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में ऐसा नहीं करेंगे। हम दोनों के साथ एक ही संगठन ने नाइंसाफ़ी की है इसलिए हम पर गोपालगंज की जनता का भी दबाव था कि अनूप जी के साथ न्याय होना चाहिए। अनूप जी जीतेंगे तो सिर्फ गोपालगंज ही नहीं, दूसरे जगहों पर भी भाजपा की हिम्मत नहीं होगी कि अपनी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के साथ ऐसी गलती करें। उनका हक मारा जाए।
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इससे पहले अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि वो साल 1973 से पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। दो बार पहले भी चुनाव लड़ने का प्रयास किया लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने अवसर नहीं दिया। इस बार मेरी दावेदारी सबसे मजबूत थी लेकिन धनबल की वजह से किसी और टिकट दे दिया गया। पार्टी को मैंने चुनौती दी है कि अपने सर्वे को सार्वजनिक करें जिसमें यह बताया गया हो कि गोपालगंज से मेरी दावेदारी कमजोर है। पार्टी में आज जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ जो नाइंसाफ़ी हो रही है, इसके विरोध में मैंने स्वतंत्र तौर पर नामांकन कर प्राथमिक सदस्यता के साथ ही सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। प्रशांत किशोर जी का आभारी हूं कि इन्होंने मेरा समर्थन किया और अपना सहयोग दिया।
इस दौरान पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री सुभाष सिंह कुशवाहा, पार्टी के जिलाध्यक्ष राधा रमन मिश्रा, वरिष्ठ नेता सिराजुद्दीन, जिला महामंत्री योगेंद्र शर्मा समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।