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Bihar: बारिश थमी, फिर भी नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी; पांच प्रखंडों के 30 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में
Wed, 30 Aug 2023 08:46 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 30 Aug 2023 08:46 PM IST
सार
Sitamarhi Flood: स्थनीय लोगों का कहना है कि बागमती नदी की गहराई लगभग 20 फुट है और उस पर एक ही नाव चल रही है। प्रशासन के द्वारा एक ही नाव दी गई है। इसके कारण, नदी के उस पार बसे लोग जो बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। उन्हें वहां से निकलने में काफी परेशानी हो रही है।
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रिहायशी इलाके में भरा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के सीतामढ़ी जिले में बारिश थमने के बावजूद जिले की नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। जहां एक तरफ बागमती नदी का जलस्तर ढेंग घाट पर खतरे के निशान से नीचे आ चुका है। वहीं, डूबाधार और कटौझा घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इसके अलावा परिहार में अधवारा समूह की नदियों के भी जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। इस कारण जिले के पांच प्रखंडों के करीब-करीब 30 गांवों में अभी भी बाढ़ जैसे हालात हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर राहत जैसे हालात सामने आ रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक, रुन्नीसैदपुर और बैरगनिया में बाढ़ के पानी से लोगों को काफी तबाही झेलनी पड़ रही है। रून्नीसैदपुर के सात तो बैरगनिया के तीन गांव अभी बाढ़ से घिरे हुए हैं। इसके अलावा, परिहार, सोनबरसा, सुरसंड और मेजरगंज के बाढ़ से घिरे डेढ़ दर्जन गांव में बाढ़ का पानी कम होने लगा है। लेकिन, बाढ़ जैसे हालात अभी भी बने हुए हैं। इन सभी जगहों पर सड़क संपर्क भी टूटा हुआ है। बैरगनिया प्रखंड के पिपराही सुल्तान, अख्ता और तकिया टोला में पानी घटने लगा है।
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इधर, परिहार प्रखंड के लहुरिया बाजार मुख्य सड़क पार अभी बाढ़ का पानी बरकरार है। हालांकि, पानी में कमी दर्ज की जा रही है। वहीं, रुन्नीसैदपुर प्रखंड क्षेत्र सात गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इनमें रून्नीसैदपुर उत्तरी, बागमती नदी के मुख्य धार से जुड़ा गांव रक्क्सिया, खड़का, मधोल, भरथी, बहराम नगर तिलकताजपुर और मधोलशनी गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। यहां लोग ऊंची जगह की तलाश में हैं। वहीं, कुछ लोग ऊंचे स्थान की शरण ले चुके हैं।
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स्थनीय लोगों का कहना है कि बागमती नदी की गहराई लगभग 20 फुट है और उस पर एक ही नाव चल रही है। प्रशासन के द्वारा एक ही नाव दी गई है। इसके कारण, नदी के उस पार बसे लोग जो बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। उन्हें वहां से निकलने में काफी परेशानी हो रही है। लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
| नदी का नाम | खतरे का निशान | वर्तमान जलस्तर |
| बागमती ढेंग | 71.00 मी | 70.50 मी |
| सोनाखान | 68.80 मी | 68.90 मी |
| डूबाधार | 61.28 मी | 61.50 मी |
| चंदौली | 59.06 मी | 59.05 मी |
| कटौझा | 55.00 मी | 56.73 मी |
| झीम सोनबरसा | 81.85 मी | 79.84 मी |
| अधवारा सुंदरपुर | 61.70 मी | 60.00 मी |
| पुपरी | 55.79 मी | 52.00 मी |
| लालबेकिया | 71.12मी | 71.30 मी |