जातिगत जनगणना: तेजस्वी यादव ने पीएम को लिखा पत्र, बोले- मोदी जी ने बिहार के सीएम का किया अपमान
जातिगत जनगणना को लेकर बिहार में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों एक साथ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर जनगणना कराने का आग्रह किया है। बिहार में भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतक दल जातिगत जनगणना कराने के पक्ष में हैं।
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बिहार विधान सभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने जातिगत जनगणना की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने जातिगत जनगणना पर बैठक नहीं कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अपमान किया है, जबकि पीएम अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर बैठक करने का अनुरोध किया था।
Bihar: Leader of Opposition & RJD leader Tejashwi Yadav writes to PM Narendra Modi, demanding a caste census pic.twitter.com/VKvPt6fJ6p
— ANI (@ANI) August 13, 2021विज्ञापन
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है "जबतक जातिगत जनगणना नहीं होगी, तब तक पिछड़ी, अति पिछड़ी जातियों की शैक्षणिक, सामाजिक, राजनीतिक व अर्थिक स्थिति का न तो सही तौर पर आकलन होगा और नहीं उनकी बेहतरी व उत्थान के लिए समुचित नीति निर्धारण हो पाएगा।
जातिगत जनगणना विकास की योजनाओं के लिए जरूरी
पटना में पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने पत्र जारी किया। पत्र में राजद नेता ने लिखा कि वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना में युगों-युगों से उत्पीड़ित, उपहासित, उपेक्षित और वंचित पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्गों की जातीय जनगणना नहीं कराने की सरकार द्वारा संसद में दी गई लिखित सूचना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लिखा है कि पिछड़े-अति पिछड़े युगों से अपेक्षित प्रगति नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में जातिगत जनगणना विकास की योजनाओं का रोडमैप तैयार करने के लिए आवश्यक है। गौरतलब है कि बिहार में भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दल जातिगत जनगणना कराने के पक्ष में हैं।