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संघ की मंशा से देश को सावधान करना हमारा राजनीतिक दायित्व: राजद उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Updated Mon, 05 Feb 2018 07:46 PM IST
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शिवानंद तिवारी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत अपने 10 दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे हैं। इस दौरान वह बिहार के कई जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे और 15 फरवरी को बिहार से वापसी करेंगे। भागवत के बिहार आते ही सियासी खुमारी बढ़ने लगी है। नेताओं की राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के आरएसएस पर दिए गए बयान पर राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने पलटवार करते हुए कहा है कि, 'सुशील मोदी कहते हैं संघ को समझना बहुत कठिन है, लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता है।'
शिवानंद तिवारी ने कहा, 'गोलवरकर जी से लेकर संघ के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ता ही संघ का मकसद सार्वजनिक रूप से बयान करते रहते हैं। गाहे-बगाहे इन सभी ने देश के संविधान को नकारा और इसे बदलने की बात करते रहते हैं। लेकिन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान ने हमें वोट का अधिकार दिया है। अनुसूचित जातियों, पिछड़ों और आदिवासियों को आरक्षण का अधिकार दिया है। भारत का संविधान यहां पैदा हुए हर नागरिक को बराबरी का अधिकार देता है। हम इन अधिकारों को खोना नहीं चाहते हैं।'
शिवानंद तिवारी ने आरएसएस के सिद्धांतों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि संघ के लिए आदर्श संविधान का आधार मनु स्मृति है। उन्होंने कहा कि, 'एक समय था जब मनु स्मृति के मुताबिक समाज चलता था। उस समय समाज का बड़ा हिस्सा मानवीय गरिमा से वंचित था। हम फिर से उस पुराने दिनों को वापस नहीं आने देना चाहते हैं। इसलिए संघ की विचारधारा का विरोध करना और इसकी मंशा से देश को सावधान करते रहना हमारा राजनीतिक दायित्व है। वह हम कर रहे हैं।'
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इससे पहले लालू यादव की अनुपस्थिति में राजद की कमान संभाल रहे तेजस्वी यादव ने कहा है कि मोहन भागवत समय से पहले विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए बिहार का दौरा कर रहे हैं।
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शिवानंद तिवारी ने कहा, 'गोलवरकर जी से लेकर संघ के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ता ही संघ का मकसद सार्वजनिक रूप से बयान करते रहते हैं। गाहे-बगाहे इन सभी ने देश के संविधान को नकारा और इसे बदलने की बात करते रहते हैं। लेकिन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान ने हमें वोट का अधिकार दिया है। अनुसूचित जातियों, पिछड़ों और आदिवासियों को आरक्षण का अधिकार दिया है। भारत का संविधान यहां पैदा हुए हर नागरिक को बराबरी का अधिकार देता है। हम इन अधिकारों को खोना नहीं चाहते हैं।'
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शिवानंद तिवारी ने आरएसएस के सिद्धांतों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि संघ के लिए आदर्श संविधान का आधार मनु स्मृति है। उन्होंने कहा कि, 'एक समय था जब मनु स्मृति के मुताबिक समाज चलता था। उस समय समाज का बड़ा हिस्सा मानवीय गरिमा से वंचित था। हम फिर से उस पुराने दिनों को वापस नहीं आने देना चाहते हैं। इसलिए संघ की विचारधारा का विरोध करना और इसकी मंशा से देश को सावधान करते रहना हमारा राजनीतिक दायित्व है। वह हम कर रहे हैं।'
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इससे पहले लालू यादव की अनुपस्थिति में राजद की कमान संभाल रहे तेजस्वी यादव ने कहा है कि मोहन भागवत समय से पहले विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए बिहार का दौरा कर रहे हैं।