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Bihar News: बिहार के सूर्य शेखर ने रचा इतिहास, अंतरराष्ट्रीय कोडिंग प्रतियोगिता 2026 में हासिल किया पहला स्थान
Sun, 08 Feb 2026 08:05 AM IST
पूर्णिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Sun, 08 Feb 2026 08:05 AM IST
सार
बिहार के पूर्णिया जिले के निवासी सूर्य शेखर ने अहमदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कोडिंग प्रतियोगिता 2026 में पहला स्थान हासिल कर भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन किया है।
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विजेता सूर्य शेखर को सम्मानित करते लारावेल फ्रेमवर्क के संस्थापक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार की मिट्टी ने एक बार फिर अपनी मेधा का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया है। पूर्णिया जिले के निवासी सूर्य शेखर ने अहमदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कोडिंग प्रतियोगिता 2026 में पहला स्थान हासिल कर न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन किया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सूर्य शेखर अब दुनिया के उभरते हुए सर्वश्रेष्ठ सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। यह विश्वस्तरीय प्रतियोगिता दुनिया की प्रतिष्ठित टेक कंपनियों के सहयोग से और प्रसिद्ध वेब फ्रेमवर्क लारावेल (Laravel) की देखरेख में आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और जापान समेत 20 से अधिक विकसित देशों के करीब 1200 चुनिंदा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।
कड़े राउंड, जटिल चुनौतियां और सूर्य की शानदार जीत
प्रतियोगिता के दौरान कोडिंग के जटिलतम लॉजिक्स को सुलझाने, तकनीकी दक्षता दिखाने और आधुनिक सॉफ्टवेयर चुनौतियों का समाधान करने जैसे कई कड़े राउंड आयोजित किए गए थे। सूर्य शेखर ने अपनी तार्किक क्षमता और बेहतरीन कोडिंग स्किल्स के दम पर सभी वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए सर्वोच्च स्थान हासिल किया।
टेलर ओटवेल ने किया सम्मानित, मिला MacBook M4
सूर्य की इस असाधारण सफलता पर लारावेल फ्रेमवर्क के संस्थापक और दुनिया के दिग्गज प्रोग्रामर टेलर ओटवेल (Taylor Otwell) ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। सम्मान के तौर पर सूर्य को नवीनतम MacBook M4 प्रदान किया गया। सूर्य शेखर ने बताया कि टेलर ओटवेल जैसे तकनीकी विजनरी से मिलना और उनसे भविष्य की तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वेब डेवलपमेंट पर चर्चा करना उनके जीवन का सबसे सुखद अनुभव रहा।
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माता-पिता और बड़े भाई को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस बड़ी उपलब्धि पर सूर्य शेखर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनकी इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता और बड़े भाई राजशेखर का मार्गदर्शन है। उल्लेखनीय है कि राजशेखर खुद एक अनुभवी सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं, जिन्होंने सूर्य को तकनीक की बारीकियों से रूबरू कराया।
सूर्य ने कहा, “यह जीत मेरे करियर का एक बड़ा पड़ाव है। मुझे उम्मीद है कि इससे छोटे शहरों के दूसरे छात्रों को भी बड़े वैश्विक लक्ष्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।”
बिहार में जश्न का माहौल, युवाओं के लिए बनी मिसाल
सूर्य शेखर की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता की खबर मिलते ही पूर्णिया समेत पूरे बिहार में जश्न का माहौल है। सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं। शिक्षाविदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि को बिहार के युवाओं के लिए एक मील का पत्थर बताया है। यह सफलता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन और उचित अवसर मिलें, तो वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी किसी से पीछे नहीं हैं।
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कड़े राउंड, जटिल चुनौतियां और सूर्य की शानदार जीत
प्रतियोगिता के दौरान कोडिंग के जटिलतम लॉजिक्स को सुलझाने, तकनीकी दक्षता दिखाने और आधुनिक सॉफ्टवेयर चुनौतियों का समाधान करने जैसे कई कड़े राउंड आयोजित किए गए थे। सूर्य शेखर ने अपनी तार्किक क्षमता और बेहतरीन कोडिंग स्किल्स के दम पर सभी वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए सर्वोच्च स्थान हासिल किया।
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टेलर ओटवेल ने किया सम्मानित, मिला MacBook M4
सूर्य की इस असाधारण सफलता पर लारावेल फ्रेमवर्क के संस्थापक और दुनिया के दिग्गज प्रोग्रामर टेलर ओटवेल (Taylor Otwell) ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। सम्मान के तौर पर सूर्य को नवीनतम MacBook M4 प्रदान किया गया। सूर्य शेखर ने बताया कि टेलर ओटवेल जैसे तकनीकी विजनरी से मिलना और उनसे भविष्य की तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वेब डेवलपमेंट पर चर्चा करना उनके जीवन का सबसे सुखद अनुभव रहा।
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माता-पिता और बड़े भाई को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस बड़ी उपलब्धि पर सूर्य शेखर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनकी इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता और बड़े भाई राजशेखर का मार्गदर्शन है। उल्लेखनीय है कि राजशेखर खुद एक अनुभवी सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं, जिन्होंने सूर्य को तकनीक की बारीकियों से रूबरू कराया।
सूर्य ने कहा, “यह जीत मेरे करियर का एक बड़ा पड़ाव है। मुझे उम्मीद है कि इससे छोटे शहरों के दूसरे छात्रों को भी बड़े वैश्विक लक्ष्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।”
बिहार में जश्न का माहौल, युवाओं के लिए बनी मिसाल
सूर्य शेखर की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता की खबर मिलते ही पूर्णिया समेत पूरे बिहार में जश्न का माहौल है। सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं। शिक्षाविदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि को बिहार के युवाओं के लिए एक मील का पत्थर बताया है। यह सफलता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन और उचित अवसर मिलें, तो वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी किसी से पीछे नहीं हैं।