'ऋषि-मुनि भी खाते थे गोमांस, वेद-पुराणों में जिक्र'
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हिंदुओं के गोमांस खाने वाले बयान पर अभी तक फजीहत झेल रहे राष्ट्रीय जनता दल नेता लालू यादव के बाद अब उनके एक खास ने भी ऐसा बयान दे डाला है जिस पर बवाल मचना शुरू हो गया है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ राजद नेता रघुवंश प्रसाद ने ऋषि-मुनियों के ही बीफ खाने की बात कह डाली है। प्रसाद के अनुसार देश में काफी समय से बीफ खाने का चलन है, इसे बुरा नहीं माना जा सकता। ऋषि-मुनि भी बीफ खाते थे। वेद पुराणों में भी इसका जिक्र है।
इसलिए वेद पुराणों में लिखी बातों को झुठलाकर उस पर इतना हंगामा करना गलत है। रघुवंश ने इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को भी नहीं बख्शा। कहा वो अपनी मर्यादा भूलकर गाली गलौज पर उतर आए हैं। उन्हें अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
संत समाज ने जताई आपत्ति
वहीं गो मांस पर रघुवंश का यह बयान आते ही हंगामा मच गया। साधु संतों में उनके बयान को लेकर जबरदस्त रोष फैल गया। राष्ट्रीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष आचार्य नरेन्द्र गिरी ने भी रघुवंश के बयान पर घोर आपत्ति जताई।
कहा भारत में कभी साधु संतों ने गोमांस नहीं खाया। न ही वेद पुराणों में ऐसा कोई जिक्र है। वेद पुराणों के बारे में न जानने वाला ही ऐसा बयान दे सकता है।
वहीं रघुवंश के इस बयान पर भाजपा ने भी आपत्ति जताई। केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि राजद का पूरा कुनबा पागल हो गया है जो इस तरह के बयान दे रहा है।
पहले लालू यादव गोमांस पर अनाप शनाप बयान देते हैं अब उनके साथी इसी तरह की बातें कर रहे हैं। रघुवंश के इस बयान पर अन्य हिंदू संगठनों के तेवर भी तल्ख हो गए हैं। उन्होंने भी राजद नेता की जबरदस्त आलोचना की है।
विरोधी ही नहीं अब सहयोगी कांग्रेस ने भी रघुवंश के इस बयान पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने नेता राशिद अल्वी ने रघुवंश प्रसाद के इस बयान की निंदा करते हुए इसे भावनाएं भड़काने वाला बताया।