Bihar: सीवान में सड़क हादसे के बाद भड़की भीड़, पुलिस की देरी पर उबला गुस्सा; लोगों ने आगजनी कर सड़क जाम किया
Bihar News: घटना के बाद लोगों ने डायल 112 और नगर थाना पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि तीन घंटे तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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मंगलवार की शाम सिसवन ढाला के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस के देर से पहुंचने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने सीवान-सिसवन मुख्य मार्ग पर आगजनी कर जाम लगा दिया। करीब पांच घंटे तक जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मृतका की पहचान हुसैनगंज थाना क्षेत्र के छाता गांव निवासी अफरोज अली की पुत्री शबनम खातून (15 वर्ष) के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम को दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इसी दौरान सिवान की ओर से आ रही बाइक पर बैठी शबनम गिर गई और बगल से गुजर रहे ट्रक की चपेट में आ गई। ट्रक के नीचे आने से शबनम की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।
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घटना के बाद लोगों ने डायल 112 और नगर थाना पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि तीन घंटे तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ बढ़ती गई और सिवान–सिसवन मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम हो गया। देर से पहुंची पुलिस को मौके पर लोगों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। घटनास्थल पर पहुंचे अंचलाधिकारी के साथ भी लोगों ने हंगामा किया और वरीय अधिकारियों को बुलाने की मांग की।
स्थिति को संभालने के लिए सदर एसडीओ आशुतोष कुमार गुप्ता स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। एसडीओ ने बताया कि चुनाव ड्यूटी में पुलिस बल व्यस्त होने के कारण आने में विलंब हुआ। सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी और मैं स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
मृतका के भाई के अनुसार, शबनम तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। हादसे के समय वह अपने जीजा के साथ बाजार जा रही थी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सिवान पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। देर से पहुंचने और संवेदनहीन रवैये को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।